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Ambala News: विजिलेंस की ओर से कर्मचारियों को बुलाना रूटीन प्रक्रिया
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अंबाला। शिमला रेलवे स्टेशन के एसएस सहित अन्य कर्मचारी को पूछताछ के लिए विजिलेंस ने बुलाया है। यह एक रूटीन प्रक्रिया है क्योंकि मामला शिमला रेलवे स्टेशन से जुड़ा है और प्राथमिक जांच भी विजिलेंस ने यहीं से की थी और जो फाइल वो अपने साथ लेकर गए थे, उसका मिलान भी अंबाला मंडल की ओर से भेजी गई फाइल से किया है, जिससे कि मामले से जुड़े सही तथ्य सामने आ सकें।
कुछ और कर्मचारियों को भी बयान दर्ज करवाने के लिए विजिलेंस में बुलाया जाएगा। इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता। उक्त जानकारी अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि बेवजह इस मामले को तूल दिया जा रहा है जबकि मामले से जुड़े सभी तथ्य सही हैं। हालांकि अभी तक विजिलेंस की तरफ से कोई भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है, जिसमें किसी भी कर्मचारी पर शक जाहिर किया गया हो या फिर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हों।
जब भी रिपोर्ट मिलेगी तो उसके आधार पर अपने स्तर पर भी छानबीन व पूछताछ की जाएगी ताकि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। गौरतलब है कि विजिलेंस को सूचना मिली थी कि शिमला रेलवे स्टेशन के नजदीक पार्किंग में अवैध वसूली का खेल चल रहा है। वहीं पार्किंग में खुले ढाबे को लेकर विजिलेंस ने आपत्ति दर्ज करवाई और इसके दस्तावेज मांगे कि यह ढाबा और पूर्व में दिया गया पार्किंग का ठेका नियमों के तहत था या नहीं। इसलिए विभाग ने दोनों के दस्तावेज फाइल सहित मुख्यालय भिजवा दिए थे।
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कुछ और कर्मचारियों को भी बयान दर्ज करवाने के लिए विजिलेंस में बुलाया जाएगा। इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता। उक्त जानकारी अंबाला रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि बेवजह इस मामले को तूल दिया जा रहा है जबकि मामले से जुड़े सभी तथ्य सही हैं। हालांकि अभी तक विजिलेंस की तरफ से कोई भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई है, जिसमें किसी भी कर्मचारी पर शक जाहिर किया गया हो या फिर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हों।
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जब भी रिपोर्ट मिलेगी तो उसके आधार पर अपने स्तर पर भी छानबीन व पूछताछ की जाएगी ताकि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। गौरतलब है कि विजिलेंस को सूचना मिली थी कि शिमला रेलवे स्टेशन के नजदीक पार्किंग में अवैध वसूली का खेल चल रहा है। वहीं पार्किंग में खुले ढाबे को लेकर विजिलेंस ने आपत्ति दर्ज करवाई और इसके दस्तावेज मांगे कि यह ढाबा और पूर्व में दिया गया पार्किंग का ठेका नियमों के तहत था या नहीं। इसलिए विभाग ने दोनों के दस्तावेज फाइल सहित मुख्यालय भिजवा दिए थे।
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