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कोरोना में अभिभावकों को खो चुके बच्चों का पालन पोषण करेगी बाल कल्याण परिषद
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। कोरोना से अपने अभिभावकों को खो देने वाले बच्चों की जिम्मेवारी अब हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद लेगा। परिषद के महासचिव प्रवीण अत्री ने कहा है कि किसी भी बच्चे का भविष्य अंधकारमय नहीं होने दिया जाएगा। कोविड-19 महामारी ने जिन बच्चों के परिवार को लील लिया है, उनका पालन पोषण हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद करेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा चलाए जा रहे होम्स में बच्चों के पालन पोषण की पूरी व्यवस्था हैं। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा चलाए जा रहे होम बच्चों का एक परिवार हैं। जहां बच्चों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद महासंकट के समय में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के हर बच्चे के साथ अभिभावक की तरह खड़ी है और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही परिषद का मुख्य उद्देश्य है।
प्रवीण अत्री ने बताया कि जिन बच्चों के अभिभावक इस दुनिया में नहीं हैं। उनके जानकार बच्चों के पालन पोषण के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और नजदीकी जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बाल भवनों में संपर्क स्थापित कर सूचना दे सकते हैं। सूचना उपरांत कानूनी कार्यवाही पूरी कर ऐसे बच्चों को परिषद सहारा प्रदान करते हुए उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी का वहन करेगी।
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बेसहारा बच्चे को गोद देना या लेना गैरकानूनी
प्रवीण अत्री ने बताया बेसहारा बच्चे को बिना कानूनी कार्यवाही पूरी किए गोद लेना या देना पूरी तरह गैरकानूनी है। बेसहारा बच्चे को गोद देना या लेना कानूनी प्रक्रिया के तहत आता है जोकि केंद्र सरकार की एजेंसी केंद्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी कारा की देखरेख में होता है। बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और उसके लिए संबंधित साइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही बच्चा गोद दिया जाता है।
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अंबाला सिटी। कोरोना से अपने अभिभावकों को खो देने वाले बच्चों की जिम्मेवारी अब हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद लेगा। परिषद के महासचिव प्रवीण अत्री ने कहा है कि किसी भी बच्चे का भविष्य अंधकारमय नहीं होने दिया जाएगा। कोविड-19 महामारी ने जिन बच्चों के परिवार को लील लिया है, उनका पालन पोषण हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद करेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा चलाए जा रहे होम्स में बच्चों के पालन पोषण की पूरी व्यवस्था हैं। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा चलाए जा रहे होम बच्चों का एक परिवार हैं। जहां बच्चों को सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद महासंकट के समय में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के हर बच्चे के साथ अभिभावक की तरह खड़ी है और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही परिषद का मुख्य उद्देश्य है।
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प्रवीण अत्री ने बताया कि जिन बच्चों के अभिभावक इस दुनिया में नहीं हैं। उनके जानकार बच्चों के पालन पोषण के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और नजदीकी जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बाल भवनों में संपर्क स्थापित कर सूचना दे सकते हैं। सूचना उपरांत कानूनी कार्यवाही पूरी कर ऐसे बच्चों को परिषद सहारा प्रदान करते हुए उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी का वहन करेगी।
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बेसहारा बच्चे को गोद देना या लेना गैरकानूनी
प्रवीण अत्री ने बताया बेसहारा बच्चे को बिना कानूनी कार्यवाही पूरी किए गोद लेना या देना पूरी तरह गैरकानूनी है। बेसहारा बच्चे को गोद देना या लेना कानूनी प्रक्रिया के तहत आता है जोकि केंद्र सरकार की एजेंसी केंद्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी कारा की देखरेख में होता है। बच्चा गोद लेने के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और उसके लिए संबंधित साइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही बच्चा गोद दिया जाता है।