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Ambala News: बेसहारा गोवंश ने महिला पर किया हमला, भागकर बचाई जान
Sun, 14 Dec 2025 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 14 Dec 2025 12:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। बेसहारा पशुओं से इन दिनों क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। ये पशु हिंसक होकर कई बार लोगों पर हमला कर चुके हैं। लोग बार-बार प्रशासन से इन पशुओं को पकड़ने की गुहार लगा चुके हैं। शुक्रवार को भी दूध लेकर जा रही एक महिला पर बेसहारा गाय ने हमला कर दिया। महिला को किसी तरह दौड़कर अपनी जान बचानी पड़ी। मुख्य बाज़ार, स्कूलों के आसपास, बस स्टैंड और कॉलोनियों में बेसहारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाने से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। ये पशु हिंसक होकर किसी पर भी टूट पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। सड़कों पर झुंड में घूमते हैं, कभी भी हमला कर देते हैं। रात के समय तो हालात और खतरनाक हो जाते हैं। कई बार बाइक सवार चोटिल हुए हैं। प्रशासन सिर्फ बैठक करता है, जमीनी स्तर पर कुछ नहीं। एडवोकेट अमित कुमार गर्ग ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 21, 38,39 और 355 के तहत अपने नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करना केंद्र और राज्य की सरकार की जिम्मेदारी है और वो इसके लिए बाध्य भी हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा जाए व नियमित गश्त बढ़ाई जाए। उल्लेखनीय है कि गत वर्षो में हिंसक बेसहारा जानवरों से दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल भी होते रहते हैं
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बराड़ा। बेसहारा पशुओं से इन दिनों क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। ये पशु हिंसक होकर कई बार लोगों पर हमला कर चुके हैं। लोग बार-बार प्रशासन से इन पशुओं को पकड़ने की गुहार लगा चुके हैं। शुक्रवार को भी दूध लेकर जा रही एक महिला पर बेसहारा गाय ने हमला कर दिया। महिला को किसी तरह दौड़कर अपनी जान बचानी पड़ी। मुख्य बाज़ार, स्कूलों के आसपास, बस स्टैंड और कॉलोनियों में बेसहारा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई बार वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ जाने से दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। ये पशु हिंसक होकर किसी पर भी टूट पड़ते हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। सड़कों पर झुंड में घूमते हैं, कभी भी हमला कर देते हैं। रात के समय तो हालात और खतरनाक हो जाते हैं। कई बार बाइक सवार चोटिल हुए हैं। प्रशासन सिर्फ बैठक करता है, जमीनी स्तर पर कुछ नहीं। एडवोकेट अमित कुमार गर्ग ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 21, 38,39 और 355 के तहत अपने नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करना केंद्र और राज्य की सरकार की जिम्मेदारी है और वो इसके लिए बाध्य भी हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा जाए व नियमित गश्त बढ़ाई जाए। उल्लेखनीय है कि गत वर्षो में हिंसक बेसहारा जानवरों से दो लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल भी होते रहते हैं