{"_id":"6a2469b730f8f461a20d56d4","slug":"samples-for-103-food-items-were-taken-in-a-year-26-failed-the-test-ambala-news-c-36-1-amb1002-164398-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: एक साल में 103 खाद्य पदार्थों के लिए नमूने, जांच में 26 फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: एक साल में 103 खाद्य पदार्थों के लिए नमूने, जांच में 26 फेल
विज्ञापन
एक साल में 103 खाद्य पदार्थों के लिए नमूने, जांच में 26 फेल
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस
सावधानी से खरीदें पनीर और घी, जांच में मिले असुरक्षित
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। त्योहारों के सीजन में आम जनता की सेहत के साथ किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है, इसका चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बीते वित्त वर्ष में चलाए गए विशेष अभियानों के तहत लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से लेकर आम लोगों तक के होश उड़ा दिए हैं। लैब की रिपोर्ट के अनुसार, कुल लिए गए नमूनों में से करीब 25 फीसदी सैंपल फेल पाए गए हैं, जिनमें से कई तो सीधे तौर पर सेहत के लिए असुरक्षित घोषित किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक विभिन्न त्योहारों के मद्देनजर जिलाभर में ताबड़तोड़ छापामारा था। इस दौरान विभाग की टीम ने दूध, घी, पनीर, मावा और मिठाइयों सहित 103 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए थे। इन सभी नमूनों को गहन जांच के लिए करनाल स्थित प्रयोगशाला (लैब) भेजा गया था। हाल ही में आई इस पूरे वित्त वर्ष की रिपोर्ट ने मिलावटखोरों के नेटवर्क और उनकी खतरनाक चालाकियों को बेनकाब कर दिया है।
घी-पनीर सेहत के लिए खतरनाक, मावा भी सब-स्टैंडर्ड
जांचे गए 103 सैंपलों में से कुल 26 सैंपल फेल साबित हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन्हें दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली असुरक्षित श्रेणी में 6 सैंपल मिले। इनमें सबसे ज्यादा संख्या देसी घी और पनीर की है। इनमें ऐसी मिलावट पाई गई है जो मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। वहीं 20 सैंपल कम गुणवत्ता के मिले। इस श्रेणी में मावा, रंग-बिरंगी मिठाइयां और रसगुल्ला आदि शामिल हैं, जो निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
विज्ञापन
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार रिपोर्ट के आधार पर मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। कम गुणवत्ता वाले मामलों में जहां एडीसी कोर्ट में जुर्माना लगाया जाएगा, वहीं असुरक्षित श्रेणी के सैंपल वाले दुकानदारों और मैन्युफैक्चरर्स के खिलाफ आपराधिक मामला कोर्ट में दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
सावधानी से खरीदें पनीर और घी, जांच में मिले असुरक्षित
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। त्योहारों के सीजन में आम जनता की सेहत के साथ किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है, इसका चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बीते वित्त वर्ष में चलाए गए विशेष अभियानों के तहत लिए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से लेकर आम लोगों तक के होश उड़ा दिए हैं। लैब की रिपोर्ट के अनुसार, कुल लिए गए नमूनों में से करीब 25 फीसदी सैंपल फेल पाए गए हैं, जिनमें से कई तो सीधे तौर पर सेहत के लिए असुरक्षित घोषित किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक विभिन्न त्योहारों के मद्देनजर जिलाभर में ताबड़तोड़ छापामारा था। इस दौरान विभाग की टीम ने दूध, घी, पनीर, मावा और मिठाइयों सहित 103 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए थे। इन सभी नमूनों को गहन जांच के लिए करनाल स्थित प्रयोगशाला (लैब) भेजा गया था। हाल ही में आई इस पूरे वित्त वर्ष की रिपोर्ट ने मिलावटखोरों के नेटवर्क और उनकी खतरनाक चालाकियों को बेनकाब कर दिया है।
विज्ञापन
घी-पनीर सेहत के लिए खतरनाक, मावा भी सब-स्टैंडर्ड
जांचे गए 103 सैंपलों में से कुल 26 सैंपल फेल साबित हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन्हें दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहली असुरक्षित श्रेणी में 6 सैंपल मिले। इनमें सबसे ज्यादा संख्या देसी घी और पनीर की है। इनमें ऐसी मिलावट पाई गई है जो मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक है। वहीं 20 सैंपल कम गुणवत्ता के मिले। इस श्रेणी में मावा, रंग-बिरंगी मिठाइयां और रसगुल्ला आदि शामिल हैं, जो निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
विज्ञापन
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार रिपोर्ट के आधार पर मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। कम गुणवत्ता वाले मामलों में जहां एडीसी कोर्ट में जुर्माना लगाया जाएगा, वहीं असुरक्षित श्रेणी के सैंपल वाले दुकानदारों और मैन्युफैक्चरर्स के खिलाफ आपराधिक मामला कोर्ट में दर्ज किया गया है।