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Ambala News: कैंट विधानसभा क्षेत्र में 3.36 करोड़ से संवरेंगी छह सड़कें
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट विधानसभा क्षेत्र के निवासियों और ग्रामीणों को सौगात मिलेगी। लोक निर्माण विभाग की प्रांतीय डिवीजन नंबर-1 ने वर्ष 2026-27 के कार्य कार्यक्रम के तहत क्षेत्र की 6 प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण की व्यापक योजना तैयार की है। करीब 3,36,33,248 रुपये यानी 3.36 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट के तहत सड़कों के सुदृढ़ीकरण, इंटरलॉकिंग पैवर ब्लॉक लगाने, नाले के निर्माण और अत्याधुनिक रोड सेफ्टी साइन लगाने का कार्य किया जाएगा।
सड़कों की खस्ताहाल स्थिति के कारण लंबे समय से स्थानीय निवासियों और पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पंजाब सीमा से सटे इलाकों में कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
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इन 6 मुख्य मार्गों का होगा कायाकल्प
विभाग द्वारा तैयार एस्टीमेट के अनुसार 6 सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसमें जगाधरी-अंबाला से मुनरेहड़ी रोड (रोड आईडी 178) के 3.040 किमी लंबे हिस्से तक बिटुमिनस कंक्रीट और पैवर ब्लॉक का कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार
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पंजोखरा साहिब से तसिंबली (पंजाब बॉर्डर तक) 1.6 किमी लंबी सड़क पर रीसाइक्लिंग व डामरीकरण का कार्य किया जाएगा। वहीं अंबाला-नारायणगढ़ रोड से गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के 0.420 किमी हिस्से तक ड्राई लीन कंक्रीट और पैवर ब्लॉक, अप्रोच रोड से पंजोखरा गुरुद्वारा 0.50 किमी तक पैवर ब्लॉक का नवीनीकरण, मंडौर से धूलकोट पावर हाउस के 0.780 मिकी तक बिटुमिनस वर्क और डब्ल्यूबीएम लेयर और पंजोखरा से पंजोखरा फिरनी तक 0.550 मिकी तक पैवर ब्लॉक बिछाने का कार्य किया जाएगा।
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पर्यावरण-अनुकूल तकनीक और रीसाइक्लिंग का होगा इस्तेमाल
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें पुरानी बिटुमिनस सड़कों की कोल्ड मिलिंग तकनीक से कटाई कर सामग्री का रीसाइक्लिंग प्लांट में पुनः उपयोग किया जाएगा। करीब 673 क्यूबिक मीटर रीसाइकिल्ड बिटुमिनस मैकाडम बिछाया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि लागत में भी बचत होगी। इसके साथ ही गांव के आंतरिक व भारी यातायात वाले मार्गों पर 80 एमएम मोटाई वाले एम-40 ग्रेड के इंटरलॉकिंग पैवर ब्लॉक (लगभग 9,702 वर्ग मीटर) बिछाए जाएंगे। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आरसीसी साइड ड्रेन (नालों) का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल है।
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सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर-लगेंगे आधुनिक साइन बोर्ड व थर्मोप्लास्टिक मार्किंग
रात के समय हादसों पर अंकुश लगाने और चालकों की सुविधा के लिए सड़क सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके तहत थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग होगी। इसमें 898 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में रिफ्लेक्टिव ग्लास बीड्स युक्त थर्मोप्लास्टिक पेंट का कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार साइन बोर्ड व मार्कर के तहत कुल 16 इंफॉर्मेटरी बोर्ड, 13 कॉशनरी बोर्ड, 28 हजार्ड मार्कर और 1 विशाल कैंटिलीवर ओवरहेड साइन बोर्ड लगाया जाएगा। जबकि कैट आइज के तहत मोड़ व संवेदनशील स्थानों पर 150 रिफ्लेक्टिव रोड स्टड (कैट आइज) लगाए जाएंगे।
