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Ambala News: नागरिक अस्पताल में निकाला पैंक्रियाज का कैंसर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:49 AM IST
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Pancreas cancer removed in civil hospital
अंबाला का अटल कैंसर केयर केंद्र
अंबाला। अटल कैंसर केयर केंद्र में पैंक्रियाज के कैंसर से जूझ रहे यमुनानगर निवासी 55 वर्षीय वेद प्रकाश को नया जीवनदान मिला है। करीब 15 घंटे तक ओंको सर्जन डॉ. अनुज व उनकी टीम ने सफल ऑपरेशन किया। बताया जाता है कि अभी तक प्रदेश के किसी नागरिक अस्पताल में इतनी बड़ी सर्जरी नहीं हुई है। केवल पीजीआई में यह होती है।
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मरीज करीब तीन माह से इस बीमारी से जूझ रहा था। खाने में दिक्कत थी और पेट में भी दर्द के साथ पीलिया हो गया था। निजी अस्पतालों में चक्कर काटने पर करीब 5 लाख रुपये का खर्च बताया था लेकिन अटल कैंसर केयर केंद्र में यह निशुल्क हुआ। ओंको सर्जन ने बताया कि धीरे-धीरे कैंसर फैलने के कारण जान का खतरा बना हुआ था। अस्पताल की ओपीडी में आने के बाद टेस्ट के जरिए इसका पता चला था।
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मरीज की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए ऑपरेशन करने का जिम्मा उठाया था। पैंक्रियाज के कैंसर में सबसे ज्यादा चुनौती यह होती है कि इसमें पेट का पार्ट, पित्त की थैली व छोटी आंत को काटकर निकाला जाता है। बाकी को जोड़ा जाता है। यह एक लंबी प्रक्रिया है और मरीज की जान को भी खतरा बना रहता है। उनकी टीम में बेहोशी की डॉक्टर अनु, डॉ. वेद और अन्य नर्सिंग ऑफिसर शामिल थी।
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शिफ्टों में बदलाव के साथ हर पल था खतरा, मरीज को निगरानी में रखा : डॉ़ अनुज

ओंको सर्जन डॉ. अनुज ने बताया कि इतने लंबे समय तक चलने वाले ऑपरेशन में बेहोशी के डॉक्टर की भी अहम भूमिका रहती है कि मरीज ऑपरेशन के दौरान न उठ जाए। बेहोशी के लिए कितनी डोज देनी है। इसके अलावा नर्सिंग ऑफिसर की शिफ्टों में बदलाव होती है लेकिन उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ही रहना पड़ता है। इस बीच खुद खाने के लिए कुछ ही समय मिलता है।

पैंक्रियास का कैंसर


अधिकांश लोगों को पैंक्रियास के कैंसर के शुरुआती लक्षणों का अनुभव नहीं होता है। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, वैसे-वैसे रोगी में लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द जो पीठ तक फैलना और त्वचा का पीला पड़ना और आंखों का सफेद होना (पीलिया) और थकान, भूख में कमी, हल्के रंग का मल, गहरे रंग का पेशाब, वजन घटना, शरीर में खून के थक्के जमना, त्वचा में खुजली, नई या बिगड़ती मधुमेह, मतली और उल्टी आना है। ओंको सर्जन ने बताया कि समय रहते उपचार शुरू हो जाए तो इसे बिना दवाओं के ठीक किया जा सकता है।

अंबाला का अटल कैंसर केयर केंद्र

अंबाला का अटल कैंसर केयर केंद्र

अंबाला का अटल कैंसर केयर केंद्र

अंबाला का अटल कैंसर केयर केंद्र

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