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Ambala News: बारिश से भीगा गेहूं, सुखाने के लिए ट्रैक्टर दौड़ा रहे किसान
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अंबाला सिटी की अनाजमंडी में ट्रैक्टर चलाकर गेहूं सुखाते किसान। संवाद
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किसान बोले- मौसम का मिजाज बढ़ा रहा चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। रविवार को सिटी की अनाज मंडी में अचानक हुई बारिश से खुले आसमान के नीचे पड़ी सैकड़ों क्विंटल गेहूं की फसल भीग गई। किसानों को अपनी उपज बचाने के लिए सड़कों का सहारा लेना पड़ा। दोपहर के समय कुछ देर हुई तेज बारिश के बाद जब मौसम साफ हुआ और धूप खिली तो किसानों ने भीगी हुई फसल को बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया।
नमी के कारण गेहूं गल न जाए, इसके लिए किसानों ने ट्रैक्टरों के पीछे प्लास्टिक के कराहे लगाकर गेहूं को मंडी के साथ लगती सड़कों पर बिछाना शुरू कर दिया। वहीं, जो फसल शेड के नीचे सुरक्षित थी, उसे पंखों की हवा से सुखाकर बोरियों में भरने का काम जारी है।
मंडी में आए किसान दर्शन, कुलदीप व सोमपाल ने बताया कि इस बार मौसम का मिजाज समझना मुश्किल हो गया है। पता ही नहीं चलता कि कब बादल आ जाएं और कब तेज धूप निकल आए। तिरपाल ढकते-ढकते भी फसल भीग रही है।
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मंडी में तकनीक से हो रही निगरानी
किसानों की सहायता के लिए मार्केट कमेटी ने गेट पर ही हेल्प डेस्क स्थापित किया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेट्रिक हाजिरी के तहत किसानों का फिंगरप्रिंट लिया जा रहा है। तकनीकी दिक्कत होने पर आंखों के स्कैन से सत्यापन हो रहा है। गेट पास के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड की जा रही है ताकि धांधली की गुंजाइश न रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। रविवार को सिटी की अनाज मंडी में अचानक हुई बारिश से खुले आसमान के नीचे पड़ी सैकड़ों क्विंटल गेहूं की फसल भीग गई। किसानों को अपनी उपज बचाने के लिए सड़कों का सहारा लेना पड़ा। दोपहर के समय कुछ देर हुई तेज बारिश के बाद जब मौसम साफ हुआ और धूप खिली तो किसानों ने भीगी हुई फसल को बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया।
नमी के कारण गेहूं गल न जाए, इसके लिए किसानों ने ट्रैक्टरों के पीछे प्लास्टिक के कराहे लगाकर गेहूं को मंडी के साथ लगती सड़कों पर बिछाना शुरू कर दिया। वहीं, जो फसल शेड के नीचे सुरक्षित थी, उसे पंखों की हवा से सुखाकर बोरियों में भरने का काम जारी है।
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मंडी में आए किसान दर्शन, कुलदीप व सोमपाल ने बताया कि इस बार मौसम का मिजाज समझना मुश्किल हो गया है। पता ही नहीं चलता कि कब बादल आ जाएं और कब तेज धूप निकल आए। तिरपाल ढकते-ढकते भी फसल भीग रही है।
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मंडी में तकनीक से हो रही निगरानी
किसानों की सहायता के लिए मार्केट कमेटी ने गेट पर ही हेल्प डेस्क स्थापित किया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बायोमेट्रिक हाजिरी के तहत किसानों का फिंगरप्रिंट लिया जा रहा है। तकनीकी दिक्कत होने पर आंखों के स्कैन से सत्यापन हो रहा है। गेट पास के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड की जा रही है ताकि धांधली की गुंजाइश न रहे।

अंबाला सिटी की अनाजमंडी में ट्रैक्टर चलाकर गेहूं सुखाते किसान। संवाद