{"_id":"6907c545b1e53eec1f062cee","slug":"raj-mistrys-son-was-duped-of-rs-7-lakh-in-the-name-of-sending-him-to-europe-ambala-news-c-36-1-sknl1017-152367-2025-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: राज मिस्त्री के बेटे को यूरोप भेजने के नाम पर 7 लाख की धोखाधड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: राज मिस्त्री के बेटे को यूरोप भेजने के नाम पर 7 लाख की धोखाधड़ी
विज्ञापन
अंबाला। राज मिस्त्री के बेटे को यूरोप भेजने के नाम पर 7 लाख की धोखाधड़ी हो गई। पीड़ित धर्मपाल ने बताया कि आरोपियों ने पैसे लेने के बावजूद बेटे को विदेश नहीं भेजा।
जब रुपये वापस मांगे तो धमकाया। पुलिस ने पंजोखरा साहिब गांव निवासी हरभजन सिंह, जंडली निवासी हरप्रीत सिंह व रुपो माजरा निवासी सतीश सैनी पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अंबाला सिटी के विष्णु विहार निवासी धर्मपाल ने बताया कि वह राज मिस्त्री का है। बेटे को यूरोप भेजने के लिए सन स्कॉय ओवरसीस के माध्यम से फाइल लगवाई थी। उन्हें सतीश सैनी ने हरभजन सिंह व हरप्रीत सिंह से मिलवाया था।
तीनों ने आश्वासन दिया कि वह उनके बेटे को विदेश भेज देंगे। इसकी एवज में 14 लाख रुपये मांगे थे। सात लाख रुपये लेने के बावजूद लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आरोपियों ने न तो उसके बेटे को विदेश भेजा और न ही रुपये वापस किए।
विज्ञापन
इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी, वहां समझौता हुआ कि उसके बेटे को जल्द ही विदेश देंगे, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद भी उसके बेटे को विदेश नहीं भेजा।
विज्ञापन
जब रुपये वापस मांगे तो धमकाया। पुलिस ने पंजोखरा साहिब गांव निवासी हरभजन सिंह, जंडली निवासी हरप्रीत सिंह व रुपो माजरा निवासी सतीश सैनी पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अंबाला सिटी के विष्णु विहार निवासी धर्मपाल ने बताया कि वह राज मिस्त्री का है। बेटे को यूरोप भेजने के लिए सन स्कॉय ओवरसीस के माध्यम से फाइल लगवाई थी। उन्हें सतीश सैनी ने हरभजन सिंह व हरप्रीत सिंह से मिलवाया था।
विज्ञापन
तीनों ने आश्वासन दिया कि वह उनके बेटे को विदेश भेज देंगे। इसकी एवज में 14 लाख रुपये मांगे थे। सात लाख रुपये लेने के बावजूद लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आरोपियों ने न तो उसके बेटे को विदेश भेजा और न ही रुपये वापस किए।
विज्ञापन
इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी, वहां समझौता हुआ कि उसके बेटे को जल्द ही विदेश देंगे, लेकिन एक माह बीत जाने के बावजूद भी उसके बेटे को विदेश नहीं भेजा।