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Ambala News: कुत्तों की नसबंदी का काम रुका, मासूम बन रहे निशाना
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सिटी नागरिक अस्पताल में घाव धोने के लिए बनाया जा रहा विशेष स्थान। संवाद
अंबाला सिटी। जिला अंबाला में आवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि नागरिक अस्पतालों में रोजाना 35 से 40 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आ रहे हैं।
बच्चों से लेकर बुजुर्ग भी कुत्तों के निशाने पर हैं। नगर परिषद और नगर निगम में भी कुत्तों की नसबंदी का काम बंद हो गया है। अंबाला सिटी में पिछले दो महीने से नसबंदी का काम बंद किया हुआ है।
इधर अंबाला छावनी नगर परिषद में भी नया टेंडर नहीं लगाया गया है। ऐसे में आए दिन आवारा कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। नसबंदी का काम रुकने के कारण कुत्तों की तादाद में इजाफा हो रहा है। इधर स्वास्थ्य विभाग भी वैक्सीन पर हर महीने एक लाख रुपये से अधिक खर्च कर रहा है लेकिन जिला प्रशासन ने नसबंदी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
चिड़चिड़ा स्वभाव भी बना रहा आक्रामक
वेटनरी चिकित्सक डॉ़ कमल ने बताया कि कुत्ते आमतौर पर पहले हमला नहीं करते हैं। कुछ लोग उन्हें परेशान करते हैं जिससे वे स्वभाव से चिड़चिड़े हो जाते हैं। इसलिए वे लोगों से खतरा महसूस करते हैं और उनपर हमला कर देते हैं।
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सहवास के समय या फिर सोते समय भी किसी कुत्ते को परेशान नहीं करना चाहिए। वर्ष में एक बार कुत्तों में हीट साइकिल पर होते हैं। हीट निकलने के समय कुत्ते बहुत आक्रामक हो जाते हैं।
घाव धाेने के लिए बनना शुरू हुई विशेष जगह
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रेबिज के खतरे को कम करने के लिए सिटी नागरिक अस्पताल में घाव धाने के लिए विशेष जगह बनाई जा रही है। सिटी नागरिक अस्पताल में इसके लिए निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
कुत्तों की नसबंदी करवाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही टेंडर लगाकर नसबंदी का काम शुरू करवा दिया जाएगा।
विनोद बेनिवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद अंबाला छावनी।
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बच्चों से लेकर बुजुर्ग भी कुत्तों के निशाने पर हैं। नगर परिषद और नगर निगम में भी कुत्तों की नसबंदी का काम बंद हो गया है। अंबाला सिटी में पिछले दो महीने से नसबंदी का काम बंद किया हुआ है।
इधर अंबाला छावनी नगर परिषद में भी नया टेंडर नहीं लगाया गया है। ऐसे में आए दिन आवारा कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। नसबंदी का काम रुकने के कारण कुत्तों की तादाद में इजाफा हो रहा है। इधर स्वास्थ्य विभाग भी वैक्सीन पर हर महीने एक लाख रुपये से अधिक खर्च कर रहा है लेकिन जिला प्रशासन ने नसबंदी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
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चिड़चिड़ा स्वभाव भी बना रहा आक्रामक
वेटनरी चिकित्सक डॉ़ कमल ने बताया कि कुत्ते आमतौर पर पहले हमला नहीं करते हैं। कुछ लोग उन्हें परेशान करते हैं जिससे वे स्वभाव से चिड़चिड़े हो जाते हैं। इसलिए वे लोगों से खतरा महसूस करते हैं और उनपर हमला कर देते हैं।
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सहवास के समय या फिर सोते समय भी किसी कुत्ते को परेशान नहीं करना चाहिए। वर्ष में एक बार कुत्तों में हीट साइकिल पर होते हैं। हीट निकलने के समय कुत्ते बहुत आक्रामक हो जाते हैं।
घाव धाेने के लिए बनना शुरू हुई विशेष जगह
स्वास्थ्य विभाग की ओर से रेबिज के खतरे को कम करने के लिए सिटी नागरिक अस्पताल में घाव धाने के लिए विशेष जगह बनाई जा रही है। सिटी नागरिक अस्पताल में इसके लिए निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
कुत्तों की नसबंदी करवाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही टेंडर लगाकर नसबंदी का काम शुरू करवा दिया जाएगा।
विनोद बेनिवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद अंबाला छावनी।