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Ambala News: शहर की पानी निकासी पर खूब गर्माई सियासत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Sep 2024 03:13 AM IST
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Politics heated up over city's water drainage
अंबाला सिटी। बरसाती माैसम में शहर की सड़कों पर जलभराव हो जाता है। अगस्त माह में भी शहर में यह नजारा देखने को मिला। शहर की पुरानी कॉलोनियों में तो जलभराव होती ही है, बल्कि सेक्टरों में भी हर वर्ष की तरह इस बार भी जलभराव से हालात खराब रहे।
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इस वजह से सेक्टरवासियों को सड़क पर उतरकर प्रदर्शन तक करना पड़ा। यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी है। शहर में यह सबसे बड़ी समस्याओं से एक है, क्योंकि कॉलोनी और सेक्टरों में लोगों के घरों में जलभराव हो जाता है।
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निगम भी बरसाती पानी की निकासी को लेकर फेल साबित होता है। अगस्त महीने में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। सौंडा से लेकर जलबेड़ा रोड चौक, मानव चौक, सेक्टर-8 की सड़क, सेक्टर-9 और 10, नदी मोहल्ला, कपड़ा मार्केट, प्रेम नगर, मॉडल टाउन, जंडली पुल के पास समेत कई एरिया में जलभराव हो गया। वहीं, इस चुनाव में यह मुद्दा खूब उछल रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
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निगम हाउस में उठ चुका मुद्दा
शहर से बरसाती पानी निकासी का मुद्दा कई वर्ष पुराना है। निगम की होने वाली बैठक में यह मुद्दा कई बार उठ चुका है। अब विधानसभा चुनाव में यह मुख्य मुद्दा बना हुआ है। अभी तक बरसाती पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं किया गया। निगम अस्थाई तौर पर पंप लगाकर कॉलोनी व सेक्टरों से पानी की निकासी कराता है। शहर के लोगों ने रोष भी जताया था। वहीं, इस बार तो शहर में नालों, नालियों और ड्रेन की सफाई का कार्य भी समय रहते शुरू हो गया था। इसके बाद भी शहर में एक दिन की बारिश से जलभराव हो गया था।
कई सीवर बंद तो कहीं नाले अधूरे
शहर में कई जगह ऐसी है, जहां सीवर बंद हैं। इन सीवर की सही तरीके से सफाई नहीं हो पाती, क्योंकि निगम के पास आधुनिक मशीनों की भी कमी है। कर्मचारी नालों में उतरकर सफाई करते हैं, लेकिन सफाई सही तरीके से नहीं हो पाती। वहीं, लोगों ने अपने घरों के बाहर अतिक्रमण कर रैंप भी बना रखे हैं। इस कारण पानी भी नहीं निकल पाता। निगम के सामने यह समस्या भी सामने आई कि लंबे रैंप होने से वहां सफाई नहीं हो पाई।
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कोट्स
शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए कार्य किया गया। जहां पहले दो से तीन दिन तक पानी नहीं उतरता था। इस बार कुछ ही घंटों में बरसाती पानी की निकासी हुई। घग्घर में बरसाती पानी को गिराने के लिए दिन-रात कार्य किया गया। दिल्ली व चंडीगढ़ से भी इंजीनियर्स की टीम आई थी कि यह टीम सर्वे करके गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान भी होगा। निगम की ओर से समय रहते नालों व ड्रेन की सफाई भी की गई। अगस्त माह में ज्यादा बारिश होने के कारण जलभराव हो गया था। यह समस्या बड़े शहरों में भी देखने को आई।

कपिश गर्ग, जिला कोषाध्यक्ष युवा मोर्चा, भाजपा।
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सरकार की नीयत और नीति में फर्क है। सरकार की कार्य करवाने की नीयत नहीं है। हर वर्ष नालों व ड्रेन की सफाई कागजों में ही होती है। धरातल पर सफाई कार्य नहीं किया जाता। इस वजह से नाले और नालियां अटी है। दस वर्ष बीत जाने के बाद इस समस्या का समाधान नहीं किया जा सका। शहर में सड़कों से ऊंचे नाले बनाए गए हैं।
विवेक चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता, जननायक जनता पार्टी।
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