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मचेगी धूम, पंडालों में विराजमान होंगे इको फ्रेंडली बप्पा
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट।
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:23 AM IST
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अंबाला सिटी/कैंट। गणेश महोत्सव की तैयारियों को लेकर ट्विन सिटी में तैयारियंा शुरू हो चुकी हैं। अंबाला कैंट और सिटी में जहां इस अवसर पर छह से अधिक जगहों पर गणेश महोत्सव के लिए बड़े पंडाल लगाए जाएंगे, वहीं इन सभी पंडालों में इस बार इको फ्रेंडली बप्पा विराजमान किए जाएंगे। बप्पा की इन मूर्तियों को पूरी तरह से पर्यावरण संरक्षित बनाया जाएगा, वहीं इनमें इस्तेमाल होने वाले रंग भी खतरनाक नहीं होंगे। विसर्जन के समय ये मूर्तियां पानी में एकदम से घुल जाएंगीं और मूर्तियों के रंगों से नदियों और तालाबों के जल जंतुओं को भी कोई नुकसान नहीं होगा।
अंबाला के जगाधरी हाईवे और हिसार हाईवे पर कई कलाकार इस तरह की मूर्तियों को तैयार कर रहे हैं। बप्पा की ये मूर्तियां 100 रुपये से लेकर 15 से 20 हजार रुपये तक कीमत की तैयार की जा रही हैं। इन कलाकारों ने बताया कि अंबाला समेत पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल व हरिद्वार तक श्रद्धालु अपने पंडालों में सजाने के लिए यहीं से मूर्तियां ले जा रहे हैं।
मूर्ति कलाकार राममोनी और संजय ने बताया कि वे लोग पुश्तैनी मूर्तियां बनाने का काम दशकों से करते आ रहे हैं। वे लोग सड़कों किनारे ही रहते हैं और वहीं गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा, विश्वकर्मा पूजा, जन्माष्टमी इत्यादि पर्वों पर मूर्तियां तैयार करते हैं।
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घरों में भी विराजमान होंगे बप्पा
इस बार भी उन्होंने सैकड़ों छोटी-बड़ी मूर्तियां तैयार की हैं। कलाकारों के अनुसार बड़ी विशाल मूर्तियां तो पंडालों की शान बनेगी, जबकि छोटी-छोटी मूर्तियां घरों में विराजमान होंगी। कलाकारों ने बताया कि आर्मी क्षेत्र में सबसे ज्यादा मूर्तियों की सप्लाई हुई है, क्योंकि यहां बहुत से लोग अपने घरों में बप्पा को विराजमान कर पूजा-अर्चना करते हैं।
शोभयात्रा से शुरू होगा बप्पा महोत्सव
अंबाला सिटी और कैंट में पांच सितंबर से बप्पा महोत्सव की शुरुआत होगी। पंडालों को सड़कों किनारे व धर्मशालाओं में सजाया जाएगा। इसके लिए आयोजक कमेटियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए विभिन्न पंडालों में सात से ग्यारह दिनों तक गणेश पूजन का आयोजन किया जाएगा। ट्विन सिटी में पल्लेदार मोहल्ला, माया वाला चौक, लालकुर्ती, बस स्टैंड, दयालबाग, महेशनगर, हाथीखाना मंदिर, सिटी कोतवाली बाजार, मानव चौक, बलदेव नगर इत्यादि क्षेत्रों के साथ-साथ घरों में भी गणेश आगमन पर्व मनाया जाता है।
गणेश मंडल सर्राफा बाजार अंबाला कैंट के प्रधान बबन भोंसले ने बताया कि स्वर्णकार धर्मशाला सर्राफा बाजार में गणेश जी का आगमन 5 सितंबर को शोभा यात्रा के साथ किया जाएगा और 11 सितंबर को यमुना नदी में उनका विसर्जन किया जाएगा।
उधर, अंबाला सिटी में श्री सिद्धि विनायक सेवा मंडल, कोतवाली बाजार के प्रधान सतीश गुप्ता ने बताया कि कोतवाली बाजार में गत 3 वर्षों कि भांति इस वर्ष भी गणेश महोत्सव 5 से 11 सितंबर तक धूमधाम से मनाया जाएगा। मूर्ति स्थापना की शोभायात्रा 5 सितंबर को दोपहर 2 बजे जगाधरी गेट चौक से शुरू होकर कोतवाली बाजार पंडाल में आएगी जहां पर पंडाल की भव्य सज्जा कार्रवाई जा रही है। पंडित ज्योति प्रसाद जी द्वारा प्रतिदिन पूजा-अर्चना करवाई जाएगी। 6 सितंबर शाम को राजपुरा से गोपी नाथ कमल, 7 सितंबर को नरिंदर निंदी, 8 सितंबर को दिल्ली से राकेश गुलाटी और 9 सितंबर को लुधियाना से राजू मान गणपति बप्पा का गुणगान करेंगे और 10 सितंबर को दिन में भंडारा और शाम को श्रीराधा-कृष्ण फोक ग्रुप मथुरा द्वारा रासलीला का कार्यक्रम होगा। 11 सितंबर को सुबह 10 बजे कोतवाली बाजार से मूर्ति विसर्जन के लिए शोभा यात्रा शुरू होगी और बाद में हरिद्वार में मूर्ति विसर्जित होगी।
