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कम छात्र के कारण स्कूल न हों बंद : संघ
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बराड़ा। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ जिला अंबाला इकाई ने जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार के माध्यम से निदेशक हरियाणा शिक्षा विभाग पंचकूला के नाम ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन जिला प्रधान कमल किशोर के नेतृत्व सौंपा। जिला सचिव सुभाष चंद्र ने बताया कि संघ सरकार की ओर से जारी तुगलकी फरमान ऑनलाइन शिक्षक डायरी लिखने का विरोध करता है और इसे वापस लिया जाए। सरप्लस एचकेआरएनएल के अंतर्गत लगे हुए सरप्लस अध्यापकों को नौकरी से निकाला जा रहा है।
इन अध्यापकों को नौकरी से निकालने के बजाय अन्य स्कूलों में खाली पड़े पदों पर समायोजित किया जाए। अध्यापकों के एसीपी मामलों पर लगाई गई 50 प्रतिशत शैक्षणिक अंक की शर्त को हटाया जाए व सभी एसीपी मामले शीघ्र निपटाए जाएं। पदोन्नति के लिए मुख्य शिक्षक, मौलिक विद्यालय मुख्याध्यापक, मुख्य अध्यापक और प्रधानाचार्य पद के लिए रखी गई 150 विद्यार्थियों की संख्या की शर्त हटाई जाए।
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इसके साथ ही एससी, बीसी व बीपीएल छात्रों को मिलने वाली विभिन्न प्रकार कि छात्रवृत्ति पीएफएमएस के माध्यम से स्कूल मुखिया या डीडीओ के माध्यम से देने की व्यवस्था की जाए ताकि सभी बच्चों को समय पर इनका लाभ मिल सके। कक्षा पहली से आठवीं तक की पुस्तकें अभी तक स्कूलों में नहीं पहुंच पाई हैं।
इस कारण उनकी पढ़ाई अत्यधिक प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए आरंभ की गई निशुल्क परिवहन सेवा का पिछला बकाया बजट शीघ्र जारी किया जाए। संवाद
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यह ज्ञापन जिला प्रधान कमल किशोर के नेतृत्व सौंपा। जिला सचिव सुभाष चंद्र ने बताया कि संघ सरकार की ओर से जारी तुगलकी फरमान ऑनलाइन शिक्षक डायरी लिखने का विरोध करता है और इसे वापस लिया जाए। सरप्लस एचकेआरएनएल के अंतर्गत लगे हुए सरप्लस अध्यापकों को नौकरी से निकाला जा रहा है।
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इन अध्यापकों को नौकरी से निकालने के बजाय अन्य स्कूलों में खाली पड़े पदों पर समायोजित किया जाए। अध्यापकों के एसीपी मामलों पर लगाई गई 50 प्रतिशत शैक्षणिक अंक की शर्त को हटाया जाए व सभी एसीपी मामले शीघ्र निपटाए जाएं। पदोन्नति के लिए मुख्य शिक्षक, मौलिक विद्यालय मुख्याध्यापक, मुख्य अध्यापक और प्रधानाचार्य पद के लिए रखी गई 150 विद्यार्थियों की संख्या की शर्त हटाई जाए।
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इसके साथ ही एससी, बीसी व बीपीएल छात्रों को मिलने वाली विभिन्न प्रकार कि छात्रवृत्ति पीएफएमएस के माध्यम से स्कूल मुखिया या डीडीओ के माध्यम से देने की व्यवस्था की जाए ताकि सभी बच्चों को समय पर इनका लाभ मिल सके। कक्षा पहली से आठवीं तक की पुस्तकें अभी तक स्कूलों में नहीं पहुंच पाई हैं।
इस कारण उनकी पढ़ाई अत्यधिक प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए आरंभ की गई निशुल्क परिवहन सेवा का पिछला बकाया बजट शीघ्र जारी किया जाए। संवाद