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Ambala News: फलक तक खिलाड़ी, मैदान बने तो आए दूसरों की बारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2025 09:19 PM IST
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Players are up to the sky, when the ground is ready then it is the turn of others
पार्थ चौहान।
अंबाला। छावनी के सनातन धर्म कॉलेज के मैदान में अमर उजाला की तरफ से बिना मैदान क्रिकेट अधूरा अभियान के तहत सोमवार को संवाद करवाया गया। इसमें अंबाला में सालों से खेल रहे खिलाड़ियों के अलावा युवाओं ने भाग लेकर अपने विचारों को रखा।
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उन्होंने कहा कि अंबाला के क्रिकेट खिलाड़ियों का डंका वैभव और गुरजपनीत के कारण दुनियाभर में बज रहा है लेकिन वो भी दूसरे राज्यों की तरफ से खेल रहे हैं। विडंबना यह है कि एक सरकारी मैदान तक नहीं है। पहले जो थे वो भी खत्म हो गए है। मैदान बनेंगे तभी तो युवा क्रिकेट में आगे बढ़कर अंबाला का नाम चमका सकेंगे। खेल विभाग भी खेल महाकुंभ में क्रिकेट की टीमें भेज रहे हैं।
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अभी तक एक कोच तक नहीं रखा। यह उम्मीदें भी निजी अकादमियों पर ही टिकी हुई है कि खिलाड़ी तैयार होंगे और अपने आप आगे बढ़ जाएंगे। इस संवाद कार्यक्रम नरेंद्र आहूजा, दिनेश, मोहिन, ध्रुव, कार्तिक, देवेंद्र, मिद्रुल, दीपू, सैम्यूल मसीह, सूर्य प्रकाश शामिल रहे। प्रशासन को जल्द इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
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फोटो नंबर -30
क्रिकेट को सरकार की तरफ से मिले बढ़ावा
पार्थ चौहान का कहना है कि क्रिकेट का जुनून तो बचपन से है लेकिन खुद जिम्मेदारियों के चलते काफी आगे तक खेलने का मौका नहीं मिला। अब बेटे को क्रिकेट में आगे बढ़ाना है। अंबाला में कहीं भी सरकारी मैदान और कोच नहीं है। जबकि अंबाला में क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ी निकल सकते हैं। दूसरे खेलों की तरफ इसे भी सरकार की तरफ से बढ़ावा मिलना चाहिए।
फोटो नंबर - 31
एक सरकारी मैदान तो होना चाहिए
क्रिकेट खिलाड़ी जतिंद्र वर्मा ने बताया कि वह सालों से क्रिकेट खेल रहे हैं। पहले एसडी कॉलेज के सामने सेना का मैदान व गांधी मैदान था, जहां खेल लेते थे। अब तो निजी मैदानों में ही पैसे चुकाने के लिए खेलना पड़ता है। कम से कम एक मैदान को सरकारी होना चाहिए।

फोटो नंबर - 32
कम से कम मैदान और कोच जरूर हों
क्रिकेट खिलाड़ी हेमंत अरोड़ा ने बताया कि निजी मैदानों के पैसे चुकाने के बावजूद युवा खिलाड़ी क्रिकेट खेलते हैं। अगर सरकारी मैदान बन जाए तो खिलाड़ियों को राहत मिलेगी। एक शहर में कम से कम एक क्रिकेट का सरकारी मैदान व कोच जरूरत होना चाहिए ताकि बेहतरीन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। वह अंबाला का नाम रोशन कर सके।

पार्थ चौहान।

पार्थ चौहान।

पार्थ चौहान।

पार्थ चौहान।

पार्थ चौहान।

पार्थ चौहान।

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