जहरीली शराब का मामला: अंबाला पुलिस ने 12 आरोपी दबोचे, मोनू राणा की एंट्री के बाद मिली फैक्ट्री की जगह
शराब बनाने के लिए सबसे जरूरी इथेनाॅल होती है और वो अंकित के दोस्त करनाल के रहने वाले रमनदीप उर्फ दीपू ने उपलब्ध करवाया था। जेल से छूटने के बाद अंकित ने अपने अन्य साथियों की मदद से फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया और दिवाली से ठीक पहले यानी 6 नवंबर को 200 पेटियों का जखीरा तैयार कर सप्लाई करना शुरू कर दिया था।
विस्तार
जहरीली शराब की अवैध फैक्ट्री के मामले की अंबाला पुलिस ने महज 9 दिन में अनसुलझी गुत्थी सुलझा दी है। अंबाला पुलिस ने मास्टर माइंड अंकित उर्फ मोगली सहित कुल 12 आरोपियों को काबू किया है। इसमें अवैध फैक्ट्री की जगह देने से लेकर सप्लायर, इथेनॉल, स्टीकर, कच्चा माल व खाली बोतलें उपलब्ध करवाने वाले शामिल हैं।
प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि अंकित उर्फ मोगली ही मुख्य आरोपी है और उसने मार्च में ही अवैध फैक्ट्री रखने के लिए सामान जुटाना शुरू कर दिया था। पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि करनाल के कलंदरी गेट के रहने वाले रमनदीप उर्फ दीपू ने मार्च में ही एथेनॉल के 10 ड्रम की सप्लाई उपलब्ध करवाई थी। यह इथेनॉल करनाल की लाइसेंस्ड फर्म के संचालक अंशुल से लिया गया था।
उसके बाद अंकित उर्फ मोगली को काम करने के लिए जगह नहीं मिल रही थी। बाद में वह कुरुक्षेत्र जेल में मोनू राणा के संपर्क में आया और उसने न केवल जगह उपलब्ध करवाने की बात कहीं बल्कि उसने कहा कि उसका यमुनानगर के आसपास ठेकों में भी हिस्सेदारी है और वो उसके संपर्क सूत्रों के शराब बिकवा देगा। इस तरह से अंकित ने जेल से छूटने के बाद 6 नवंबर को ही किराये पर ली कैमिकल फैक्ट्री में अवैध शराब बनाने का काम शुरू किया था। पहली खेप के जाते ही जहरीली शराब की मौतों की सूचना आ गई थी।
कुरुक्षेत्र जेल में रचा गया था जहरीली शराब की अवैध फैक्ट्री का खाका
जहरीली शराब की अवैध फैक्ट्री का पूरा खाका कुरुक्षेत्र जेल में ही रचा गया था। जहां अंकित उर्फ मोगली व मोनू के बीच मुलाकात हुई और उसके साथियों ने भी अंकित का साथ देने के लिए हामी भरी। बता दें कि शराब बनाने के लिए सबसे जरूरी इथेनाॅल होती है और वो अंकित के दोस्त करनाल के रहने वाले रमनदीप उर्फ दीपू ने उपलब्ध करवाया था। जेल से छूटने के बाद अंकित ने अपने अन्य साथियों की मदद से फैक्ट्री में काम शुरू कर दिया और दिवाली से ठीक पहले यानी 6 नवंबर को 200 पेटियों का जखीरा तैयार कर सप्लाई करना शुरू कर दिया था।
मोनू राणा व उसके साथियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस
अवैध शराब फैक्ट्री के तार जेल में बंद मोनू राणा से जुड़े हैं तो अंबाला पुलिस जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके अलावा मोनू राणा के कुछ साथियों को यमुनानगर पुलिस ने काबू किया है उन्हें भी प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पुलिस गहनता से पूछताछ करेगी। जबकि अभी मास्टर माइंड अंकित उर्फ मोगली का 6 दिन का रिमांड चल रहा है।
पकड़े गए सभी 12 आरोपी की इस तरह रही भूमिका
अंकित उर्फ मोगली निवासी उगाला गांव अंबाला - यह अवैध शराब फैक्ट्री का मास्टरमाइंड था
उत्तम निवासी धनौरा गांव अंबाला - अवैध फैक्ट्री वाली जगह का मालिक
पुनीत निवासी धनौरा गांव अंबाला - मोनू राणा का दोस्त, इसके जरिए ही उत्तम ने अंकित उर्फ मोगली को फैक्ट्री किराये पर दी
प्रिंस निवासी नारायणगढ़ अंबाला - अवैध फैक्ट्री से बोतलों की सप्लाई का जिम्मा प्रिंस के पास था
सौरभ निवासी सहारनपुर - फैक्ट्री में शराब बनाने वाला कारीगर
शेखर निवासी मेरठ - अंकित राणा का दोस्त था, यहीं फैक्ट्री में मजदूरों को लेकर आया था
प्रवीन निवासी मुज्जफर नगर - फैक्ट्री में पैकिंग करने वाला
अंशुल निवासी करनाल - इथेनॉल उपलब्ध करवाने वाली फैक्ट्री का मालिक
रमनदीप उर्फ दीपू निवासी करनाल - इथेनॉल उपलब्ध करवाने के लिए अंकित को फैक्ट्री मालिक से मिलवाने वाला
विक्रम राणा उर्फ विक्की निवासी गुलयानी गांव अंबाला - कच्चा माल उपलब्ध करवाने वाला
मोहित उर्फ काला निवासी अधोया गांव अंबाला - कच्चा माल उपलब्ध करवाने वाला
रविंद्र उर्फ बब्लू निवासी दिल्ली- स्टीकर उपलब्ध करवाने वाला
अधिकारी के अनुसार
अंबाला पुलिस ने 12 आरोपियों को काबू कर लिया है। जल्द ही मोनू राणा व यमुनानगर पुलिस द्वारा काबू किए गए मोनू राणा के साथियों को भी प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी। जबकि अंकित उर्फ मोगली का अभी 6 दिन का रिमांड चल रहा है। अभी तक फैक्ट्री से जुड़ा सारा सामान मशीन व गाड़ी आदि को बरामद कर लिया गया है। -जश्नदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक, अंबाला।