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अंबाला के जगाधरी हाईवे और हिसार हाईवे पर कई कलाकार इस तरह की मूर्तियों को तैयार कर रहे हैं। बप्पा की ये मूर्तियां 100 रुपये से लेकर 15 से 20 हजार रुपये तक कीमत की तैयार की जा रही हैं। इन कलाकारों ने बताया कि अंबाला समेत पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल व हरिद्वार तक श्रद्धालु अपने पंडालों में सजाने के लिए यहीं से मूर्तियां ले जा रहे हैं।
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मूर्ति कलाकार राममोनी और संजय ने बताया कि वे लोग पुश्तैनी मूर्तियां बनाने का काम दशकों से करते आ रहे हैं। वे लोग सड़कों किनारे ही रहते हैं और वहीं गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा, विश्वकर्मा पूजा, जन्माष्टमी इत्यादि पर्वों पर मूर्तियां तैयार करते हैं।
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घरों में भी विराजमान होंगे बप्पा
इस बार भी उन्होंने सैकड़ों छोटी-बड़ी मूर्तियां तैयार की हैं। कलाकारों के अनुसार बड़ी विशाल मूर्तियां तो पंडालों की शान बनेगी, जबकि छोटी-छोटी मूर्तियां घरों में विराजमान होंगी। कलाकारों ने बताया कि आर्मी क्षेत्र में सबसे ज्यादा मूर्तियों की सप्लाई हुई है, क्योंकि यहां बहुत से लोग अपने घरों में बप्पा को विराजमान कर पूजा-अर्चना करते हैं।
शोभयात्रा से शुरू होगा बप्पा महोत्सव
अंबाला सिटी और कैंट में पांच सितंबर से बप्पा महोत्सव की शुरुआत होगी। पंडालों को सड़कों किनारे व धर्मशालाओं में सजाया जाएगा। इसके लिए आयोजक कमेटियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए विभिन्न पंडालों में सात से ग्यारह दिनों तक गणेश पूजन का आयोजन किया जाएगा। ट्विन सिटी में पल्लेदार मोहल्ला, माया वाला चौक, लालकुर्ती, बस स्टैंड, दयालबाग, महेशनगर, हाथीखाना मंदिर, सिटी कोतवाली बाजार, मानव चौक, बलदेव नगर इत्यादि क्षेत्रों के साथ-साथ घरों में भी गणेश आगमन पर्व मनाया जाता है।
गणेश मंडल सर्राफा बाजार अंबाला कैंट के प्रधान बबन भोंसले ने बताया कि स्वर्णकार धर्मशाला सर्राफा बाजार में गणेश जी का आगमन 5 सितंबर को शोभा यात्रा के साथ किया जाएगा और 11 सितंबर को यमुना नदी में उनका विसर्जन किया जाएगा।
उधर, अंबाला सिटी में श्री सिद्धि विनायक सेवा मंडल, कोतवाली बाजार के प्रधान सतीश गुप्ता ने बताया कि कोतवाली बाजार में गत 3 वर्षों कि भांति इस वर्ष भी गणेश महोत्सव 5 से 11 सितंबर तक धूमधाम से मनाया जाएगा। मूर्ति स्थापना की शोभायात्रा 5 सितंबर को दोपहर 2 बजे जगाधरी गेट चौक से शुरू होकर कोतवाली बाजार पंडाल में आएगी जहां पर पंडाल की भव्य सज्जा कार्रवाई जा रही है। पंडित ज्योति प्रसाद जी द्वारा प्रतिदिन पूजा-अर्चना करवाई जाएगी। 6 सितंबर शाम को राजपुरा से गोपी नाथ कमल, 7 सितंबर को नरिंदर निंदी, 8 सितंबर को दिल्ली से राकेश गुलाटी और 9 सितंबर को लुधियाना से राजू मान गणपति बप्पा का गुणगान करेंगे और 10 सितंबर को दिन में भंडारा और शाम को श्रीराधा-कृष्ण फोक ग्रुप मथुरा द्वारा रासलीला का कार्यक्रम होगा। 11 सितंबर को सुबह 10 बजे कोतवाली बाजार से मूर्ति विसर्जन के लिए शोभा यात्रा शुरू होगी और बाद में हरिद्वार में मूर्ति विसर्जित होगी।