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Ambala News: एंकर स्टोरी अंबाला के प्रभजोत बने लेफ्टिनेंट, मिला कमीशन
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अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी गया में अपनी मां व पत्नी के साथ मौजूद लेफ्टिनेंट प्रभजोत सिंह। संवाद
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अंबाला। कड़ी मेहनत के दम पर अंबाला के प्रभजोत सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पूरे जिले और छावनी के श्याम नगर का नाम रोशन किया। प्रभजोत सिंह को अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी गया बिहार में नौ दिसंबर को कमीशन प्राप्त हुआ।
इस दौरान उनकी खुशी में माता बलवंत कौर और पत्नी गुरुप्रीत कौर भी शामिल हुई। प्रभजोत का प्रशिक्षण स्पेशल कमीशंड अधिकारी के तौर पर चला। अब वो लेफ्टिनेंट के पद पर 11 मराठा लाइट इन्फैंट्री में अपने जीवन की दूसरी पारी शुरू करेंगे। अमर उजाला संवाददाता से विशेष बातचीत में लेफ्टिनेंट प्रभजोत सिंह ने बताया कि 18 साल की उम्र में वो सेना की 39 फील्ड आर्टिलरी रेजिमेंट में भर्ती हुए थे।
उन्होंने सेना में जवान के तौर पर 14 साल तक सेवा करने के बाद अधिकारी बनने का अवसर पाया। उन्होंने ग्वालियर, लद्दाख, कश्मीर, असम और उत्तराखंड जैसे जगहों पर अपनी रेजिमेंट के साथ काम किया है। उस समय प्रभजोत सिंह 12 वीं पास थे, लेकिन इच्छा थी आगे बढ़ने की। इसलिए अफसर बनने के लिहाजा से डिस्टेंस एजुकेशन से बीए और एमए की परीक्षा पास की। इसके साथ ही सीखने की प्रबल इच्छाशक्ति और अनुशासित जीवन से एसएसबी परीक्षा पास उतीर्ण की। लेफ्टिनेंट प्रभजोत सिंह बताया की मुझे सेना अधिकारी बनने की प्रेरणा अपने भाई शहीद कैप्टन इंद्रजीत से मिली जो हमेशा से मेरा मनोबल बढ़ाते थे।
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प्रभजोत ने बताया कि उसे आज बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि उसने अपने बड़े भाई के मार्गदर्शन से सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। प्रभजोत ने बताया कि सेना की तरफ से जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वो पूरी निष्ठा व लग्न से उसे तन-मन से निभाएंगे। गौरतलब है कि लेफ्टिनेंट प्रभजोत ने दृढ़ इच्छाशक्ति, उत्कृष्ट प्रदर्शन और मेहनत के दम पर इस नई ऊंचाई को छुआ है जोकि परिवार, रिश्तेदारों और संगे-संबंधियों के लिए भी गर्व का विषय है।
इस दौरान उनकी खुशी में माता बलवंत कौर और पत्नी गुरुप्रीत कौर भी शामिल हुई। प्रभजोत का प्रशिक्षण स्पेशल कमीशंड अधिकारी के तौर पर चला। अब वो लेफ्टिनेंट के पद पर 11 मराठा लाइट इन्फैंट्री में अपने जीवन की दूसरी पारी शुरू करेंगे। अमर उजाला संवाददाता से विशेष बातचीत में लेफ्टिनेंट प्रभजोत सिंह ने बताया कि 18 साल की उम्र में वो सेना की 39 फील्ड आर्टिलरी रेजिमेंट में भर्ती हुए थे।
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उन्होंने सेना में जवान के तौर पर 14 साल तक सेवा करने के बाद अधिकारी बनने का अवसर पाया। उन्होंने ग्वालियर, लद्दाख, कश्मीर, असम और उत्तराखंड जैसे जगहों पर अपनी रेजिमेंट के साथ काम किया है। उस समय प्रभजोत सिंह 12 वीं पास थे, लेकिन इच्छा थी आगे बढ़ने की। इसलिए अफसर बनने के लिहाजा से डिस्टेंस एजुकेशन से बीए और एमए की परीक्षा पास की। इसके साथ ही सीखने की प्रबल इच्छाशक्ति और अनुशासित जीवन से एसएसबी परीक्षा पास उतीर्ण की। लेफ्टिनेंट प्रभजोत सिंह बताया की मुझे सेना अधिकारी बनने की प्रेरणा अपने भाई शहीद कैप्टन इंद्रजीत से मिली जो हमेशा से मेरा मनोबल बढ़ाते थे।
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प्रभजोत ने बताया कि उसे आज बहुत गर्व महसूस हो रहा है कि उसने अपने बड़े भाई के मार्गदर्शन से सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। प्रभजोत ने बताया कि सेना की तरफ से जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वो पूरी निष्ठा व लग्न से उसे तन-मन से निभाएंगे। गौरतलब है कि लेफ्टिनेंट प्रभजोत ने दृढ़ इच्छाशक्ति, उत्कृष्ट प्रदर्शन और मेहनत के दम पर इस नई ऊंचाई को छुआ है जोकि परिवार, रिश्तेदारों और संगे-संबंधियों के लिए भी गर्व का विषय है।