फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Registry's OTP system stalled due to strike

Ambala News: हड़ताल से रजिस्ट्री का ओटीपी सिस्टम ठप

Fri, 05 Jan 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 05 Jan 2024 02:19 AM IST
विज्ञापन
Registry's OTP system stalled due to strike
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला। जिल में कानूनगो व पटवारियों की हड़ताल का असर दूसरे दिन काफी देखने को मिला। इंतकाल, जमाबंदी आदि काम करवाने के लिए लोग परेशान होते रहे और रजिस्टि्रयों करवाने के लिए फाइलें ही पूरी नहीं हो सकी। दूसरी ओर, जो फाइलें तैयार थी लेकिन दोपहर बाद रजिस्ट्री के रजिस्ट्रेशन के लिए चलने वाला ओटीपी सिस्टम ही ठप रहा। वीरवार को महज 40 रजिस्ट्री हुईं।

दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन अंबाला के आह्वान पर वीरवार को पटवारियों और कानूनगो शहर पटवारखाने के बाहर दूसरे दिन भी सुबह नौ से शाम बजे तक धरना दिया और मांगों के समर्थन सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। पटवारियों और कानूनगों की हड़ताल के चलते इंतकाल, जमाबंदी, डोमिसाइल , जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग कार्यालयों में ताले लटके देखकर भटकते नजर आए।
विज्ञापन

अंबाला में रोजाना जिलाभर में करीब 200 इंतकाल, 370 जमाबंदी नकल निकाली जाती हैं। वहीं 35 से 40 जगह निशानदेही का काम करने के लिए पटवारियों को जाना पड़ता है। इसके अलावा 250 से 300 रिहायशी, डोमिसाइल, और जाति प्रमाणपत्रों को तस्दीक करने का काम किया जाता है। यह काम भी प्रभावित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन अंबाला के प्रधान पटवारी संदीप कालिया ने बताया कि अंबाला में 84 सर्कल है और इन 84 सर्कल का भार 38 पटवारियों के कंधों पर है, जिसमें 34 पटवारी फील्ड में है, जबकि चार पटवारी ऑफिस में सेवाएं दे रहे है। एक पटवारी को दो से तीन पटवारियों का काम करना पड़ रहा है।
इसी तरह से अंबाला में 14 कानूनगो है जो अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने जनवरी 2023 में पटवारियों का वेतन 25 हजार 500 से 32 हजार 100 करने की घोषणा की थी। इसके लिए उन्होंने बाकायदा नोटिफिकेशन भी जारी की दी लेकिन उनका वेतन नहीं बढ़ाया गया।
दस्तावेजों का कराना है सत्यापन
शाहपुर निवासी अन्नू ने बताया कि उसने अपने पिता के दस्तावेजों पर पटवारी से मार्क करवाना है लेकिन जब वह छावनी के पटवारखाने में आई तो उसे ताला लटकता मिला। पटवारी का इतंजार करते हुए एक घंटे का समय बीत गया है। अब बताया जा रहा है पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल के कारण उसका काम नहीं हो सकेगा। खाली हाथ लौटना पड़ा रहा है।

फर्द निकलवाने के लिए आया था
पंजोखरा निवासी लाभ सिंह ने बताया कि उसने अपनी जमीन की फर्द निकलवानी है। इसके लिए वह पटवारी के पास पटवार खाने में आया तो देखा कि पटवारी नहीं है। कर्मचारी से पूछा तो पता चला कि पटवारी तीन दिन की हड़ताल पर है। वह खेतीबाड़ी छोड़कर आया था। काम न होने से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
जमीन अधिग्रहण का मुआवजा लेना था
बब्याल निवासी रमनीक कौशिक ने बताया कि उनकी गांव साहिबपुरा में 17 कनाल जमीन है। जिसमें से सात कनाल जमीन सरकार ने अधिग्रहण की है। इस सात कनाल जमीन का रुपया ट्रेजरी में रमनीक कौशिक के नाम से आया हुआ है। इस रुपये को कैसे निकलवाया जाए। इसके लिए वह पटवारी के पास मिलने आया था। पटवारी हड़ताल पर है।
जमीन नपाई की रिपोर्ट लेनी थी
छावनी के बब्याल निवासी मोहन ने बताया कि करीब एक महीना पहले उसने अपनी जमीन को नपवाया था। अब वह अपनी जमीन की रिपोर्ट लेने कानूनगो के पास आया है लेकिन कानूनगो नहीं मिले। इससे पहले भी वह 3 से 4 बार तहसील के चक्कर काट चुका है। हर बार उसे वापस जाना पड़ता है।

कानूनगो और पटवारियों की हड़ताल के दूसरे दिन रजिस्ट्री पर असर पड़ा है। अंबाला छावनी तहसील में 10 रजिस्ट्री हुई है। जबकि दोपहर बाद पोर्टल बंद होने के कारण रजिस्ट्रेशन से संबंधित काम नहीं हुआ। - यशवंत सिंह, नायब तहसीलदार, अंबाला छावनी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed