{"_id":"c52697da48f50fd9d30b28ad7f5b17f6","slug":"passion-body-building-heavily-on-health","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाडी बिल्डिंग का जुनून सेहत पर भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाडी बिल्डिंग का जुनून सेहत पर भारी
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला
Updated Thu, 05 Jun 2014 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला कैंट। युवाओं में बॉडी बनाने का क्रेज इस कदर बढ़ गया है कि वे इससे सेहत पर पड़ने वाले असर की भी परवाह नहीं कर रहे हैं। फिल्मी सितारों जैसी बॉडी बनाने के लिए दवाओं और इंजेक्शनों का सहारा लिया जा रहा है। युवाओं का यह रुख उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को डैमेज कर सकता है।
युवा बॉडी बनाने के लिए एक्सरसाइज की जगह दवाओं का सहारा ले रहे हैं। ये दवाएं काफी नुकसानदायक हैं। यदि लंबे समय तक इनका इस्तेमाल की जाए, तो इसका असर शरीर पर बुरा असर पड़ता है। कुछ बॉडी बिल्डर तो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा करते समय डॉक्टरी सलाह भी नहीं ली जाती। बॉडी बिल्डिंग के लिए वर्क आउट करने वाले खुद बताते हैं कि दवाओं के बिना प्रतियोगिता में उतरना मुश्किल है।
यह कहते हैं जिम संचालक
जिम संचालक विजय कुमार का कहना है कि बॉडी बिल्डिंग के लिए युवाओं में सहनशीलता ही नहीं है। कुछ माह में ही फिल्मी हीरो की तरह बनने की ख्वाहिश लेकर जिम में आते हैं। बॉडी को शेप देने के लिए वर्कआउट और डाइट की जरूरत है लेकिन अधिकतर युवा दवाओं और इंजेक्शन का सहारा लेते हैं। कुछ माह में ही बॉडी शेप में तो आ जाती है, लेकिन इसका शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन
यह कहते हैं डॉक्टर
डा. डीएस गोयल (एमडी) का कहना है कि बॉडी बिल्डिंग के लिए दवाओं और इंजेक्शनों का सहारा तो लेना ही नहीं चाहिए। यह सीधे किडनी, लिवर, पाचन तंत्र पर बुरा असर डालते हैं। इतना ही नहीं युवा अवस्था में ही पेट दर्द आदि बीमारियों से जूझना पड़ता है। जो भी डाइट लेनी है वह प्राकृतिक तौर पर ली जाए, तो बेहतर है, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
विज्ञापन
युवा बॉडी बनाने के लिए एक्सरसाइज की जगह दवाओं का सहारा ले रहे हैं। ये दवाएं काफी नुकसानदायक हैं। यदि लंबे समय तक इनका इस्तेमाल की जाए, तो इसका असर शरीर पर बुरा असर पड़ता है। कुछ बॉडी बिल्डर तो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसा करते समय डॉक्टरी सलाह भी नहीं ली जाती। बॉडी बिल्डिंग के लिए वर्क आउट करने वाले खुद बताते हैं कि दवाओं के बिना प्रतियोगिता में उतरना मुश्किल है।
विज्ञापन
यह कहते हैं जिम संचालक
जिम संचालक विजय कुमार का कहना है कि बॉडी बिल्डिंग के लिए युवाओं में सहनशीलता ही नहीं है। कुछ माह में ही फिल्मी हीरो की तरह बनने की ख्वाहिश लेकर जिम में आते हैं। बॉडी को शेप देने के लिए वर्कआउट और डाइट की जरूरत है लेकिन अधिकतर युवा दवाओं और इंजेक्शन का सहारा लेते हैं। कुछ माह में ही बॉडी शेप में तो आ जाती है, लेकिन इसका शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन
यह कहते हैं डॉक्टर
डा. डीएस गोयल (एमडी) का कहना है कि बॉडी बिल्डिंग के लिए दवाओं और इंजेक्शनों का सहारा तो लेना ही नहीं चाहिए। यह सीधे किडनी, लिवर, पाचन तंत्र पर बुरा असर डालते हैं। इतना ही नहीं युवा अवस्था में ही पेट दर्द आदि बीमारियों से जूझना पड़ता है। जो भी डाइट लेनी है वह प्राकृतिक तौर पर ली जाए, तो बेहतर है, नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।