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Ambala News: आरटीए सचिव का स्कूलों को पत्र, पीटीएम में करें काउंसिलिंग
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निजी स्कूल में बसों की फिटनेस जांचते आरटीए सचिव सुशील कुमार। संवाद
अंबाला। अधिकतर निजी स्कूलों ने अपने यहां सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत बसों की फिटनेस के लिए काम कर लिया है। मगर स्कूलों में बच्चों को लाने ले जाने के लिए निजी वाहनों की भी एक लंबी सूची है। ऐसे में अब निजी वाहनों के लिए आरटीए सचिव कार्यालय ने स्कूलों के प्रशासन को पत्र लिखा है।
इसमें बताया है कि स्कूल के प्रधानाचार्यों को कहा गया है कि अभिभावक शिक्षक बैठक (पीटीएम), जोकि महीने में एक बार होती है उसमें अभिभावकों की काउंसलिंग करने को कहा गया है। जिससे कि अभिभावक अपने बच्चों को निजी वाहन में भेजें तो उसमें सुरक्षा मानकों को अच्छी तरह परख लें। गौरतलब है कि अमर उजाला के 22 जनवरी के अंक में इस मामले में रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जिसमें कई निजी वाहनों के चालकों द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए बच्चों को जोखिम सफर कराया जा रहा है।
यातायात पुलिस को लेंगे साथ
आरटीए सचिव सुशील कुमार ने बताया कि पीटीएम में उनके कार्यालय की टीम और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी जाएंगे। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन, अभिभावक, ऑटो यूनियनों के पदाधिकारी सभी स्टेक होल्डर्स को बुलाया जाएगा। सभी को एक मंच पर लाकर समझाया जाएगा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए नियमानुसार कार्य किया जाए। सुरक्षित वाहन पॉलिसी को लेकर अभी तक दो बार अभियान चलाकर निजी स्कूलों में बसों की फिटनेस पर काम किया गया था। अब फिटनेस लगभग ठीक मिल रही है। इस समस्या का समाधान तभी निकल सकता है जब अभिभावक अपनी तरफ से कदम उठाने लगेंगे।
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इन स्कूलों के वाहन जांचे, सभी फिट
आरटीए सचिव ने अपनी टीम के साथ बुधवार को कई स्कूलों के 41 वाहनों को फिटनेस के पैमाने पर देखा। इसमें अमोलक पब्लिक स्कूल, आसा राम पब्लिक स्कूल, दर्शन अकादमी, श्री चैतन्य पब्लिक स्कूल आदि शामिल रहे। सभी शिक्षण संस्थानों के वाहनों में फिटनेस को लेकर व्यवस्थाएं ठीक मिलीं। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी तक इसी प्रकार से अभियान संचालित रहेगा। हर दिन किसी न किसी स्कूल में जाकर बसों की फिटनेस देखी जाएगी।
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इसमें बताया है कि स्कूल के प्रधानाचार्यों को कहा गया है कि अभिभावक शिक्षक बैठक (पीटीएम), जोकि महीने में एक बार होती है उसमें अभिभावकों की काउंसलिंग करने को कहा गया है। जिससे कि अभिभावक अपने बच्चों को निजी वाहन में भेजें तो उसमें सुरक्षा मानकों को अच्छी तरह परख लें। गौरतलब है कि अमर उजाला के 22 जनवरी के अंक में इस मामले में रिपोर्ट प्रकाशित की थी। जिसमें कई निजी वाहनों के चालकों द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए बच्चों को जोखिम सफर कराया जा रहा है।
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यातायात पुलिस को लेंगे साथ
आरटीए सचिव सुशील कुमार ने बताया कि पीटीएम में उनके कार्यालय की टीम और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी जाएंगे। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन, अभिभावक, ऑटो यूनियनों के पदाधिकारी सभी स्टेक होल्डर्स को बुलाया जाएगा। सभी को एक मंच पर लाकर समझाया जाएगा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिए नियमानुसार कार्य किया जाए। सुरक्षित वाहन पॉलिसी को लेकर अभी तक दो बार अभियान चलाकर निजी स्कूलों में बसों की फिटनेस पर काम किया गया था। अब फिटनेस लगभग ठीक मिल रही है। इस समस्या का समाधान तभी निकल सकता है जब अभिभावक अपनी तरफ से कदम उठाने लगेंगे।
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इन स्कूलों के वाहन जांचे, सभी फिट
आरटीए सचिव ने अपनी टीम के साथ बुधवार को कई स्कूलों के 41 वाहनों को फिटनेस के पैमाने पर देखा। इसमें अमोलक पब्लिक स्कूल, आसा राम पब्लिक स्कूल, दर्शन अकादमी, श्री चैतन्य पब्लिक स्कूल आदि शामिल रहे। सभी शिक्षण संस्थानों के वाहनों में फिटनेस को लेकर व्यवस्थाएं ठीक मिलीं। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी तक इसी प्रकार से अभियान संचालित रहेगा। हर दिन किसी न किसी स्कूल में जाकर बसों की फिटनेस देखी जाएगी।