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किसान की शोक सभा राजनीति अखाड़े में तब्दील: भाजपा सांसद सैनी और कांग्रेस पूर्व विधायक आमने-सामने
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सांसद नायब सिंह सैनी।
- फोटो : Ambala
नारायणगढ़/शहजादपुर। हनुमान वाटिका में आयोजित किसान भरत सिंह की शोक सभा पर शनिवार को भी जमकर राजनीति हुई। अलबत्ता अब किसान भरत सिंह की मौत राजनीति सियासत में तब्दील होती जा रही है। शोक सभा में शामिल कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ने नारायणगढ़ के पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर पर निशाना साधा तो कांग्रेस ने भी पलटवार करते हुए उन्हें करारा जवाब दिया।
शुरुआत भाजपा सांसद नायब सिंह सैनी ने की। शोक सभा में श्रद्धांजलि देने पहुंचे कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ने पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें विधानसभा में भेजकर मान सम्मान बक्शा है वे ही आज खुलकर राजनीतिक स्वार्थवश उन असामाजिक तत्वों/गुंडों की मदद कर रहे हैं जोकि किसान भरत सिंह राणा की मृत्यु के जिम्मेवार है। सांसद सैनी ने कहा कि 14 अक्तूबर को कृषि कानूनों के समर्थन में किसानों एवं भाजपा द्वारा निकाली जा रही ट्रैक्टर यात्रा के दौरान जिस प्रकार से चढूनी ग्रुप तथा कांग्रेस आदि के गुंडों ने तांडव किया, ट्रैक्टर यात्रा को रोककर अभद्र भाषा का प्रयोग किया, ट्रैक्टरों को नुकसान पहुंचाया व यात्रा में शामिल किसानों के साथ हाथापाई की ऐसा कार्य कोई भी किसान नहीं कर सकता है। इतना ही नहीं इस दौरान भाजपा समर्थकों ने बड़ागढ़ में बन रहे खेल स्टेडियम का नाम भरत सिंह रखने और शहीद का दर्जा देने की मांग भी रख दी।
गुर्जर बोले लाठी किसान की पहचान, किसी के हाथ में नहीं था पत्थर
शोक सभा के बाद भाजपाइयों की बयानबाजी का पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर ने भी करारा जवाब दिया। रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नायब सिंह सैनी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज जो शोक सभा के नाम पर जो राजनीति की गई वो निंदनीय है। गुर्जर ने कहा कि जब भाजपा समर्थक किसान भरत सिंह को हार्ट अटैक पड़ा तब भी नायब सिंह सैनी ने ट्रैक्टर यात्रा जारी रखी मुड़कर भी नहीं देखा। इतना ही नहीं शहजादपुर जाकर बयानबाजी तक की। गुर्जर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि 13 तारीख को नायब सिंह सैनी द्वारा ट्रैक्टर यात्रा निकालने का आवेदन किया और 14 को मंजूरी भी मिल गई। इसी आवेदन में साफ लिखा गया है कि यदि ट्रैक्टर यात्रा में कोई भी अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदार आवेदक होगा। परंतु अब सारा ठीकरा किसानों के सिर फोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी किसान के हाथ में पत्थर नहीं था जहां तक लाठी की बात है तो सर्वोच्च न्यायालय भी कहता है लाठी किसान की पहचान है।
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शुरुआत भाजपा सांसद नायब सिंह सैनी ने की। शोक सभा में श्रद्धांजलि देने पहुंचे कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी ने पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें विधानसभा में भेजकर मान सम्मान बक्शा है वे ही आज खुलकर राजनीतिक स्वार्थवश उन असामाजिक तत्वों/गुंडों की मदद कर रहे हैं जोकि किसान भरत सिंह राणा की मृत्यु के जिम्मेवार है। सांसद सैनी ने कहा कि 14 अक्तूबर को कृषि कानूनों के समर्थन में किसानों एवं भाजपा द्वारा निकाली जा रही ट्रैक्टर यात्रा के दौरान जिस प्रकार से चढूनी ग्रुप तथा कांग्रेस आदि के गुंडों ने तांडव किया, ट्रैक्टर यात्रा को रोककर अभद्र भाषा का प्रयोग किया, ट्रैक्टरों को नुकसान पहुंचाया व यात्रा में शामिल किसानों के साथ हाथापाई की ऐसा कार्य कोई भी किसान नहीं कर सकता है। इतना ही नहीं इस दौरान भाजपा समर्थकों ने बड़ागढ़ में बन रहे खेल स्टेडियम का नाम भरत सिंह रखने और शहीद का दर्जा देने की मांग भी रख दी।
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गुर्जर बोले लाठी किसान की पहचान, किसी के हाथ में नहीं था पत्थर
शोक सभा के बाद भाजपाइयों की बयानबाजी का पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर ने भी करारा जवाब दिया। रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने नायब सिंह सैनी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज जो शोक सभा के नाम पर जो राजनीति की गई वो निंदनीय है। गुर्जर ने कहा कि जब भाजपा समर्थक किसान भरत सिंह को हार्ट अटैक पड़ा तब भी नायब सिंह सैनी ने ट्रैक्टर यात्रा जारी रखी मुड़कर भी नहीं देखा। इतना ही नहीं शहजादपुर जाकर बयानबाजी तक की। गुर्जर यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि 13 तारीख को नायब सिंह सैनी द्वारा ट्रैक्टर यात्रा निकालने का आवेदन किया और 14 को मंजूरी भी मिल गई। इसी आवेदन में साफ लिखा गया है कि यदि ट्रैक्टर यात्रा में कोई भी अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदार आवेदक होगा। परंतु अब सारा ठीकरा किसानों के सिर फोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी किसान के हाथ में पत्थर नहीं था जहां तक लाठी की बात है तो सर्वोच्च न्यायालय भी कहता है लाठी किसान की पहचान है।

पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर।- फोटो : Ambala
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