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Ambala News: आरपीएफ का छापा, चार करोड़ का सोना पकड़ा
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आरपीएफ पोस्ट पर सोने के आभूषणों को लेकर कार्रवाई में जुटे विभागीय कर्मचारी। संवाद
अंबाला। ट्रेनों के जरिये हो रही सोने की तस्करी का फिर भंडाफोड़ हुआ है। आरपीएफ ने पंजाब मेल से चार करोड़ का सोना जब्त किया। वहीं, 20 लाख रुपये के नकली आभूषण भी पकड़े। आरपीएफ ने सोने के आभूषणों सहित चार व्यक्तियों को हिरासत में लिया है जो अमृतसर के रहने वाले हैं।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार आरपीएफ को सूचना मिली थी कि मंगलवार रात को ट्रेन नंबर 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल में चार लोग सोने के आभूषणों के साथ एसी कोच में सफर कर रहे हैं जो अलग-अलग सीटों पर बैठे हैं। इसके बाद संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने के लिए लुधियाना स्टेशन पर टीम को भेजा जोकि ट्रेन में सवार हो गई। टीम जब जांच करते हुए एसी कोच नंबर ए-3 में पहुंची और अलग-अलग सीटों पर बैठे व्यक्तियों से पूछताछ की तो वो घबरा गए और सामान दिखाने से इंकार करने लगे।
इस दौरान उन्होंने आरपीएफ कर्मचारियों के साथ बदसलूकी भी की। ट्रेन के अंबाला पहुंचने पर जब चारों व्यक्तियों को स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ पोस्ट पर लाया गया और उनके सामान की जांच की गई तो उनके कब्जे से लगभग चार करोड़ के आभूषण बरामद हुए। वे इसे बरेली और मुरादाबाद में सप्लाई करने जा रहे थे। वहीं, एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये के नकली आभूषण भी मिले।
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मामले की सूचना मिलते ही इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी भी आरपीएफ पोस्ट पर पहुंंच गए और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ में जुट गए। इस छापामारी में आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी जावेद खान, निरीक्षक प्रशांत और दिनेश देशवाल की टीम ने सराहनीय कार्य किया है।
तीन स्तर पर होती है जांच
पकड़े गए व्यक्तियों से इनकम टैक्स विभाग की जांच तीन स्तरीय होती है। पहले निरीक्षक स्तर के अधिकारी सोने के आभूषण ले जाने वाले व्यक्ति से पूछताछ करते हैं और उसके मोबाइल को भी खंगालते हैं। लगभग 100 से 200 छोटे-बड़े सवाल व्यक्ति से पूछे जाते हैं, जिनका जवाब देना संदिग्ध के लिए काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि सच बोलेगा तो पकड़ा जाएगा और झूठ बोलेगा तो उसकी परेशानी बढ़ जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करने के बाद सहायक निदेशक स्तर के अधिकारियों को पेश की जाती है और अंत में दस्तावेजों की जांच और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर सोने को वापिस लौटाने या फिर सरकारी खजाने में जमा करवाने की कार्रवाई की जाती है।
पिछले मामलों की जांच अभी लंबित
आरपीएफ द्वारा पिछले सप्ताह पकड़े गए दोनों मामलों की जांच भी अभी लंबित है क्योंकि पकड़े गए सोने के आभूषण अभी भी आरपीएफ के कब्जे में हैं जोकि कड़ी निगरानी के बीच रखे गए हैं। ऐसे में आरपीएफ को भी इनकम टैक्स के पत्राचार का इंतजार है ताकि सोने के आभूषणों से संबंधित आगामी कार्रवाई शुरू हो सके।
यह थे मामले
पहला मामला पांच सितंबर को उस समय सामने आया जब अमृतसर के दो व्यक्ति ट्रेन नंबर 12926 अमृतसर-मुंबई एक्सप्रेस के एसी कोच नंबर बी-2 में सफर कर रहे थे और उन्हें आरपीएफ की टीम ने लगभग डेढ़ करोड़ के सोने के साथ पकड़ा था। वहीं दूसरा मामला छह सितंबर को सामने आया था, जब प्लेटफार्म सात पर खड़े तीन व्यक्तियों से 23 लाख 28 हजार 219 रुपये के जरी वाले सूट बरामद किए गए थे। वहीं तीसरे मामले में आरपीएफ ने ट्रेन नंबर 12471 स्वराज एक्सप्रेस से 1.15 करोड़ रुपये का सोना, 1 लाख 17 हजार 500 रुपये नगद और 1 लाख 15 हजार रुपये का एक चेक बरामद हुआ था।
वर्जन
विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। ट्रेनों में भी लगातार चेकिंग की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों से नगदी और सोने के आभूषण पकड़े जा रहे हैं। अंबाला मंडल की आरपीएफ टीम की ओर से की गई कार्रवाई सराहनीय है। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभागीय स्तर पर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे कि कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और वो पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करें।
एएन मिश्रा, आईजी आरपीएफ।
वर्जन
ट्रेनों में लगातार हो रही छापामारी का विरोध भी शुरु हो गया है। उनका कहना है कि बेवजह तंग किया जा रहा है। जबकि बिल और ट्रेन का टिकट साथियों के पास था जोकि लुधियाना से बरेली तक का था। आरपीएफ को इसकी परमिशन नहीं होती कि वो किसी यात्री को बीच रास्ते उतार सके। यह धक्काशाही हो रही है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही अपने अन्य साथियों के साथ इस कार्रवाई को लेकर पोस्ट के बाहर रोष प्रदर्शन करेंगे।
