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Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Patwar offices locked since August 20; over 15,000 certificates and mutation records stalled.

Ambala News: 20 अगस्त से पटवारखानों पर लटके ताले, 15 हजार से अधिक प्रमाण पत्र और इंतकाल अटके

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:56 AM IST
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Patwar offices locked since August 20; over 15,000 certificates and mutation records stalled.
अंबाला छावनी के पटवारखाने में परेशान होते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला। जिले में बीते 20 अगस्त से पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल और पिछले चार महीनों से सिस्टम में आ रही तकनीकी कमियों के कारण जनता की परेशानी चरम पर पहुंच गई है। हड़ताल के चलते अंबाला सिटी, अंबाला कैंट, बराड़ा, नारायणगढ़, साहा और शहजादपुर स्थित पटवारखानों में दफ्तरों पर ताले लटक रहे हैं। लोग अपनी दिहाड़ी छोड़कर और नौकरी से छुट्टी लेकर पटवारखानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन दफ्तर बंद मिलने से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
राजस्व कार्य पूरी तरह ठप होने से जिलेभर में करीब 12,900 इंतकाल व विरासत इंतकाल, 1,125 से अधिक जाति सत्यापन प्रमाण पत्र और 975 से ज्यादा मूल निवास प्रमाण पत्र का काम अधर में लटक गया है। इसके अलावा गिरदावरी और जमीन से जुड़े अन्य जरूरी दस्तावेज न बनने से रोजाना सैकड़ों लोग परेशान हो रहे हैं।
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केस एक
अंबाला छावनी के सलारहेडी निवासी सुखविंद्र कौर ने बताया कि उन्हें अपने जरूरी दस्तावेजों पर पटवारी के हस्ताक्षर करवाने थे। इसी काम के सिलसिले में पटवारखाने पहुंची तो पता चला कि पटवारी हड़ताल पर हैं। अब समझ नहीं आ रहा कि काम कब तक पूरा होगा, दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुकी हैं।
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केस दो
छावनी निवासी महिंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्हें अपने जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन करवाना था। पटवारखाने पहुंचा तो मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। वहां कोई ऐसा कर्मचारी भी मौजूद नहीं था जिससे यह जानकारी मिल सके कि पटवारी कब बैठेंगे या हमारा काम कब तक हो पाएगा।

केस तीन
छावनी के शिव प्रताप नगर निवासी प्रकाश चंद्र ने बताया कि उन्हें जमाबंदी की नकल पर पटवारी के साइन करवाने थे। पटवारखाने आने पर पता चला कि पटवारी नहीं हैं। दूर-दूर से लोग उम्मीद लेकर आ रहे हैं, लेकिन काम न होने के कारण सभी निराश होकर वापस लौटने को मजबूर हैं।
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