{"_id":"6000ad238ebc3e32f455d4c6","slug":"protocol-forgotten-corporation-commissioner-mayor-gets-chair-after-half-an-hour-ambala-news-knl5770390","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रोटोकाल भूले निगम कमिश्नर, आधे घंटे बाद मिली मेयर को कुर्सी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रोटोकाल भूले निगम कमिश्नर, आधे घंटे बाद मिली मेयर को कुर्सी
विज्ञापन
मेयर शक्तिरानी के साथ उनके कमरे में पहुंचे निगम आयुक्त पार्थ गुप्ता।
- फोटो : Ambala
शपथ ग्रहण करने के ठीक 37 मिनट बाद नवनिर्वाचित मेयर शक्तिरानी निगम कार्यालय में अपनी कुर्सी संभालने पहुंच गईं, लेकिन प्रोटोकोल के हिसाब से यहां उनका स्वागत नहीं किया गया। निगम आयुक्त कार्यालय में ही मौजूद थे इसके बावजूद उन्होंने बुके देना तो दूर की बात मेयर शक्तिरानी को रिसीव तक नहीं किया। दोपहर करीब एक बजे मेयर शक्तिरानी मेयर के लिए प्रस्तावित कमरे में पहुंच गईं। उन्हें यहां कुर्सी पर बिठाने वाला भी कोई नहीं था। कमरा खाली पड़ा था। लिहाजा शक्तिरानी कमरे से बाहर निकलीं और खुद निगम आयुक्त पार्थ गुप्ता से मिलने साथ लगते कमरे में चली गईं। यहां करीब 28 मिनट उनके साथ रहीं और फिर उन्हें साथ लेकर दोबारा अपने कार्यालय में पहुंचीं। इसके बाद करीब 1 बजकर 30 मिनट पर मेयर शक्तिरानी ने अपनी कुर्सी संभाली।
पहले अपने कमरे में आयुक्त के लिए लगवाई कुर्सी फिर अपनी पर बैठीं
बेशक निगम आयुक्त ने शिष्टाचार नहीं निभाया पर शक्तिरानी अपने कमरे में भी शिष्टाचार नहीं भूलीं। उन्होंने कुर्सी पर बैठने से पहले अपने ही कार्यालय में सबसे पहले अपने साथ कमरे में आए आयुक्त पार्थ गुप्ता के लिए कुर्सी लगवाई, उन्हें बिठाया फिर खुद भी अपनी कुर्सी पर बैठीं।
आयुक्त को होना पड़ा मौन तो शक्तिरानी बनी आवाज
जब नगर निगम आयुक्त पार्थ गुप्ता से पत्रकारों ने प्रोटोकोल तोड़ने के बारे में सवाल किया तो उन्होंने जवाब में कहा कि हम शपथ ग्रहण समारोह में थे सब जल्दबाजी में हो गया। बीच में उनकी बात को रोकते हुए जब दोबारा पूछा गया कि मेयर का न स्वागत किया गया न प्रोटोकोल का ध्यान रखा गया तो निगम आयुक्त ने चुप्पी साध ली इतने में ही मेयर शक्तिरानी ने बात संभाली। उन्होंने कहा कि हम ऐसे प्रोटोकाल को तोड़ देंगे। मुझे कोई अफसोस नहीं है। ऐसे में इस मामले को तूल देने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले अपने कमरे में आयुक्त के लिए लगवाई कुर्सी फिर अपनी पर बैठीं
बेशक निगम आयुक्त ने शिष्टाचार नहीं निभाया पर शक्तिरानी अपने कमरे में भी शिष्टाचार नहीं भूलीं। उन्होंने कुर्सी पर बैठने से पहले अपने ही कार्यालय में सबसे पहले अपने साथ कमरे में आए आयुक्त पार्थ गुप्ता के लिए कुर्सी लगवाई, उन्हें बिठाया फिर खुद भी अपनी कुर्सी पर बैठीं।
विज्ञापन
आयुक्त को होना पड़ा मौन तो शक्तिरानी बनी आवाज
जब नगर निगम आयुक्त पार्थ गुप्ता से पत्रकारों ने प्रोटोकोल तोड़ने के बारे में सवाल किया तो उन्होंने जवाब में कहा कि हम शपथ ग्रहण समारोह में थे सब जल्दबाजी में हो गया। बीच में उनकी बात को रोकते हुए जब दोबारा पूछा गया कि मेयर का न स्वागत किया गया न प्रोटोकोल का ध्यान रखा गया तो निगम आयुक्त ने चुप्पी साध ली इतने में ही मेयर शक्तिरानी ने बात संभाली। उन्होंने कहा कि हम ऐसे प्रोटोकाल को तोड़ देंगे। मुझे कोई अफसोस नहीं है। ऐसे में इस मामले को तूल देने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन