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रोडवेज ने 20 बसों के टेंडर किए रद्द, किलोमीटर स्कीम मालिकों को थमाए नोटिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 01:21 AM IST
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रोडवेज की किलोमीटर स्कीम में हुए घोटाले में मामला दर्ज होने के बाद परिवहन विभाग ने अनुबंध रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किलोमीटर स्कीम के तहत रोडवेज डिपो अंबाला में दो फर्म मालिकों की 20 बसें थीं जिनके अनुबंध को रोडवेज महाप्रबंधक अंबाला ने रद्द कर दिए हैं। साथ में तीन दिन के अंदर जवाब भी मांगा है। रोडवेज डिपो अंबाला की बात करें तो जींद निवासी सुनील कुमार और वीरेंद्र कुमार ने किलोमीटर स्कीम के तहत 60 बसें चलाने के लिए राज्यपाल के आधार पर महाप्रबंधक के साथ एक अनुबंध किया था जिसके मुताबिक किलोमीटर स्कीम में शामिल होने वाली बस के मालिक को 36.80 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसा रोडवेज देती। लेकिन प्रदेश में किलोमीटर स्कीम में रेट अधिक होने पर घोटाले के आरोप लगे तो विजीलेंस जांच में सामने आया है कि किलोमीटर स्कीम में प्रदेश ही नहीं बल्कि गुजरात के बस मालिकों ने भी एक ही रेट और एक ही ई-मेल आईडी के जरिए फार्म भरे थे। इसीलिए विजीलेंस ने घोटाले में शामिल बस मालिकों के खिलाफ करीब तीन माह पहले मामला दर्ज किया था। लेकिन आचार संहिता के चलते आगामी कार्रवाई रुकी थी अब महाप्रबंधक ने 36.80 के रेट वाले टेंडर को कैंसिल कर दिया है। अंबाला में करीब 20 बसें हैं जिन्हें चलाया जाना था। रोडवेज डिपो अंबाला की इस कार्रवाई से जहां बस मालिकों को तगड़ा झटका लगा है वहीं रोडवेज के अधिकारी इस मामले से बचते नजर आ रहे हैं।
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जारी कर दिए गए हैं नोटिस
रोडवेज महाप्रबंधक अंबाला की ओर से किलोमीटर स्कीम के तहत प्राईवेट बस मालिक सुनील कुमार और वीरेंद्र को लिखित में नोटिस जारी टेंडर रद्द कर दिया है तो वहीं टेंडर रद्द होने से प्राईवेट बस मालिक भी हरकत में आ गए हैं। बस मालिकों का कहना है कि उनका मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

जीएम ने व्यक्तिगत रूप से नहीं की सुनवाई
बस मालिक सुनील कुमार ने बताया कि हर महाप्रबंधक को आदेश दिए गए थे कि बस मालिकों की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन हमारी कोई व्यक्तिगत सुनवाई नहीं हुई है और महाप्रबंधक ने राज्यपाल के आधार पर और एक कमेटी की अनुशंसा के आधार पर अनुबंध किया था। अब वह कहां पर जाएंगे। हमारा तो रोजगार खत्म हो गया है।
यूनियन की लड़ाई की जीत है
हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता जयबीर घणघस ने कहा कि रोडवेज यूनियनों ने जो लड़ाई किलोमीटर स्कीम में घोटाले के खिलाफ लड़ी थी आज विजीलेंस की जांच के बाद सही पाई गई हैं और मामला दर्ज होने के बाद अब अनुबंध कैंसिल कर दिए गए हैं तो इससे रोडवेज को ही फायदा होगा और रोडवेज को नुकसान होने से बच गया है।
अंबाला डिपो अंबाला की ओर से जो टेंडर जारी किया गया था तो वह कैंसिल कर दिया गया है। नोटिस भी सभी को दे दिए गए हैं।
गौरी मिड्ढा, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो अंबाला।
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