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Ambala News: नशे की गिरफ्त में पुलिस कर्मचारी, डीजीपी की सार्थक पहल पर उपचार शुरू
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अंबाला सिटी। विदेशों की तर्ज पर अब हरियाणा पुलिस भी अपने यहां नशे की गिरफ्त में जा चुके पुलिस कर्मियों को नशे से बाहर निकालने के लिए काम करेगी। पुलिस विभाग की कमान संभालते ही डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने पुलिस अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए थे। अंबाला में पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने इस कार्य के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया है। डीजीपी की सार्थक पहल पर अब अंबाला पुलिस ने कर्मियों का नशा छुड़ाने के लिए काम भी शुरू कर दिया है।
नशा छुड़ाने के लिए मुलाना की महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी (एमएमयू) के नशा मुक्ति केंद्र के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पहले 10 पुलिस कर्मियों व पुलिस महकमे में विभिन्न पदों पर आसीन अधिकारियों को सेंटर में उपचार लेने के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद अगले 10 पुलिस कर्मियों को उपचार दिया जाएगा। अंबाला ही नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी जल्द ऐसे पुलिस कर्मियों की सूची तैयार की जाएगी और उनके नशामुक्ति के लिए काम किया जाएगा।
सिर्फ यह नहीं बल्कि इस पहल से पुलिस कर्मियों के जीवन पर किस प्रकार से असर पड़ रहा है इसका फीडबैक भी एकत्रित किया जाएगा। अंबाला पुलिस ने अपने जिले में नशे की गिरफ्त में कैद पुलिस कर्मियों व अधिकारियों की एक सूची भी तैयार की है। इसमें पहले बैच में कौन-कौन पुलिस कर्मी होंगे उनके नाम तय कर लिए गए हैं।
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सुधरेगी पुलिस की छवि
पुलिस कर्मियों के नशे की गिरफ्त में जाने जैसे विषय पर अभी तक अधिक काम नहीं किया गया था। नशे में पुलिस कर्मी द्वारा काम करना और व्यवहार करना दोनों पुलिस की साख पर सवाल उठाते थे। कई बार ऐसे पुलिस अधिकारियों व कर्मियों का वीडियो सार्वजनिक मंचों पर वायरल भी हुआ है जिसमें वह नशे में अभद्रता कर रहे हैं। नशा मुक्ति केंद्र में उपचार पाने के बाद वह अपनी इस कमजोरी को छोड़ सकेंगे और पुलिस विभाग को अपने पुलिस कर्मचारी को ठीक करने में मदद मिलेगी।
पुलिस कर्मियों को नशे की गिरफ्त से निकालने के लिए अंबाला पुलिस ने एमएमयू के साथ समझौता किया है। 10-10 के बैच में ऐसे पुलिस कर्मियों को नशा मुक्ति केंद्र में उपचार के लिए भेजा जा रहा है। -जश्नदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक, अंबाला
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नशा छुड़ाने के लिए मुलाना की महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी (एमएमयू) के नशा मुक्ति केंद्र के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पहले 10 पुलिस कर्मियों व पुलिस महकमे में विभिन्न पदों पर आसीन अधिकारियों को सेंटर में उपचार लेने के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद अगले 10 पुलिस कर्मियों को उपचार दिया जाएगा। अंबाला ही नहीं बल्कि अन्य जिलों में भी जल्द ऐसे पुलिस कर्मियों की सूची तैयार की जाएगी और उनके नशामुक्ति के लिए काम किया जाएगा।
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सिर्फ यह नहीं बल्कि इस पहल से पुलिस कर्मियों के जीवन पर किस प्रकार से असर पड़ रहा है इसका फीडबैक भी एकत्रित किया जाएगा। अंबाला पुलिस ने अपने जिले में नशे की गिरफ्त में कैद पुलिस कर्मियों व अधिकारियों की एक सूची भी तैयार की है। इसमें पहले बैच में कौन-कौन पुलिस कर्मी होंगे उनके नाम तय कर लिए गए हैं।
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पुलिस कर्मियों के नशे की गिरफ्त में जाने जैसे विषय पर अभी तक अधिक काम नहीं किया गया था। नशे में पुलिस कर्मी द्वारा काम करना और व्यवहार करना दोनों पुलिस की साख पर सवाल उठाते थे। कई बार ऐसे पुलिस अधिकारियों व कर्मियों का वीडियो सार्वजनिक मंचों पर वायरल भी हुआ है जिसमें वह नशे में अभद्रता कर रहे हैं। नशा मुक्ति केंद्र में उपचार पाने के बाद वह अपनी इस कमजोरी को छोड़ सकेंगे और पुलिस विभाग को अपने पुलिस कर्मचारी को ठीक करने में मदद मिलेगी।
पुलिस कर्मियों को नशे की गिरफ्त से निकालने के लिए अंबाला पुलिस ने एमएमयू के साथ समझौता किया है। 10-10 के बैच में ऐसे पुलिस कर्मियों को नशा मुक्ति केंद्र में उपचार के लिए भेजा जा रहा है। -जश्नदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक, अंबाला