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पहाड़ों में बारिश, गर्दिश में अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:13 AM IST
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उफान पर बेहना नदी
- फोटो : Amar Ujala
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नारायणगढ़ और शहजादपुर से होकर गुजरने वाली बरसाती नदियां मारकंडा, बेगना और रूण नदियां जहां उफान पर हैं, वहीं इसके किनारे बसे गांवों के लोगों को खतरा है कि यदि बरसात ज्यादा होती है तो यह पानी गांव की ओर रुख कर सकता है, वहीं खेतों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। दूसरी ओर कैंट से गुजरने वाली टांगरी नदी कभी भी आबादी के लिए खतरा बन सकती है, जबकि प्रशासन ने नोटिस देकर यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने के निर्देश दिए हैं। उधर, अंबाला कैंट से होकर गुजरने वाली टांगरी नदी किनारे बसे लोगों को प्रशासन पहले ही नोटिस देकर सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने की सलाह दे चुका है।
शहजादपुर और नारायणगढ़ क्षेत्र की मारकंडा, बेगना व रूण नदियां उफान पर हैं। शनिवार सुबह से हिमाचल व क्षेत्र में हो रही बरसात से रविवार अचानक सुबह के समय मारकंडा, बेगना व रूण नदियों में पानी के उफान पर आने से लोगों में दहशत है। लोगों की मानें तो आने वाले दिनों में ये नदियां और उफान पर हो सकती हैं। यदि उफान और ज्यादा रहा तो यह पानी इन नदियों के साथ बसे गांवों के खेतों या फिर आबादी तक प्रभावित कर सकता है। इसी कारण से गांव संगरानी, टोका, गदौली, मंगत माजरा, हमीदपुर, शहजादपुर आदि गांवों को खतरा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इन नदियों का पानी खेतों तक मार कर चुका है।
ग्रामीण गुरजंट सिंह, हरजीत वालिया, केसोराम, गणेशी लाल, मामचंद, मुलखराज, बनारसी दास, गोपाल राय का कहना है कि जब-जब पहाड़ों में ज्यादा बारिश होती है तो इन नदियों में उफान ज्यादा होता है। ऐसे में रात के समय भी सावधानी बरतनी होगी।
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अवैध खनन से खतरा और बढ़ा
ग्रामीणों का कहना है कि नदियों में हुआ अवैध खनन बरसाती सीजन में खतरे को और बढ़ा रहा है। गांव संघरानी, टोका में खनन माफिया ने नदियों में इस कदर खनन किया है कि इन में पचास-पचास फुट तक गहरे गड्ढे हैं। ऐसे में इन नदियों का पानी कभी भी बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। खनन माफिया पर नकेल न होने के कारण यह खतरा और बढ़ रहा है।
कैंट में टांगरी नदी से आबादी को खतरा
अंबाला कैंट में टांगरी नदी के किनारे बसी आबादी को भी खतरा बढ़ रहा है। टांगरी नदी में अभी पानी का स्तर ज्यादा नहीं है, लेकिन यदि बरसात ज्यादा होती है तो इसके किनारे बसे मकानों में पानी घुसेगा। उल्लेखनीय है कि टांगरी नदी के बांध के अंदर कईं कालोनियां बसी हैं। प्रशासन इन कालोनियों को अवैध बता रहा है। इसी को लेकर प्रशासन ने इन कालोनियों में रहने वालों को नोटिस देकर बरसाती सीजन में सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है।
वर्जन
बरसाती नदियों के किनारे बसे गांवों को अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि प्रशासन भी अलर्ट है। नदियों के किनारों को चेक किया और जहां पर भी मरम्मत की आवश्यकता थी, उसे पूरा किया गया है। गांवों में रात के समय ठीकरी पहने लगाने के लिए भी कहा गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां पर बाढ़ जैसे हालातों आदि में सूचना दी जा सकती है, जिस पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई करेगा।