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कैंट हलके की 6 महत्वपूर्ण सड़कों के लिए एस्टीमेट को मंजूरी दे दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सड़कें जनता को समर्पित की जा सकें।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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अंबाला। कैंट विधानसभा क्षेत्र के निवासियों और ग्रामीणों को सौगात मिलेगी। लोक निर्माण विभाग की प्रांतीय डिवीजन नंबर-1 ने वर्ष 2026-27 के कार्य कार्यक्रम के तहत क्षेत्र की 6 प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण की व्यापक योजना तैयार की है। करीब 3,36,33,248 रुपये यानी 3.36 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट के तहत सड़कों के सुदृढ़ीकरण, इंटरलॉकिंग पैवर ब्लॉक लगाने, नाले के निर्माण और अत्याधुनिक रोड सेफ्टी साइन लगाने का कार्य किया जाएगा।
सड़कों की खस्ताहाल स्थिति के कारण लंबे समय से स्थानीय निवासियों और पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पंजाब सीमा से सटे इलाकों में कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
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इन 6 मुख्य मार्गों का होगा कायाकल्प
विभाग द्वारा तैयार एस्टीमेट के अनुसार 6 सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसमें जगाधरी-अंबाला से मुनरेहड़ी रोड (रोड आईडी 178) के 3.040 किमी लंबे हिस्से तक बिटुमिनस कंक्रीट और पैवर ब्लॉक का कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार
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पंजोखरा साहिब से तसिंबली (पंजाब बॉर्डर तक) 1.6 किमी लंबी सड़क पर रीसाइक्लिंग व डामरीकरण का कार्य किया जाएगा। वहीं अंबाला-नारायणगढ़ रोड से गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब के 0.420 किमी हिस्से तक ड्राई लीन कंक्रीट और पैवर ब्लॉक, अप्रोच रोड से पंजोखरा गुरुद्वारा 0.50 किमी तक पैवर ब्लॉक का नवीनीकरण, मंडौर से धूलकोट पावर हाउस के 0.780 मिकी तक बिटुमिनस वर्क और डब्ल्यूबीएम लेयर और पंजोखरा से पंजोखरा फिरनी तक 0.550 मिकी तक पैवर ब्लॉक बिछाने का कार्य किया जाएगा।
पर्यावरण-अनुकूल तकनीक और रीसाइक्लिंग का होगा इस्तेमाल
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें पुरानी बिटुमिनस सड़कों की कोल्ड मिलिंग तकनीक से कटाई कर सामग्री का रीसाइक्लिंग प्लांट में पुनः उपयोग किया जाएगा। करीब 673 क्यूबिक मीटर रीसाइकिल्ड बिटुमिनस मैकाडम बिछाया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि लागत में भी बचत होगी। इसके साथ ही गांव के आंतरिक व भारी यातायात वाले मार्गों पर 80 एमएम मोटाई वाले एम-40 ग्रेड के इंटरलॉकिंग पैवर ब्लॉक (लगभग 9,702 वर्ग मीटर) बिछाए जाएंगे। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आरसीसी साइड ड्रेन (नालों) का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल है।
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर-लगेंगे आधुनिक साइन बोर्ड व थर्मोप्लास्टिक मार्किंग
रात के समय हादसों पर अंकुश लगाने और चालकों की सुविधा के लिए सड़क सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके तहत थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग होगी। इसमें 898 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में रिफ्लेक्टिव ग्लास बीड्स युक्त थर्मोप्लास्टिक पेंट का कार्य किया जाएगा। इसी प्रकार साइन बोर्ड व मार्कर के तहत कुल 16 इंफॉर्मेटरी बोर्ड, 13 कॉशनरी बोर्ड, 28 हजार्ड मार्कर और 1 विशाल कैंटिलीवर ओवरहेड साइन बोर्ड लगाया जाएगा। जबकि कैट आइज के तहत मोड़ व संवेदनशील स्थानों पर 150 रिफ्लेक्टिव रोड स्टड (कैट आइज) लगाए जाएंगे।
कैंट हलके की 6 महत्वपूर्ण सड़कों के लिए एस्टीमेट को मंजूरी दे दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होते ही प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सड़कें जनता को समर्पित की जा सकें।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।