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Ambala News: जिम्नास्ट में नेशनल चैंपियन बने सार्जेंट रोहित कुमार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 01:49 AM IST
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Sergeant Rohit Kumar became national champion in gymnastics
अंबाला छावनी के वार हिरोज स्टेडियम में जिम्नास्टिक करते सार्जेंट नेशनल चैंपियन रोहित कुमार। संव
संदीप कुमार
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अंबाला। हालात से लड़कर जिम्नास्ट में नेशनल चैंपियन बने सार्जेंट रोहित कुमार किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। जिम्नास्टिक सीखने की उम्र पांच साल से मानी जाती है। रोहित ने 12 साल की उम्र में जिम्नास्ट सीखनी शुरू की और अपना लोहा मनवाया। इस उम्र में शरीर की हड्डियां सख्त हो जाती हैं और जिम्नास्ट करने के लिए लचक कम रहती है।
रोहित कुमार की ललक और जुनून ने उम्र को बाधा बनने नहीं दिया। वह सुबह पांच बजे घर से स्टेडियम के लिए निकलते थे। प्रैक्टिस के बाद वह सीधा स्कूल जाते, स्कूल से वापस आकर स्टेडियम में प्रैक्टिस फिर रात आठ बजे ही घर पहुंचते थे। रोहित कुमार ने बताया कि वह छावनी के सुंदर नगर के रहने वाले हैं। उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएट की हुई है और मौजूदा समय में वह कर्नाटक के बेलगांव में एयरफोर्स में वह सार्जेंट के पद पर तैनात हैं। 12 साल की उम्र में वह स्टेडियम में मैच देखने आते थे। मन में इच्छा जागी और जिम्नास्टिक सीखनी शुरू कर दी। शुरूआत में कोच गिरीश नाैटियाल ने उन्हें जिम्नास्टिक सिखाई।
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स्टेडियम नहीं पहुंचे तो घर से ले जाते थे कोच
कई बार वह जब स्टेडियम नहीं आते थे तो कोच उन्हें लेने के लिए घर ही पहुंच जाते थे। वह सुबह पांच बजे घर से स्टेडियम में जिम्नास्टिक की प्रैक्टिस के लिए जाते थे। इसके बाद स्टेडियम से सीधा स्कूल, स्कूल से छुट्टी के बाद फिर से स्टेडियम यहां प्रैक्टिस कर रात करीब आठ बजे घर पहुंचते थे। इसके बाद रोहित ने कोच सुदर्शन कौशल और कोच सतपाल छाबड़ा से जिम्नास्टिक सीखी। अब वह जब भी छुट्टी आते हैं तो छावनी के वार हीरोज स्टेडियम में प्रैक्टिस के साथ साथ बच्चों को जिम्नास्टिक भी सिखाते हैं।
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अपने नाम किए 84 पदक
रोहित के अनुसार उनके पास 85 के करीब पदक हैं। जिनमें 45 स्वर्ण, 25 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल हैं। यह पदक उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में जीते हैं। वह जिलास्तर पर 8 से 10 बार चैंपियन रह चुके हैं। इसी तरह स्कूल स्टेट में पांच बार चैंपियन तो छह बार नेशनल मेडलिस्ट रह चुके हैं। इसके अलावा ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम में दो बार चैंपियन, इंटर कॉलेज गेम में हर साल आठ बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा गोवा में आयोजित नेशनल गेम में कांस्य पदक जीता, मुंबई के आईएनएस में आयोजित सर्विसिस डिफेंस प्रतियोगिता में वह चैंपियन रहे। इसके साथ ही प्रयागराज में नेशनल कैंप आयोजित हुआ था। जो वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम और काॅमनवेल्थ गेम के लिए था इसमें उनकी भागीदारी रही।
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