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टास्क फोर्स का ‘कब्जा’ और ‘तनाव’ बरकरार
ब्ूयरो/अमर उजाला/ अंबाला
Updated Mon, 21 Jul 2014 12:45 AM IST
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हरियाणा के गुरुद्वारों में पंजाब से आए सिख नेताओं का ‘कब्जा’ और इस वजह से उपजा ‘तनाव’ दोनों बरकरार हैं। गुरुद्वारों में पंजाब से आने वाले सिख नेताओं की नफरी बढ़ रही है। हालांकि पंजाब सरकार ने इस मसले पर 22 जुलाई को शिअद नेताओं की बैठक बुलाई है। उसके बाद 27 जुलाई को एसजीपीसी अमृतसर में पंथक कांफ्रेंस का भी बुलावा है। तब तक पंजाब के इन सिख नेताओं को गुरुद्वारों पर कब्जा बरकरार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन सिखों की रोजाना की ड्यूटी बांट दी गई है।
एक दिन गुरुद्वारों पर ड्यूटी देने वाले टास्क फोर्स के सदस्य अगले दिन दूसरी टीम के सदस्यों के आने पर पंजाब रवाना हो जाते हैं जिस वजह से गुरुद्वारों में माहौल तनावग्रस्त बना हुआ है। अंबाला में भी दो सबसे बड़े गुरुद्वारों सिटी का मंजी साहिब और कैंट के पंजोखरा साहिब में टास्क फोर्स ने कब्जा जमा रखा है।
पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा साहिब में रविवार को पंजाब से आए जगदीश सिंह माछीवाड़ा, यूथ प्रधान पंजाब कर्मजीत सिंह, प्रधान नगर काउंसिल दलजीत सिंह गिल, तेजिंदर पाल बरार, डाक्टर अजय पाल सिंह गिल, युवा उपप्रधान पंजाब भूपेंद्र सिंह, गुरचरण सिंह ब्लाक चेयरमैन, देवेंद्र सिंह खन्ना, विधायक समराला जगजीवन सिंह, नछत्तर सिंह बांदली, हरजीत सिंह शेरिया मौजूद रहे।
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हालांकि इन सिख नेताओं का कहना है कि वे तो यहां गुरुद्वारा साहिब में दर्शन के लिए आए हैं लेकिन इन्होंने यह भी कहा कि जो भी यहां हरियाणा में हो रहा है वह ठीक नहीं हैं। सिख अपने कौम के मसलों में किसी को हस्तक्षेप नहीं करने देंगे। हरियाणा सरकार सिखों को बांटने में कभी कामयाब नहीं होगी। रात तक पंजोखरा साहिब में पंजाब से आए सिख नेताओं की मौजूदगी बनी रही।
हुड्डा ने सिखों को सीमाओं में बांटा : गरचा
शहर के मंजी साहिब गुरुद्वारे में भी रविवार को पूरा दिन सिख नेताओं की मौजूदगी बरकरार रही। इससे गुरुद्वारे में तनाव की स्थिति बनी रही। रविवार को पंजाब के पूर्व मंत्री जगजीत सिंह गरचा यहां पहुंचे थे जबकि स्थानीय एसजीपीसी अमृतसर के समर्थक भी उनके साथ मौजूद रहे। गरचा ने कहा कि कोई भी पंजाब का सिख नेता गुरुद्वारों पर कब्जा करने की नीयत से नहीं बैठा है।
वे केवल गुरुद्वारों को हुड्डा सरकार और उनके शरारती तत्वों से बचाने के लिए जमे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हुड्डा ने सिखों को हरियाणा और पंजाब की सीमाओं में बांट दिया है। यह हुड्डा का इलेक्शन स्टंट है। मैं सीएम हुड्डा से पूछना चाहता हूं कि अचानक चुनाव से कुछ समय पहले ही उन्हें हरियाणा के सिखों को उनका हक दिलाने की बात याद कैसे आ गई? उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा के सिखों से आह्वान करता हूं कि वे हुड्डा सरकार की साजिशों और करतूतों को समझें और मिलकर रहें। उन्होंने कहा कि वे यहां इकट्ठा जरूर हुए हैं, लेकिन हर काम शांतिपूर्वक ढंग से करेंगे। इस अवसर पर बाबा जीत सिंह, बीबी देवेंद्र कौर, एसएस बोर्ड मेंबर अकाली दल, अवनीत कौर, हरकीरत सिंह राणा, सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, गुरदीप सिंह भानोखेड़ी, निरंजन सिंह भानोखेड़ी, अमरीक सिंह बरनाल, अमरजीत मोहड़ी, बीएस बिंद्रा मौजूद रहे।
