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Ambala News: दिन में सीएससी और रात में समूह के साथ बनाती हैं मोमबत्ती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Mar 2025 01:32 AM IST
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She does CSC in the day and makes candles with the group at night
गांव डेरा सलीमपुर की सविता रानी चला रही अटल सेवा केंद्र।
अंबाला। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएं अपने आप को सबल बनाने के लिए पुरुषों के बराबर काम कर रही हैं। बराड़ा के तंदवाल गांव की रहने वाली बेबी देवी और डेरा सलीमपुर की सविता रानी समूह बनाकर रोजगार पैदा कर रहीं हैं।
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वह खुद ही नहीं बल्कि अन्य महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ रहीं हैं। बेबी देवी गांव में अपने घर पर सीएससी सेंटर चलाकर ग्रामीणों की मदद कर रही हैं। वहीं रात के समय महिलाओं के साथ मिलकर वह मोमबत्ती निर्माण भी करती हैं। मोमबत्ती को बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेवारी भी वह महिलाओं के साथ पूरी करती हैं। ठीक इसी प्रकार सविता रानी सीएससी के साथ बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र भी चला रही हैं।
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16 ग्रुप की करती हैं देखरेख
बराड़ा के गांव तंदवाल निवासी बेबी देवी बताती हैं कि वह बारहवीं कक्षा तक पढ़ी हैं। उनके पति पवन कुमार निजी कंपनी में काम करते हैं। वर्ष 2018 में उनके गांव में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की और से कैथल से टीम आई थी। टीम के सदस्यों ने उन्हें स्वयं सहायता समूह की जानकारी दी और शामिल भी करवाया। इसके बाद बेबी रानी की मेहनत को देखते हुए उन्हें समूह सखी बना दिया गया। वर्तमान में वह 16 ग्रुप की देखरेख करती हैं। इन ग्रुपों में करीब 160 महिलाएं हैं।
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ग्रामीणों को मिल रही सीएससी की सेवाएं
डेरा सलीमपुर गांव की रहने वाली सविता रानी बताती हैं कि वह एमए बीएड हैं। वर्ष 2022 से वह अपने गांव में ही बैंक ग्राहक सेवा केंद्र और सीएससी सेंटर चला रही हैं। इसके लिए उन्होंने अंबाला शहर में 10 दिन तक ट्रेनिंग की थी। तब जाकर उन्हें सीएससी सेंटर मिला। इसके साथ ही उन्होंने समूह के माध्यम से ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान बीसी की ट्रेनिंग लेकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस का पेपर पास किया। अब वह गांव में बैंक की सेवाओं को गांव में ही उपलब्ध करवा रही हैं। साथ ही सीएससी के माध्यम से लोगों को डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं। अब स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तथा आस-पास के गांव के लोगों को शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि उनके बैंक से संबंधित सभी कार्य सरलता से गांव में ही हो रहे हैं।
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