सुरजीत सिंह सेहजरा, उपाध्यक्ष, स्वर्णकार संघ, अमृतसर।
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प्राथमिक जानकारी के अनुसार आरपीएफ को सूचना मिली थी कि मंगलवार रात को ट्रेन नंबर 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल में चार लोग सोने के आभूषणों के साथ एसी कोच में सफर कर रहे हैं जो अलग-अलग सीटों पर बैठे हैं। इसके बाद संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने के लिए लुधियाना स्टेशन पर टीम को भेजा जोकि ट्रेन में सवार हो गई। टीम जब जांच करते हुए एसी कोच नंबर ए-3 में पहुंची और अलग-अलग सीटों पर बैठे व्यक्तियों से पूछताछ की तो वो घबरा गए और सामान दिखाने से इंकार करने लगे।
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इस दौरान उन्होंने आरपीएफ कर्मचारियों के साथ बदसलूकी भी की। ट्रेन के अंबाला पहुंचने पर जब चारों व्यक्तियों को स्टेशन पर उतारकर आरपीएफ पोस्ट पर लाया गया और उनके सामान की जांच की गई तो उनके कब्जे से लगभग चार करोड़ के आभूषण बरामद हुए। वे इसे बरेली और मुरादाबाद में सप्लाई करने जा रहे थे। वहीं, एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये के नकली आभूषण भी मिले।
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मामले की सूचना मिलते ही इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी भी आरपीएफ पोस्ट पर पहुंंच गए और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ में जुट गए। इस छापामारी में आरपीएफ पोस्ट के प्रभारी जावेद खान, निरीक्षक प्रशांत और दिनेश देशवाल की टीम ने सराहनीय कार्य किया है।
तीन स्तर पर होती है जांच
पकड़े गए व्यक्तियों से इनकम टैक्स विभाग की जांच तीन स्तरीय होती है। पहले निरीक्षक स्तर के अधिकारी सोने के आभूषण ले जाने वाले व्यक्ति से पूछताछ करते हैं और उसके मोबाइल को भी खंगालते हैं। लगभग 100 से 200 छोटे-बड़े सवाल व्यक्ति से पूछे जाते हैं, जिनका जवाब देना संदिग्ध के लिए काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि सच बोलेगा तो पकड़ा जाएगा और झूठ बोलेगा तो उसकी परेशानी बढ़ जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट तैयार करने के बाद सहायक निदेशक स्तर के अधिकारियों को पेश की जाती है और अंत में दस्तावेजों की जांच और विभागीय रिपोर्ट के आधार पर सोने को वापिस लौटाने या फिर सरकारी खजाने में जमा करवाने की कार्रवाई की जाती है।
पिछले मामलों की जांच अभी लंबित
आरपीएफ द्वारा पिछले सप्ताह पकड़े गए दोनों मामलों की जांच भी अभी लंबित है क्योंकि पकड़े गए सोने के आभूषण अभी भी आरपीएफ के कब्जे में हैं जोकि कड़ी निगरानी के बीच रखे गए हैं। ऐसे में आरपीएफ को भी इनकम टैक्स के पत्राचार का इंतजार है ताकि सोने के आभूषणों से संबंधित आगामी कार्रवाई शुरू हो सके।
यह थे मामले
पहला मामला पांच सितंबर को उस समय सामने आया जब अमृतसर के दो व्यक्ति ट्रेन नंबर 12926 अमृतसर-मुंबई एक्सप्रेस के एसी कोच नंबर बी-2 में सफर कर रहे थे और उन्हें आरपीएफ की टीम ने लगभग डेढ़ करोड़ के सोने के साथ पकड़ा था। वहीं दूसरा मामला छह सितंबर को सामने आया था, जब प्लेटफार्म सात पर खड़े तीन व्यक्तियों से 23 लाख 28 हजार 219 रुपये के जरी वाले सूट बरामद किए गए थे। वहीं तीसरे मामले में आरपीएफ ने ट्रेन नंबर 12471 स्वराज एक्सप्रेस से 1.15 करोड़ रुपये का सोना, 1 लाख 17 हजार 500 रुपये नगद और 1 लाख 15 हजार रुपये का एक चेक बरामद हुआ था।
वर्जन
विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है। ट्रेनों में भी लगातार चेकिंग की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेनों से नगदी और सोने के आभूषण पकड़े जा रहे हैं। अंबाला मंडल की आरपीएफ टीम की ओर से की गई कार्रवाई सराहनीय है। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभागीय स्तर पर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे कि कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और वो पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करें।
एएन मिश्रा, आईजी आरपीएफ।
वर्जन
ट्रेनों में लगातार हो रही छापामारी का विरोध भी शुरु हो गया है। उनका कहना है कि बेवजह तंग किया जा रहा है। जबकि बिल और ट्रेन का टिकट साथियों के पास था जोकि लुधियाना से बरेली तक का था। आरपीएफ को इसकी परमिशन नहीं होती कि वो किसी यात्री को बीच रास्ते उतार सके। यह धक्काशाही हो रही है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही अपने अन्य साथियों के साथ इस कार्रवाई को लेकर पोस्ट के बाहर रोष प्रदर्शन करेंगे।
सुरजीत सिंह सेहजरा, उपाध्यक्ष, स्वर्णकार संघ, अमृतसर।