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रात्रि कर्फ्यू के दौरान पुलिस ने पकड़ी एक्सयूवी, छानबीन में मिले 24 रेमडेसिविर इंजेक्शन
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पुलिस ने रात्रि कर्फ्यू के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग गाड़ियों से चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान एक गाड़ी से कोरोना से जूझ रहे मरीज को लगने वाले 24 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में गाड़ी सवार व्यक्ति इंजेक्शन से संबंधित न तो बिल दिखा पाए और न ही कोई पुख्ता जानकारी दे पाए। पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर थाना में तैनात एसआई जयभगवान की ने बताया कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के कारण हरियाणा में रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगा हुआ है। 20/21 की मध्यरात्रि अन्य साथियों के साथ फुटबॉल चौक पर तैनात थे। कर्फ्यू समय के दौरान रेलवे स्टेशन की तरफ से दो गाड़ियां आती दिखाई दीं। पूछताछ के दौरान गाड़ी नंबर एचआर 05-0022 मार्का एक्सयूवी महिंद्रा में सवार व्यक्तियों की पहचान पारस निवासी गांव नड़ियाली और कनिष्क निवासी डिफेंस कॉलोनी के तौर पर हुई। गाड़ी की तलाशी लेने पर इसमें 100 एमजी के रेमडेसिविर 24 इंजेक्शन के पैकेट मिले। पारस व कनिष्क इन इंजेक्शन बारे कोई संतोषजनक जवाब व बिल पेश नहीं कर पाए। इसके साथ ही दूसरी गाड़ी नं. डीएल 3-सीसीआर-5469 मार्का क्विड को भी पकड़ा गया। इसमें सवार व्यक्तियों की पहचान दीपक कुमार और कर्ण जुनेजा निवासी दिल्ली के तौर पर हुई। चारों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
दोस्त के लिए लेने आए थे इंजेक्शन
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कनिष्क का एक दोस्त अभिषेक जोकि अभी कनाडा में रहता है, उसने फोन पर इंजेक्शन के संबंध में बात की थी और बताया था कि दिल्ली में रहने वाला दोस्त गोपाल कोरोना पीड़ित है और उसे इंजेक्शन की बेहद जरूरत है। इसलिए इन इंजेक्शन की खरीद-फरोख्त की गई।
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एक मरीज को अधिकतम छह इंजेक्शन की पड़ती है जरूरत
विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी अनुसार नियमों के तहत एक व्यक्ति 6 इंजेक्शन खरीद सकता है। इसके लिए बिल का होना जरूरी है। वहीं किस रेट पर कौन सी दुकान ने इंजेक्शन बेचे हैं, इसकी जानकारी भी होना जरूरी है, लेकिन पकड़े गए आरोपियों के पास ऐसी कोई बिल नहीं था।
ड्रग कंट्रोलर की जांच पर टिकी रिपोर्ट
मामले की जानकारी ड्रग कंट्रोलर को दी गई है। जांच की जा रही है। आंकलन के आधार पर ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जरूरत पड़ने पर उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।
- विजय कुमार, सदर थाना प्रभारी।
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सदर थाना में तैनात एसआई जयभगवान की ने बताया कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के कारण हरियाणा में रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगा हुआ है। 20/21 की मध्यरात्रि अन्य साथियों के साथ फुटबॉल चौक पर तैनात थे। कर्फ्यू समय के दौरान रेलवे स्टेशन की तरफ से दो गाड़ियां आती दिखाई दीं। पूछताछ के दौरान गाड़ी नंबर एचआर 05-0022 मार्का एक्सयूवी महिंद्रा में सवार व्यक्तियों की पहचान पारस निवासी गांव नड़ियाली और कनिष्क निवासी डिफेंस कॉलोनी के तौर पर हुई। गाड़ी की तलाशी लेने पर इसमें 100 एमजी के रेमडेसिविर 24 इंजेक्शन के पैकेट मिले। पारस व कनिष्क इन इंजेक्शन बारे कोई संतोषजनक जवाब व बिल पेश नहीं कर पाए। इसके साथ ही दूसरी गाड़ी नं. डीएल 3-सीसीआर-5469 मार्का क्विड को भी पकड़ा गया। इसमें सवार व्यक्तियों की पहचान दीपक कुमार और कर्ण जुनेजा निवासी दिल्ली के तौर पर हुई। चारों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
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दोस्त के लिए लेने आए थे इंजेक्शन
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कनिष्क का एक दोस्त अभिषेक जोकि अभी कनाडा में रहता है, उसने फोन पर इंजेक्शन के संबंध में बात की थी और बताया था कि दिल्ली में रहने वाला दोस्त गोपाल कोरोना पीड़ित है और उसे इंजेक्शन की बेहद जरूरत है। इसलिए इन इंजेक्शन की खरीद-फरोख्त की गई।
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एक मरीज को अधिकतम छह इंजेक्शन की पड़ती है जरूरत
विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी अनुसार नियमों के तहत एक व्यक्ति 6 इंजेक्शन खरीद सकता है। इसके लिए बिल का होना जरूरी है। वहीं किस रेट पर कौन सी दुकान ने इंजेक्शन बेचे हैं, इसकी जानकारी भी होना जरूरी है, लेकिन पकड़े गए आरोपियों के पास ऐसी कोई बिल नहीं था।
ड्रग कंट्रोलर की जांच पर टिकी रिपोर्ट
मामले की जानकारी ड्रग कंट्रोलर को दी गई है। जांच की जा रही है। आंकलन के आधार पर ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। जरूरत पड़ने पर उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा।
- विजय कुमार, सदर थाना प्रभारी।