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Ambala News: प्री-मानसून की दस्तक, अधर में नालों की सफाई
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संदीप कुमार
अंबाला। प्री-मानसून ने हरियाणा में दस्तक दे दी है। इसके कारण मौसम में परिवर्तन आया और बुधवार देरशाम को बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। एक तरफ तो बूंदाबांदी ने लोगों को गर्मी से राहत दी है मगर इसके साथ ही लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
क्योंकि प्री मानसून की बारिश की उल्टी गिनती शुरू हो गई है तो अभी तक अंबाला शहर हो या अंबाला छावनी सभी नालों की सफाई नहीं हुई है। दोनों ही स्थानों पर नालों की सफाई का काम जारी है। अंबाला छावनी में अभी तक कई मुख्य नाले चौक हैं, हालांकि प्रशासन ने नालों की सफाई का काम जरूर शुरू कर दिया है। मगर मानसून की बारिश आने तक सभी नाले साफ हो पाएंगे या नहीं इस पर संशय बना हुआ है।
नालों में गंदगी, सफाई की जरूरत
नाले गंदगी के साथ-साथ पॉलीथिन से बुरी तरह से अटे हैं। कई महीनों से नालों की सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों को डर है कि पिछले साल की तरह यहां के घरों में पानी घुसने की आशंका है। छावनी के दिलीपगढ़, बस स्टैंड गेट नंबर एक के पास का नाला, रंगिया मंडी के पास बना नाला, ग्वाल मंडी, अंबेडकर पार्क और खटीक मंडी के पास का नाला, केडी शर्मा अस्पताल के पास से गुजर रहे नाले की भी दयनीय स्थिति है।
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गौरतलब है कि हर साल बारिश में यह नाले गाद से भरे होते हैं और लोगों के घरों में गंदा पानी घुस जाता है। इससे हर साल लोगों का नुकसान होता है। इस बार भी नगर परिषद की तरफ से दावे किए जा रहे हैं, मगर नालों की सफाई अभी तक नहीं हुई है जब मानसून आने में कुछ ही समय शेष रह गया है।
नाले में मिली जलखुंभी
छावनी के दिलीपगढ़ में नाले जलखुंभी से अटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिलीपगढ़ में यह नाला बहुत पुराना है, लेकिन इस नाले की साल में एक बार ही सफाई होती है। कई लोग तो नाले में ही गंदगी फेंकते हैं। कोई भी अधिकारी इस नाले की ओर ध्यान नहीं देता है।
गंदगी से अटे नाले
छावनी बस स्टैंड के गेट नंबर एक नाला गंदगी से अटा है। इसके साथ ही सुलभ शौचालय, नीलकंठ ढाबा और पुल के नीचे बना नाला तथा होटल डेस्टिनेशन के पास बना नाला भारी गंदगी से अटा हुआ है। इन नालों में गंदगी की ओर ध्यान नहीं देता। इससे की इन नालों की भी सफाई हो जाए।
चार साल से नहीं हुई नाले की सफाई
इसी तरह से छावनी की रंगिया मंडी में चार साल पहले आठ फीट गहरा बंद नाला बनाया गया था। अब इस नाले में गंदगी अटी हुई है। चार साल बीत जाने के बाद भी इस नाले की एक बार भी सफाई नहीं हुई है। जबकि पिछले साल गंदगी के कारण ही नाले के पास से गुजर रही सड़क पर बरसात का तीन फीट तक पानी जमा हो गया था।
नियमित नहीं हो रही नाले की सफाई
