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Ambala News: पंचकूला-यमुनानगर राजमार्ग जाम, परेशानी
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पंचकूला यमुनानगर राजमार्ग पर रास्ता रोके बैठे भाकियू चढूनी ग्रुप के किसान नेता। संवाद
मुलाना (अंबाला)। खनौरी में युवा किसान की मौत पर रोष व्यक्त करते हुए वीरवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के नेतृत्व में किसानों ने पंचकूला यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग को दो घंटे तक जाम किया।
जाम के कारण कई वाहन फंस गए और उन्हें निकलने में डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लगा। दरअसल एक दिन पहले ही किसानों ने दो घंटों के लिए राजमार्ग को जाम करने का एलान किया था। अंबाला में इसके लिए पंचकूला यमुनानगर राजमार्ग को चुना गया था। सुबह होते ही किसान अनाज मंडी में एकत्रित होना शुरू हो गए।
इसके बाद जैसे ही 12 बजे तो किसान हाथों में झंडे लिए हुए राजमार्ग पर आकर दरी बिछाकर बैठ गए। किसानों ने दोपहर 12 बजे से लेकर दो बजे तक धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
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इन गाड़ियों को निकाला
किसान जहां एक तरफ राजमार्ग काे जाम किए बैठे थे तो वहीं वहां से गुजर रही एंबुलेंस, विवाह की गाड़ियां, स्कूल की बसें, फौज की गाड़ियों को गुजरने दिया। किसानों का कहना था कि हमारा लक्ष्य आमजन को परेशान करना नहीं, बल्कि अपनी बात को सरकार तक पहुंचाना है।
लिंक रोड से गुजरने को मजबूर चालक
पंजाब की ओर से चंडीगढ़ जाने वाले सभी मार्ग पहले से ही बाधित है। ऐसे में प्रशासन की ओर से साहा से पंचकूला की ओर जाने वाले राजमार्ग से होकर ही लोगों को जाना पड़ रहा है। जिसमें बहुत अधिक समय की खपत हो रही है। तो वहीं वीरवार को किसानों द्वारा जाम लगाने के कारण इस मार्ग पर वाहन चालकों को मजबूरन लिंक रोड से होते हु़ए मुख्य मार्ग तक जाना पड़ा।जाम के कारण साहा चौक पर भी वाहनों का जमावड़ा लग गया था।
मांगें नहीं मानी तो होंगे बड़े आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के जिला प्रधान मलकीत सिंह, जिला युवा प्रधान गुलाब सिंह पुनिया ने कहा कि सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। किसान शांतिपूर्ण ढंग से सिर्फ दिल्ली में धरना देकर अपनी मांगे मांग रहे है, लेकिन सरकार किसानों पर गोलियां और आंसू गैस के गोले दाग रही है। जिसमें कई किसान घायल भी हो रहें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को पहले वायदे करती है और फिर उन वादों से मुकर जाती है। जिससे मजबूरन किसानों को सड़क पर आना पड़ता है और अपनी हक के लिए भी धरने प्रदर्शन करने पड़ रहे है। लेकिन सरकार इस और कोई ध्यान नहीं दे रही है। मलकीत सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो प्रदेश भर में यह आंदोलन और बड़े स्तर पर किया जाएगा।
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जाम के कारण कई वाहन फंस गए और उन्हें निकलने में डेढ़ घंटे का अतिरिक्त समय लगा। दरअसल एक दिन पहले ही किसानों ने दो घंटों के लिए राजमार्ग को जाम करने का एलान किया था। अंबाला में इसके लिए पंचकूला यमुनानगर राजमार्ग को चुना गया था। सुबह होते ही किसान अनाज मंडी में एकत्रित होना शुरू हो गए।
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इसके बाद जैसे ही 12 बजे तो किसान हाथों में झंडे लिए हुए राजमार्ग पर आकर दरी बिछाकर बैठ गए। किसानों ने दोपहर 12 बजे से लेकर दो बजे तक धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
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इन गाड़ियों को निकाला
किसान जहां एक तरफ राजमार्ग काे जाम किए बैठे थे तो वहीं वहां से गुजर रही एंबुलेंस, विवाह की गाड़ियां, स्कूल की बसें, फौज की गाड़ियों को गुजरने दिया। किसानों का कहना था कि हमारा लक्ष्य आमजन को परेशान करना नहीं, बल्कि अपनी बात को सरकार तक पहुंचाना है।
लिंक रोड से गुजरने को मजबूर चालक
पंजाब की ओर से चंडीगढ़ जाने वाले सभी मार्ग पहले से ही बाधित है। ऐसे में प्रशासन की ओर से साहा से पंचकूला की ओर जाने वाले राजमार्ग से होकर ही लोगों को जाना पड़ रहा है। जिसमें बहुत अधिक समय की खपत हो रही है। तो वहीं वीरवार को किसानों द्वारा जाम लगाने के कारण इस मार्ग पर वाहन चालकों को मजबूरन लिंक रोड से होते हु़ए मुख्य मार्ग तक जाना पड़ा।जाम के कारण साहा चौक पर भी वाहनों का जमावड़ा लग गया था।
मांगें नहीं मानी तो होंगे बड़े आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के जिला प्रधान मलकीत सिंह, जिला युवा प्रधान गुलाब सिंह पुनिया ने कहा कि सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। किसान शांतिपूर्ण ढंग से सिर्फ दिल्ली में धरना देकर अपनी मांगे मांग रहे है, लेकिन सरकार किसानों पर गोलियां और आंसू गैस के गोले दाग रही है। जिसमें कई किसान घायल भी हो रहें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को पहले वायदे करती है और फिर उन वादों से मुकर जाती है। जिससे मजबूरन किसानों को सड़क पर आना पड़ता है और अपनी हक के लिए भी धरने प्रदर्शन करने पड़ रहे है। लेकिन सरकार इस और कोई ध्यान नहीं दे रही है। मलकीत सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानी तो प्रदेश भर में यह आंदोलन और बड़े स्तर पर किया जाएगा।