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सनातन धर्म दया भाव सिखाता है : आचार्य मदन
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कथा प्रसार करते कथाव्यास।
मुलाना। श्री बालाजी निष्काम सेवा समिति मुलाना की ओर से माता बाला सुंदरी मंदिर मुलाना के प्रांगण में दशम् श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं तुलसी वितरण का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें सोमवार को भारत माता मंदिर कमेटी की ओर से दीप प्रज्वलित किया। कथा व्यास आचार्य मदन शास्त्री के मुखारविंद से गजेंद्र मोक्ष की कथा को विस्तार से बताया। राम जन्मोत्सव वामन अवतार श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। श्रीमद्भागवत में 12 सकंध है और दसवां सकंध श्रीमद् भागवत जी का प्राण है क्योंकि इस सकंध में श्री कृष्ण जी की लीला है।
रास पंचाध्याई का भी प्राण है। वह गोपी गीत द्वारा श्री कृष्ण के विरह में गाया गया गोपी गीत है लेकिन श्री कृष्ण जी की लीला को समझना इतना सहज नहीं है। इसलिए भागवत जी में श्री कृष्ण से पहले नवम सकंध में श्री राम जी के चरित्र की चर्चा की गई है। श्री कृष्ण की लीला को समझने के पहले रामचरित को समझना जरूरी है।
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श्रीराम के चरित्र को समझ ना इसलिए जरूरी है क्योंकि जब तक हम समझेंगे नहीं श्री कृष्ण की लीला को नहीं समझा जा सकता । सनातन धर्म हमेशा मन में दया भाव श्रद्धा प्रेम रखना सिखाता है। सत्य का सेवन कीजिए सत्य का पारण कीजिए। यही हमारा सनातन धर्म है। नंद के लाला की जय कृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। माखन मिश्री का भोग नंदलाला को लगाया गया।
भजन रसिका अनुप्रिया ने भजनों से श्रद्धालुओं को जमकर झूमने पर विवश किया। मौके पर भारत माता कमेटी,अनिल गर्ग ठेकेदार, नराता राम, अरविंद राणा,जयबीर राणा, प. जय भगवान, रणबीर सिंह नुरहद, जगदीश मोंगिया सहित काफी संख्या में महिलाएं व ग्रामीण मौजूद रहे।
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इसमें सोमवार को भारत माता मंदिर कमेटी की ओर से दीप प्रज्वलित किया। कथा व्यास आचार्य मदन शास्त्री के मुखारविंद से गजेंद्र मोक्ष की कथा को विस्तार से बताया। राम जन्मोत्सव वामन अवतार श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया। श्रीमद्भागवत में 12 सकंध है और दसवां सकंध श्रीमद् भागवत जी का प्राण है क्योंकि इस सकंध में श्री कृष्ण जी की लीला है।
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रास पंचाध्याई का भी प्राण है। वह गोपी गीत द्वारा श्री कृष्ण के विरह में गाया गया गोपी गीत है लेकिन श्री कृष्ण जी की लीला को समझना इतना सहज नहीं है। इसलिए भागवत जी में श्री कृष्ण से पहले नवम सकंध में श्री राम जी के चरित्र की चर्चा की गई है। श्री कृष्ण की लीला को समझने के पहले रामचरित को समझना जरूरी है।
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श्रीराम के चरित्र को समझ ना इसलिए जरूरी है क्योंकि जब तक हम समझेंगे नहीं श्री कृष्ण की लीला को नहीं समझा जा सकता । सनातन धर्म हमेशा मन में दया भाव श्रद्धा प्रेम रखना सिखाता है। सत्य का सेवन कीजिए सत्य का पारण कीजिए। यही हमारा सनातन धर्म है। नंद के लाला की जय कृष्ण जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। माखन मिश्री का भोग नंदलाला को लगाया गया।
भजन रसिका अनुप्रिया ने भजनों से श्रद्धालुओं को जमकर झूमने पर विवश किया। मौके पर भारत माता कमेटी,अनिल गर्ग ठेकेदार, नराता राम, अरविंद राणा,जयबीर राणा, प. जय भगवान, रणबीर सिंह नुरहद, जगदीश मोंगिया सहित काफी संख्या में महिलाएं व ग्रामीण मौजूद रहे।

कथा प्रसार करते कथाव्यास।