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एक दिन गुरुद्वारों पर ड्यूटी देने वाले टास्क फोर्स के सदस्य अगले दिन दूसरी टीम के सदस्यों के आने पर पंजाब रवाना हो जाते हैं जिस वजह से गुरुद्वारों में माहौल तनावग्रस्त बना हुआ है। अंबाला में भी दो सबसे बड़े गुरुद्वारों सिटी का मंजी साहिब और कैंट के पंजोखरा साहिब में टास्क फोर्स ने कब्जा जमा रखा है।
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पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा साहिब में रविवार को पंजाब से आए जगदीश सिंह माछीवाड़ा, यूथ प्रधान पंजाब कर्मजीत सिंह, प्रधान नगर काउंसिल दलजीत सिंह गिल, तेजिंदर पाल बरार, डाक्टर अजय पाल सिंह गिल, युवा उपप्रधान पंजाब भूपेंद्र सिंह, गुरचरण सिंह ब्लाक चेयरमैन, देवेंद्र सिंह खन्ना, विधायक समराला जगजीवन सिंह, नछत्तर सिंह बांदली, हरजीत सिंह शेरिया मौजूद रहे।
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हालांकि इन सिख नेताओं का कहना है कि वे तो यहां गुरुद्वारा साहिब में दर्शन के लिए आए हैं लेकिन इन्होंने यह भी कहा कि जो भी यहां हरियाणा में हो रहा है वह ठीक नहीं हैं। सिख अपने कौम के मसलों में किसी को हस्तक्षेप नहीं करने देंगे। हरियाणा सरकार सिखों को बांटने में कभी कामयाब नहीं होगी। रात तक पंजोखरा साहिब में पंजाब से आए सिख नेताओं की मौजूदगी बनी रही।
हुड्डा ने सिखों को सीमाओं में बांटा : गरचा
शहर के मंजी साहिब गुरुद्वारे में भी रविवार को पूरा दिन सिख नेताओं की मौजूदगी बरकरार रही। इससे गुरुद्वारे में तनाव की स्थिति बनी रही। रविवार को पंजाब के पूर्व मंत्री जगजीत सिंह गरचा यहां पहुंचे थे जबकि स्थानीय एसजीपीसी अमृतसर के समर्थक भी उनके साथ मौजूद रहे। गरचा ने कहा कि कोई भी पंजाब का सिख नेता गुरुद्वारों पर कब्जा करने की नीयत से नहीं बैठा है।
वे केवल गुरुद्वारों को हुड्डा सरकार और उनके शरारती तत्वों से बचाने के लिए जमे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हुड्डा ने सिखों को हरियाणा और पंजाब की सीमाओं में बांट दिया है। यह हुड्डा का इलेक्शन स्टंट है। मैं सीएम हुड्डा से पूछना चाहता हूं कि अचानक चुनाव से कुछ समय पहले ही उन्हें हरियाणा के सिखों को उनका हक दिलाने की बात याद कैसे आ गई? उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा के सिखों से आह्वान करता हूं कि वे हुड्डा सरकार की साजिशों और करतूतों को समझें और मिलकर रहें। उन्होंने कहा कि वे यहां इकट्ठा जरूर हुए हैं, लेकिन हर काम शांतिपूर्वक ढंग से करेंगे। इस अवसर पर बाबा जीत सिंह, बीबी देवेंद्र कौर, एसएस बोर्ड मेंबर अकाली दल, अवनीत कौर, हरकीरत सिंह राणा, सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, गुरदीप सिंह भानोखेड़ी, निरंजन सिंह भानोखेड़ी, अमरीक सिंह बरनाल, अमरजीत मोहड़ी, बीएस बिंद्रा मौजूद रहे।