यही हालात क्रॉस रोड 12 के हैं। ग्वाल मंडी, अंबेडकर पार्क और खटीक मंडी के पास नाला गंदगी से अटा है। छह महीने से ज्यादा का समय गुजर गया है, लेकिन नाले की सफाई नहीं हुई। शीला का कहना है कि 10 से 12 साल पहले उनके घर के आगे से थड़ों को तोड़कर सफाई की थी। इसके बाद उन्होंने उस टूटे थड़े पर जाली लगा दी। अब नाले की नियमित सफाई न होने के कारण गंदगी नाले में भर जाती है और नाले का गंदा पानी और गंदगी घर में आती है।
नाले की सफाई नहीं मिली
बाजीगर कॉलोनी एफसीआई गोदाम निवासी जैलीराम ने बताया कि उनकी कालोनी में नाला बुरी तरह से गंदगी से अटा है। उसे एक साल हो गया है। इस नाले की इस स्थिति को देखते हुए अभी तक कोई भी सफाई कर्मचारी नाले की सफाई करने नहीं आया है।
नाले में जमी है गाद
छावनी के केडी शर्मा अस्पताल के पास से गुजर रहे नाले में गाद जमा है। इसी तरह से अंबाला जगाधरी हाइवे गुजर रहे गुड़गुड़िया नाले में पुलिस के नीचे गंदगी जमा है और नाला गाद से अटा है।
नगर परिषद प्रशासन की यह है तैयारी
- एसडीएम सतिन्द्र सिवाच ने बताया कि नगर परिषद अम्बाला सदर क्षेत्र के अंतर्गत चार मुख्य नाले आते हैं। हाथी खाना मंदिर नाला, गुडगुडिया नाला, महेशनगर नाला, बब्याल नाला। कंपनी द्वारा नालों की सफाई का कार्य आरंभ कर दिया गया है।
- कम्पनी द्वारा नालों की सफाई के लिए सफाई कर्मचारी, पोकलेन मशीन, जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली लगाए गये हैं ताकि मानसून से पहले-पहले नालों की सफाई करवाई जा सके।
- नगर परिषद द्वारा छोटे नालों की अपने स्तर पर सफाई करवाई जा रही है।
- परिषद के पास पानी निकालने के लिए पांच पम्प हैं जिनकी आवश्यकता पडऩे पर उन पम्प का पानी निकालने के लिए प्रयोग किया जायेगा।
- आने वाले मानसून को देखते हुए नगर परिषद कार्यालय में रात्रि टीम का गठन भी किया गया है।
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अंबाला। प्री-मानसून ने हरियाणा में दस्तक दे दी है। इसके कारण मौसम में परिवर्तन आया और बुधवार देरशाम को बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। एक तरफ तो बूंदाबांदी ने लोगों को गर्मी से राहत दी है मगर इसके साथ ही लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
क्योंकि प्री मानसून की बारिश की उल्टी गिनती शुरू हो गई है तो अभी तक अंबाला शहर हो या अंबाला छावनी सभी नालों की सफाई नहीं हुई है। दोनों ही स्थानों पर नालों की सफाई का काम जारी है। अंबाला छावनी में अभी तक कई मुख्य नाले चौक हैं, हालांकि प्रशासन ने नालों की सफाई का काम जरूर शुरू कर दिया है। मगर मानसून की बारिश आने तक सभी नाले साफ हो पाएंगे या नहीं इस पर संशय बना हुआ है।
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नालों में गंदगी, सफाई की जरूरत
नाले गंदगी के साथ-साथ पॉलीथिन से बुरी तरह से अटे हैं। कई महीनों से नालों की सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों को डर है कि पिछले साल की तरह यहां के घरों में पानी घुसने की आशंका है। छावनी के दिलीपगढ़, बस स्टैंड गेट नंबर एक के पास का नाला, रंगिया मंडी के पास बना नाला, ग्वाल मंडी, अंबेडकर पार्क और खटीक मंडी के पास का नाला, केडी शर्मा अस्पताल के पास से गुजर रहे नाले की भी दयनीय स्थिति है।
