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6111 मीटर ऊंची यूनम चोटी पर पहुंच बोली 12वीं कक्षा दिव्यांग ईशा बोली: दोबारा फिर आऊंगी
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अंबाला के राजकीय स्कूल मॉडल टॉउन में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली दिव्यांग छात्रा ईशा ने 8 अक्तूबर को लाहौल स्पीति की 6111 मीटर ऊंची चोटी माउंट यूनम पर पहुंचकर जिले का नाम रोशन किया है। वे 28 सितंबर को 66 छात्र व तीन शिक्षकों के साथ 28 सितंबर को पंचकूला से पर्वतारोहण के लिए रवाना हुई थी।
ईशा ने बताया कि पर्वतारोहण के दौरान उन्हें कई बार सांस लेने में तकलीफ हुई पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य का पीछा करते हुए चोटी फतेह करने में कामयाब हो गईं। ईशा ने बताया कि माता-पिता के आशीर्वाद से ही उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है। ईशा के माता-पिता ने बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। वहीं, डीपीसी सुधीर कालड़ा, राजकीय स्कूल की प्राचार्य कुसुम और स्कूल के अन्य अध्यापकों ने ईशा को बधाई देते हुए उनके बेहतर भविष्य की कामना की है।
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प्रदेश भर से सरकार द्वारा भेजे गए 66 छात्र व तीन शिक्षक
पर्वतारोहण योजना के तहत प्रदेश भर से 66 छात्र व तीन शिक्षक पर्वतारोहण के लिए रवाना हुए थे। इसमें राजकीय स्कूल पुलिस लाइन की शिक्षिका कुमुद भी शामिल थी। 28 सितंबर को पंचकूला से सीएम मनोहर लाल ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया था।
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पिता धर्मेंद्र कुमार लगाते हैं सब्जी की रेहड़ी, माता है गृहिणी
ईशा के पिता धर्मेंद्र कुमार सब्जी की रेहड़ी लगाते है, जबकि उनकी माता अनिता मॉडल टाउन के काशीनगर में ही रहती है। ईशा के स्कूल प्राचार्य कुसुम ने बताया कि ईशा ने इससे पहले ओडिशा में आयोजित सांस्कृति कार्यक्रम में भाग लेते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इसके अलावा व अन्य गतिविधियों में भाग लेती है।
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ईशा ने बताया कि पर्वतारोहण के दौरान उन्हें कई बार सांस लेने में तकलीफ हुई पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य का पीछा करते हुए चोटी फतेह करने में कामयाब हो गईं। ईशा ने बताया कि माता-पिता के आशीर्वाद से ही उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है। ईशा के माता-पिता ने बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। वहीं, डीपीसी सुधीर कालड़ा, राजकीय स्कूल की प्राचार्य कुसुम और स्कूल के अन्य अध्यापकों ने ईशा को बधाई देते हुए उनके बेहतर भविष्य की कामना की है।
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प्रदेश भर से सरकार द्वारा भेजे गए 66 छात्र व तीन शिक्षक
पर्वतारोहण योजना के तहत प्रदेश भर से 66 छात्र व तीन शिक्षक पर्वतारोहण के लिए रवाना हुए थे। इसमें राजकीय स्कूल पुलिस लाइन की शिक्षिका कुमुद भी शामिल थी। 28 सितंबर को पंचकूला से सीएम मनोहर लाल ने हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया था।
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पिता धर्मेंद्र कुमार लगाते हैं सब्जी की रेहड़ी, माता है गृहिणी
ईशा के पिता धर्मेंद्र कुमार सब्जी की रेहड़ी लगाते है, जबकि उनकी माता अनिता मॉडल टाउन के काशीनगर में ही रहती है। ईशा के स्कूल प्राचार्य कुसुम ने बताया कि ईशा ने इससे पहले ओडिशा में आयोजित सांस्कृति कार्यक्रम में भाग लेते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इसके अलावा व अन्य गतिविधियों में भाग लेती है।
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