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Ambala News: निवास प्रमाण पत्र और जाति सत्यापन के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे लोग
Mon, 31 Aug 2026 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Mon, 31 Aug 2026 03:36 AM IST
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अंबाला छावनी में पटवारखाने पर लटका ताला। संवाद
अंबाला। लंबित मांगों और नए राजस्व सॉफ्टवेयर में आ रही गंभीर तकनीकी खामियों को लेकर पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल आज यानी सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहेगी। 20 अगस्त से शुरू हुई इस हड़ताल के कारण पूरे जिले की राजस्व सेवाएं पूरी तरह ठप्प पड़ी हैं।
लोग पिछले 10 दिनों से अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, बराड़ा, मुलाना, नारायणगढ़, साहा और शहजादपुर स्थित पटवारखानों के चक्कर काट-काटकर बेहाल हो चुके हैं। लोगों के विरासत इंतकाल, इंतकाल, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति सत्यापन, कोर्ट केस सहित अन्य काम बंद है।
दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए राजस्व सॉफ्टवेयर में रोजाना नई तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। इससे जमीनी स्तर पर काम करना कठिन हो गया है।
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इसके अलावा, डिजिटल क्रॉप सर्वे और डिजिटल रोवर डिमार्केशन जैसी प्रक्रियाओं में आ रही दिक्कतों की वजह से रोजमर्रा के राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ हर व्यवस्था को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है, लेकिन इसके लिए आवश्यक मूलभूत संसाधन जैसे लैपटॉप और प्रिंटर पटवारियों को मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं।
दिहाड़ी तोड़कर पहुंच रहे लोग : पटवारखानों के बाहर हर दिन लोगों की भीड़ जुटती है, लेकिन दफ्तरों में सन्नाटा पसरा मिलता है। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग अपनी दैनिक दिहाड़ी छोड़कर या दफ्तरों से छुट्टी लेकर आ रहे हैं। कई लोग चार से पांच चक्कर लगा चुके हैं, मगर उन्हें यह बताने वाला कोई नहीं है कि यह धरना कब खत्म होगा।
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लोग पिछले 10 दिनों से अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, बराड़ा, मुलाना, नारायणगढ़, साहा और शहजादपुर स्थित पटवारखानों के चक्कर काट-काटकर बेहाल हो चुके हैं। लोगों के विरासत इंतकाल, इंतकाल, मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति सत्यापन, कोर्ट केस सहित अन्य काम बंद है।
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दी पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए राजस्व सॉफ्टवेयर में रोजाना नई तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। इससे जमीनी स्तर पर काम करना कठिन हो गया है।
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इसके अलावा, डिजिटल क्रॉप सर्वे और डिजिटल रोवर डिमार्केशन जैसी प्रक्रियाओं में आ रही दिक्कतों की वजह से रोजमर्रा के राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ हर व्यवस्था को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है, लेकिन इसके लिए आवश्यक मूलभूत संसाधन जैसे लैपटॉप और प्रिंटर पटवारियों को मुहैया नहीं कराए जा रहे हैं।
दिहाड़ी तोड़कर पहुंच रहे लोग : पटवारखानों के बाहर हर दिन लोगों की भीड़ जुटती है, लेकिन दफ्तरों में सन्नाटा पसरा मिलता है। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग अपनी दैनिक दिहाड़ी छोड़कर या दफ्तरों से छुट्टी लेकर आ रहे हैं। कई लोग चार से पांच चक्कर लगा चुके हैं, मगर उन्हें यह बताने वाला कोई नहीं है कि यह धरना कब खत्म होगा।