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एसजीपीसी को जागीर न समझें बादल
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला कैंट
Updated Mon, 09 Jun 2014 12:15 AM IST
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हरियाणा में अलग एसजीपीसी बनाने के मुद्दे का पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के कड़ा विरोध जताने के बाद यहां हरियाणा की सिख राजनीति में उबाल आ गया है। हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एडहॉक के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। एचएसजीपीसी के पदाधिकारियों ने सीएम प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल से मिलने का फैसला भी कर लिया है। साथ ही दावा किया है कि हरियाणा में हर कीमत पर अलग एसजीपीसी का गठन होगा।
हुड्डा सरकार के प्रयासों में अड़ंगा न बनें बादल
हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एडहॉक के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि एसजीपीसी किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है। एसजीपीसी दुनिया भर में सिखों का प्रतिनिधित्व करती है। इसीलिए बादल बिना वजह एसजीपीसी पर राजनीति बंद करें। झींडा के अनुसार बादल हरियाणा के सिखों कोे एसजीपीसी के नाम पर अपना राजनीतिक गुलाम बनाकर रखना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। हरियाणा में हुड्डा सरकार अलग एसजीपीसी का प्रयास कर रही है। इसलिए बादल सरकार बिना वजह इसमें अड़ंगा न डालें। दिल्ली, हेमकुंड साहिब, पटना साहिब की तरह हरियाणा की अलग एसजीपीसी जरूर बनेंगी। उनके अनुसार इससे हरियाणा के गुरुद्वारों का चढ़ावा यही रहेगा और इससे यहां भी अस्पताल, कालेज व अन्य इंस्टीट्यूट खुलेंगे, जिसका लाभ हर वर्ग को होगा। झींडा के अनुसार यदि बादल साहिब हरियाणा को पंजाब का छोटा भाई कहते हैं तो छोटे भाई का हक न मारें और हरियाणा में अलग एसजीपीसी बनने में पंगा न डालें।
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हुड्डा सरकार के प्रयासों में अड़ंगा न बनें बादल
हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एडहॉक के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि एसजीपीसी किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है। एसजीपीसी दुनिया भर में सिखों का प्रतिनिधित्व करती है। इसीलिए बादल बिना वजह एसजीपीसी पर राजनीति बंद करें। झींडा के अनुसार बादल हरियाणा के सिखों कोे एसजीपीसी के नाम पर अपना राजनीतिक गुलाम बनाकर रखना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। हरियाणा में हुड्डा सरकार अलग एसजीपीसी का प्रयास कर रही है। इसलिए बादल सरकार बिना वजह इसमें अड़ंगा न डालें। दिल्ली, हेमकुंड साहिब, पटना साहिब की तरह हरियाणा की अलग एसजीपीसी जरूर बनेंगी। उनके अनुसार इससे हरियाणा के गुरुद्वारों का चढ़ावा यही रहेगा और इससे यहां भी अस्पताल, कालेज व अन्य इंस्टीट्यूट खुलेंगे, जिसका लाभ हर वर्ग को होगा। झींडा के अनुसार यदि बादल साहिब हरियाणा को पंजाब का छोटा भाई कहते हैं तो छोटे भाई का हक न मारें और हरियाणा में अलग एसजीपीसी बनने में पंगा न डालें।
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