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Ambala News: छावनी के अहातों में डलेगी सीवरेज, हाथीखाना मंदिर से गुड़गुड़िया नाले तक बनेगी ड्रेन
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अंबाला। छावनी के अधूरे क्षेत्र में सीवरेज डाली जाएगी। इसमें छावनी के सभी अहाते शामिल होंगे। वहीं हाथीखाना मंदिर से गुड़गुड़िया नाला 12 क्राॅस रोड तक ड्रेन बनाई जाएगी, ताकि गंदे पानी की निकासी सुचारु हो सके। इस पूरी योजना पर लगभग 13 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नगर परिषद ने योजना तैयार कर ली है। इसका टेंडर जल्द फाइनल कर दिया जाएगा, ताकि संबंधित क्षेत्रों में जल्द से जल्द कार्य शुरू करवाया जा सके। सीवरेज डालने को लेकर सर्वे पूरा हो गया है। इसमें कुछ पुराने अहाते हैं, जहां नाले व नालियों की हालत काफी खस्ता है और गंदे पानी की निकासी का भी समुचित प्रबंध नहीं है। इसके अलावा हाथीखाना मंदिर से 12 क्राॅस रोड बिजली कार्यालय तक ड्रेन नहीं है। जो आगे ड्रेन बनी हुई है वो पानी की निकासी के हिसाब से काफी छोटी है। इसलिए इस ड्रेन को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, ताकि बारिश का और गंदा पानी सीधा गुड़गुड़िया नाले में गिर सके।
जनवरी 2021 में शुरू हुआ था कार्य
अमृत भारत परियोजना के तहत कैंट में सीवरेज डालने का कार्य जनवरी 2021 में शुरू किया गया था। पहले इस परियोजना की लागत लगभग 30 करोड़ थी, जो धीरे-धीरे बढ़कर 50 करोड़ तक पहुंच गई। इस दौरान कई रिहायशी क्षेत्रों को भी इसमें जोड़ दिया गया। इस कारण परियोजना का बजट बढ़ गया।
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144 नाले हो चुके भूमिगत
स्ट्राॅम वाटर परियोजना के तहत कैंट में छोटे-बड़े 144 खुले नालों को बंद करके सीवरेज डाली जा चुकी है। वहीं सदर बाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों में भी यह कार्य पूरा हो गया है। अब यहां का गंदा पानी सीवरेज के माध्यम से मुख्य नालों में गिर रहा है। इस कार्य के लिए एजेंसी ने 600 एमएम से लेकर 300 और 350 एमएम की लाइन बिछाई है, ताकि पानी की निकासी सुचारु ढंग से हो सके। वहीं साफ-सफाई के लिए 25 मीटर की दूरी पर मैनहॉल भी बनाया गया है।
गृहमंत्री के निर्देश पर कुछ अहातों को स्ट्राॅम वाटर परियोजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा बारिश और गंदे पानी की समुचित निकासी के लिए हाथीखाना मंदिर से गुड़गुड़िया नाला 12 क्राॅस रोड तक नई ड्रेन का निर्माण भी किया जाएगा। जल्द ही इस परियोजना पर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
-मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।
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नगर परिषद ने योजना तैयार कर ली है। इसका टेंडर जल्द फाइनल कर दिया जाएगा, ताकि संबंधित क्षेत्रों में जल्द से जल्द कार्य शुरू करवाया जा सके। सीवरेज डालने को लेकर सर्वे पूरा हो गया है। इसमें कुछ पुराने अहाते हैं, जहां नाले व नालियों की हालत काफी खस्ता है और गंदे पानी की निकासी का भी समुचित प्रबंध नहीं है। इसके अलावा हाथीखाना मंदिर से 12 क्राॅस रोड बिजली कार्यालय तक ड्रेन नहीं है। जो आगे ड्रेन बनी हुई है वो पानी की निकासी के हिसाब से काफी छोटी है। इसलिए इस ड्रेन को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, ताकि बारिश का और गंदा पानी सीधा गुड़गुड़िया नाले में गिर सके।
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जनवरी 2021 में शुरू हुआ था कार्य
अमृत भारत परियोजना के तहत कैंट में सीवरेज डालने का कार्य जनवरी 2021 में शुरू किया गया था। पहले इस परियोजना की लागत लगभग 30 करोड़ थी, जो धीरे-धीरे बढ़कर 50 करोड़ तक पहुंच गई। इस दौरान कई रिहायशी क्षेत्रों को भी इसमें जोड़ दिया गया। इस कारण परियोजना का बजट बढ़ गया।
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144 नाले हो चुके भूमिगत
स्ट्राॅम वाटर परियोजना के तहत कैंट में छोटे-बड़े 144 खुले नालों को बंद करके सीवरेज डाली जा चुकी है। वहीं सदर बाजार सहित अन्य प्रमुख बाजारों में भी यह कार्य पूरा हो गया है। अब यहां का गंदा पानी सीवरेज के माध्यम से मुख्य नालों में गिर रहा है। इस कार्य के लिए एजेंसी ने 600 एमएम से लेकर 300 और 350 एमएम की लाइन बिछाई है, ताकि पानी की निकासी सुचारु ढंग से हो सके। वहीं साफ-सफाई के लिए 25 मीटर की दूरी पर मैनहॉल भी बनाया गया है।
गृहमंत्री के निर्देश पर कुछ अहातों को स्ट्राॅम वाटर परियोजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा बारिश और गंदे पानी की समुचित निकासी के लिए हाथीखाना मंदिर से गुड़गुड़िया नाला 12 क्राॅस रोड तक नई ड्रेन का निर्माण भी किया जाएगा। जल्द ही इस परियोजना पर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
-मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।