- रुचि सिंह, एसडीएम नारायणगढ़
जिला प्रशासन द्वारा जिला राजस्व अधिकारी अंबाला के कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बाढ़ या अधिक जलभराव की स्थिति में टोल फ्री नम्बर 1077 व 0171-2533360 पर कोई भी व्यक्ति किसी भी समय बाढ़ बचाव से संबंधित सहायता के लिए सूचित कर सकता है।
- कैप्टन विनोद शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी, अंबाला
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शहजादपुर और नारायणगढ़ क्षेत्र की मारकंडा, बेगना व रूण नदियां उफान पर हैं। शनिवार सुबह से हिमाचल व क्षेत्र में हो रही बरसात से रविवार अचानक सुबह के समय मारकंडा, बेगना व रूण नदियों में पानी के उफान पर आने से लोगों में दहशत है। लोगों की मानें तो आने वाले दिनों में ये नदियां और उफान पर हो सकती हैं। यदि उफान और ज्यादा रहा तो यह पानी इन नदियों के साथ बसे गांवों के खेतों या फिर आबादी तक प्रभावित कर सकता है। इसी कारण से गांव संगरानी, टोका, गदौली, मंगत माजरा, हमीदपुर, शहजादपुर आदि गांवों को खतरा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में इन नदियों का पानी खेतों तक मार कर चुका है।
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ग्रामीण गुरजंट सिंह, हरजीत वालिया, केसोराम, गणेशी लाल, मामचंद, मुलखराज, बनारसी दास, गोपाल राय का कहना है कि जब-जब पहाड़ों में ज्यादा बारिश होती है तो इन नदियों में उफान ज्यादा होता है। ऐसे में रात के समय भी सावधानी बरतनी होगी।
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अवैध खनन से खतरा और बढ़ा
ग्रामीणों का कहना है कि नदियों में हुआ अवैध खनन बरसाती सीजन में खतरे को और बढ़ा रहा है। गांव संघरानी, टोका में खनन माफिया ने नदियों में इस कदर खनन किया है कि इन में पचास-पचास फुट तक गहरे गड्ढे हैं। ऐसे में इन नदियों का पानी कभी भी बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। खनन माफिया पर नकेल न होने के कारण यह खतरा और बढ़ रहा है।
कैंट में टांगरी नदी से आबादी को खतरा
अंबाला कैंट में टांगरी नदी के किनारे बसी आबादी को भी खतरा बढ़ रहा है। टांगरी नदी में अभी पानी का स्तर ज्यादा नहीं है, लेकिन यदि बरसात ज्यादा होती है तो इसके किनारे बसे मकानों में पानी घुसेगा। उल्लेखनीय है कि टांगरी नदी के बांध के अंदर कईं कालोनियां बसी हैं। प्रशासन इन कालोनियों को अवैध बता रहा है। इसी को लेकर प्रशासन ने इन कालोनियों में रहने वालों को नोटिस देकर बरसाती सीजन में सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है।
वर्जन
बरसाती नदियों के किनारे बसे गांवों को अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि प्रशासन भी अलर्ट है। नदियों के किनारों को चेक किया और जहां पर भी मरम्मत की आवश्यकता थी, उसे पूरा किया गया है। गांवों में रात के समय ठीकरी पहने लगाने के लिए भी कहा गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां पर बाढ़ जैसे हालातों आदि में सूचना दी जा सकती है, जिस पर प्रशासन तुरंत कार्रवाई करेगा।
- रुचि सिंह, एसडीएम नारायणगढ़
जिला प्रशासन द्वारा जिला राजस्व अधिकारी अंबाला के कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। बाढ़ या अधिक जलभराव की स्थिति में टोल फ्री नम्बर 1077 व 0171-2533360 पर कोई भी व्यक्ति किसी भी समय बाढ़ बचाव से संबंधित सहायता के लिए सूचित कर सकता है।
- कैप्टन विनोद शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी, अंबाला