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अल्ट्रासोनिक मशीन से होगी रेल पटरी की जांच
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रेल पटरियों की जांच करने वाली अल्ट्रासोनिक मशीन की फाइल फोटो।
- फोटो : Ambala
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सर्दी के मौसम में ट्रेनों का सुरक्षित संचालन हो, इसके लिए रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है। छावनी स्टेशन के तीनों रेलवे यार्ड में रेलवे के 100 से अधिक कर्मचारी पटरियों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं अल्ट्रासोनिक मशीन से भी पटरियों की जांच की जा रही है। ताकि पटरियों में आए बारीक से बारीक दरार को भी आसानी से देखा जा सके और समय रहते अप्रिय घटना को रोका जा सके।
दरअसल, सर्दी के मौसम में रेलवे पटरी सिकुड़ने लग जाती है। कई बार इनमें दरार पड़ जाती है, जो ट्रेन संचालन के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने अपने संबंधित विभागीय कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं कोहरे के मौसम में कर्मचारियों को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि किसी भी विपरीत हालात में तुरंत मामले की सूचना विभागीय अधिकारियों को दें।
150 से अधिक ट्रेनों का हो रहा संचालन
मौजूदा समय में छावनी जंक्शन से 150 से अधिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है। सर्दी के मौसम में ट्रेनों का संचालन रेलवे के लिए चुनौती भरा होता है, क्योंकि कोहरे की वजह से लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं। सर्दी के मौसम में ट्रेन चालक और परिचालक को विशेष निर्देश दिए जाते हैं कि ट्रेन की गति पर पूरा ध्यान रखा जाए। जरूरत अनुसार ट्रेेन की गति को कम व ज्यादा किया जाए। इसके लिए ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस भी दिया गया है।
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सुरक्षा पर विशेष फोकस
सर्दी के मौसम में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर संबंधित कर्मचारियों को विभागीय अधिकारियों द्वारा विशेष हिदायतें दी जाती हैं। वहीं रेल पटरियों में आने वाली दरारों की जांच के लिए अल्ट्रोसनिक मशीन की भी मदद ली जा रही है, ताकि खामी को तुरंत दुरुस्त किया जा सके। सभी प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।
-गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला।
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दरअसल, सर्दी के मौसम में रेलवे पटरी सिकुड़ने लग जाती है। कई बार इनमें दरार पड़ जाती है, जो ट्रेन संचालन के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने अपने संबंधित विभागीय कर्मचारियों को पूरी तरह से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं कोहरे के मौसम में कर्मचारियों को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि किसी भी विपरीत हालात में तुरंत मामले की सूचना विभागीय अधिकारियों को दें।
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150 से अधिक ट्रेनों का हो रहा संचालन
मौजूदा समय में छावनी जंक्शन से 150 से अधिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है। सर्दी के मौसम में ट्रेनों का संचालन रेलवे के लिए चुनौती भरा होता है, क्योंकि कोहरे की वजह से लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं। सर्दी के मौसम में ट्रेन चालक और परिचालक को विशेष निर्देश दिए जाते हैं कि ट्रेन की गति पर पूरा ध्यान रखा जाए। जरूरत अनुसार ट्रेेन की गति को कम व ज्यादा किया जाए। इसके लिए ट्रेनों में फॉग सेफ्टी डिवाइस भी दिया गया है।
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सुरक्षा पर विशेष फोकस
सर्दी के मौसम में ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को लेकर संबंधित कर्मचारियों को विभागीय अधिकारियों द्वारा विशेष हिदायतें दी जाती हैं। वहीं रेल पटरियों में आने वाली दरारों की जांच के लिए अल्ट्रोसनिक मशीन की भी मदद ली जा रही है, ताकि खामी को तुरंत दुरुस्त किया जा सके। सभी प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।
-गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला।