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पुण्य से मिलते हैं माता-पिता : मुनि
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मुनि प्रतीक सागर।
- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। गुड़ बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में धर्म सभा का अयोजन हुआ। इसमें क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर ने लाेगों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद संतान के लिए परमात्मा के आशीर्वाद के बराबर है। उनके चरणों की रज मंदिर के चंदन से कम नहीं है। जो संतान माता-पिता की इज्जत नहीं करता वह जीवन में कभी ऊंचाइयों को प्राप्त नहीं कर सकता है।
वैदिक परंपरा में गणेश जी ने माता-पिता को तीनों लोक मानकर परिक्रमा लगाई। देवताओं में सबसे पहले आराधना का अधिकार प्राप्त किया। माता-पिता की आंखों से टपका हुआ एक-एक आंसू समुद्र के पानी से भी अधिक दुखों की कहानी लिख देता है।
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अंबाला। गुड़ बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में धर्म सभा का अयोजन हुआ। इसमें क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर ने लाेगों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद संतान के लिए परमात्मा के आशीर्वाद के बराबर है। उनके चरणों की रज मंदिर के चंदन से कम नहीं है। जो संतान माता-पिता की इज्जत नहीं करता वह जीवन में कभी ऊंचाइयों को प्राप्त नहीं कर सकता है।
वैदिक परंपरा में गणेश जी ने माता-पिता को तीनों लोक मानकर परिक्रमा लगाई। देवताओं में सबसे पहले आराधना का अधिकार प्राप्त किया। माता-पिता की आंखों से टपका हुआ एक-एक आंसू समुद्र के पानी से भी अधिक दुखों की कहानी लिख देता है।

मुनि प्रतीक सागर।- फोटो : अमर उजाला
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