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उठान शुरू न होने से धान से अटी मंडी, 72 घंटे में भुगतान के सरकारी दावे फेल
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Paddy filled mandi due to non-start of lifting, government claims of payment failed in 72 hours
- फोटो : Ambala
अंबाला। कस्बा व अधीनस्थ धान खरीद केंद्रों पर इस खरीफ मौसम में अच्छी आवक का अनुमान है। 3 अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है। इन तीन दिनों में करीब 72 हजार क्विंटल धान स्थानीय अनाज मंडी, उगाला व सरदेहड़ी खरीद केंद्र में बिक्री के लिए पहुंच चुका है। धान के लिए आवश्यक अनुकूल मौसम बना रहने से इस बार पैदावार प्रति एकड़ 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
चालू खरीफ मौसम में धान की फसल के लिए क्षेत्र के 5513 किसानों ने 27 हजार 882 एकड़ कृषि भूमि का ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। लेकिन सरकार की वेबसाइट पर अपडेशन कार्य के चलते किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से मंडी में किसानों की फसल के जे-फार्म और आई-फार्म नहीं कट पा रहे और इस कारण धान का उठान शुरू नहीं हो पा रहा। इससे दस्तावेजी प्रक्रिया बाधित होने से धान खरीद के 72 घंटे में पेमेंट करने का सरकारी दावा फेल होता प्रतीत हो रहा है। कस्बा सहित उगाला व सरदेहड़ी खरीद केंद्र हजारों क्विंटल धान से अटे पड़े हैं। मंडियों के शेड भी भर चुके हैं। बिक्री के इंतजार में किसानों का धान व सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया धान बाहर खुले आसमान के नीचे पड़ा है, वहीं बेमौसमी बारिश ने आढ़ती व किसानों को चिंता में डाला हुआ है।
हमारा संघ भी लगातार सरकार से मांग कर रहा है कि धान की प्रति एकड़ खरीद 25 से 30 क्विंटल व नमी 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत की जाए। किसान को अपनी फसल को बिना शेड्यूल के भी मंडी में लाने की अनुमति दी जाए। मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण है तो गेट पर ही उस किसान का गेट पास कट जाएगा। आढ़त को प्रति क्विंटल 2.5 प्रतिशत बढ़ाकर दिया जाए। आई फार्म की मजदूरी शुल्क ठीक की जाए
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-स. कवरजीत सिंह विर्क, प्रधान आढ़ती संघ, अनाज मंडी।
किसान अपनी फसल अच्छी प्रकार सुखाकर व अपने आधार कार्ड सहित मंडी में लाएं। किसान व लेबर खुले में शौच जाने की अपेक्षा सुलभ शौचालय का उपयोग करें। आढ़ती भी अपनी दुकान की गंदगी को डस्टबिन में डालने के साथ पेयजल की टंकियों का पानी ओवरफ्लो होकर बाहर न बहने दें।
-जसबीर सिंह, मंडी सचिव।
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चालू खरीफ मौसम में धान की फसल के लिए क्षेत्र के 5513 किसानों ने 27 हजार 882 एकड़ कृषि भूमि का ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है। लेकिन सरकार की वेबसाइट पर अपडेशन कार्य के चलते किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से मंडी में किसानों की फसल के जे-फार्म और आई-फार्म नहीं कट पा रहे और इस कारण धान का उठान शुरू नहीं हो पा रहा। इससे दस्तावेजी प्रक्रिया बाधित होने से धान खरीद के 72 घंटे में पेमेंट करने का सरकारी दावा फेल होता प्रतीत हो रहा है। कस्बा सहित उगाला व सरदेहड़ी खरीद केंद्र हजारों क्विंटल धान से अटे पड़े हैं। मंडियों के शेड भी भर चुके हैं। बिक्री के इंतजार में किसानों का धान व सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया धान बाहर खुले आसमान के नीचे पड़ा है, वहीं बेमौसमी बारिश ने आढ़ती व किसानों को चिंता में डाला हुआ है।
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हमारा संघ भी लगातार सरकार से मांग कर रहा है कि धान की प्रति एकड़ खरीद 25 से 30 क्विंटल व नमी 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत की जाए। किसान को अपनी फसल को बिना शेड्यूल के भी मंडी में लाने की अनुमति दी जाए। मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण है तो गेट पर ही उस किसान का गेट पास कट जाएगा। आढ़त को प्रति क्विंटल 2.5 प्रतिशत बढ़ाकर दिया जाए। आई फार्म की मजदूरी शुल्क ठीक की जाए
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-स. कवरजीत सिंह विर्क, प्रधान आढ़ती संघ, अनाज मंडी।
किसान अपनी फसल अच्छी प्रकार सुखाकर व अपने आधार कार्ड सहित मंडी में लाएं। किसान व लेबर खुले में शौच जाने की अपेक्षा सुलभ शौचालय का उपयोग करें। आढ़ती भी अपनी दुकान की गंदगी को डस्टबिन में डालने के साथ पेयजल की टंकियों का पानी ओवरफ्लो होकर बाहर न बहने दें।
-जसबीर सिंह, मंडी सचिव।