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गौरतलब है कि हर साल बारिश में यह नाले गाद से भरे होते हैं और लोगों के घरों में गंदा पानी घुस जाता है। इससे हर साल लोगों का नुकसान होता है। इस बार भी नगर परिषद की तरफ से दावे किए जा रहे हैं, मगर नालों की सफाई अभी तक नहीं हुई है जब मानसून आने में कुछ ही समय शेष रह गया है।
नाले में मिली जलखुंभी
छावनी के दिलीपगढ़ में नाले जलखुंभी से अटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिलीपगढ़ में यह नाला बहुत पुराना है, लेकिन इस नाले की साल में एक बार ही सफाई होती है। कई लोग तो नाले में ही गंदगी फेंकते हैं। कोई भी अधिकारी इस नाले की ओर ध्यान नहीं देता है।
गंदगी से अटे नाले
छावनी बस स्टैंड के गेट नंबर एक नाला गंदगी से अटा है। इसके साथ ही सुलभ शौचालय, नीलकंठ ढाबा और पुल के नीचे बना नाला तथा होटल डेस्टिनेशन के पास बना नाला भारी गंदगी से अटा हुआ है। इन नालों में गंदगी की ओर ध्यान नहीं देता। इससे की इन नालों की भी सफाई हो जाए।
चार साल से नहीं हुई नाले की सफाई
इसी तरह से छावनी की रंगिया मंडी में चार साल पहले आठ फीट गहरा बंद नाला बनाया गया था। अब इस नाले में गंदगी अटी हुई है। चार साल बीत जाने के बाद भी इस नाले की एक बार भी सफाई नहीं हुई है। जबकि पिछले साल गंदगी के कारण ही नाले के पास से गुजर रही सड़क पर बरसात का तीन फीट तक पानी जमा हो गया था।
नियमित नहीं हो रही नाले की सफाई
यही हालात क्रॉस रोड 12 के हैं। ग्वाल मंडी, अंबेडकर पार्क और खटीक मंडी के पास नाला गंदगी से अटा है। छह महीने से ज्यादा का समय गुजर गया है, लेकिन नाले की सफाई नहीं हुई। शीला का कहना है कि 10 से 12 साल पहले उनके घर के आगे से थड़ों को तोड़कर सफाई की थी। इसके बाद उन्होंने उस टूटे थड़े पर जाली लगा दी। अब नाले की नियमित सफाई न होने के कारण गंदगी नाले में भर जाती है और नाले का गंदा पानी और गंदगी घर में आती है।
नाले की सफाई नहीं मिली
बाजीगर कॉलोनी एफसीआई गोदाम निवासी जैलीराम ने बताया कि उनकी कालोनी में नाला बुरी तरह से गंदगी से अटा है। उसे एक साल हो गया है। इस नाले की इस स्थिति को देखते हुए अभी तक कोई भी सफाई कर्मचारी नाले की सफाई करने नहीं आया है।
नाले में जमी है गाद
छावनी के केडी शर्मा अस्पताल के पास से गुजर रहे नाले में गाद जमा है। इसी तरह से अंबाला जगाधरी हाइवे गुजर रहे गुड़गुड़िया नाले में पुलिस के नीचे गंदगी जमा है और नाला गाद से अटा है।
नगर परिषद प्रशासन की यह है तैयारी
- एसडीएम सतिन्द्र सिवाच ने बताया कि नगर परिषद अम्बाला सदर क्षेत्र के अंतर्गत चार मुख्य नाले आते हैं। हाथी खाना मंदिर नाला, गुडगुडिया नाला, महेशनगर नाला, बब्याल नाला। कंपनी द्वारा नालों की सफाई का कार्य आरंभ कर दिया गया है।
- कम्पनी द्वारा नालों की सफाई के लिए सफाई कर्मचारी, पोकलेन मशीन, जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली लगाए गये हैं ताकि मानसून से पहले-पहले नालों की सफाई करवाई जा सके।
- नगर परिषद द्वारा छोटे नालों की अपने स्तर पर सफाई करवाई जा रही है।
- परिषद के पास पानी निकालने के लिए पांच पम्प हैं जिनकी आवश्यकता पडऩे पर उन पम्प का पानी निकालने के लिए प्रयोग किया जायेगा।
- आने वाले मानसून को देखते हुए नगर परिषद कार्यालय में रात्रि टीम का गठन भी किया गया है।