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हाईकोर्ट के आदेश : दो माह में कब्जा हटवाकर दें रिपोर्ट
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:42 AM IST
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बाजारों में दुकानदारों ने किया अतिक्रमण
- फोटो : amar ujala
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हाईकोर्ट के आदेश पर अंबाला कैंट के तमाम बाजारों से अवैध कब्जे हटवाए जाने के मामले हाईकोर्ट ने म्यूनसिपल कॉरपोरेशन अंबाला (एमसीए) को दो माह में सभी अवैध कब्जों को हटवाकर रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। वीरवार को इस संबंध में हाईकोर्ट में सुनवाई थी। एमसीए की ओर से बिल्डिंग विभाग के अफसर हाईकोर्ट में पेश हुए, जबकि इस बाबत जनहित याचिका डालने वाले एडवोकेट एसकेएस बेदी भी हाईकोर्ट में पेश हुए।
एडवोकेट ने हाईकोर्ट को बताया बार-बार एमसीए अफसर लंबी तारीख लेकर अवैध कब्जे हटवाने की कार्रवाई को लटकाते हैं, अभी भी बाजारों में पक्के कब्जे और लोगों की दिक्कतें बरकरार हैं। सड़के और नालों पर दुकानदार पूरी तरह से काबिज है, लेकिन एमसीए अफसर हाईकोर्ट के आदेशों की पालना भी नहीं कर रहे हैं।
पिछली बार भी एमसीए अफसर अंबाला कैंट के बाजारों से पक्के अवैध कब्जे हटवाने के लिए करीबन छह माह का समय मिला था, लेकिन एमसीए सुनवाई की तारीख से पंद्रह दिन पहले ही अपनी थोड़ी सी कार्रवाई करता है और बाकी कब्जे वैसे ही काबिज रहते हैं। एसकेएस बेदी के अनुसार इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि इस बार तारीख छोटी दी जाए और एमसीए ने पूरी तरह कब्जे हटवाने संबंधी रिपोर्ट ली जाए। इस पर हाईकोर्ट ने एमसीए को 21 सितंबर तक बाजारों से सभी पक्के अवैध कब्जों को हटवाकर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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पांच साल से चल रहा केस, क्यों हो रही लापरवाही
जनहित याचीकर्ता एडवोकेट एसकेएस बेदी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली थी और हाईकोर्ट ने एमसीए अफसरों को आदेश दिए थे कि जल्द कैंट के बाजारों को अवैध कब्जों से मुक्त करवाएं। लेकिन बार-बार एमसीए अफसर इसमें लापरवाही करते रहे। लिहाजा उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका भी लगानी पड़ी। उसके बावजूद भी अब वर्ष 2016 आ गया है, लेकिन फिर भी एमसीए अफसर कैंट के बाजारों को कब्जों से मुक्त नहीं करवा पाए। एडवोकेट बेदी के अनुसार अब वे खुद बाजारों का मुआयना कर खुद वीडियोग्राफी करेंगे और सही स्थिति से अगली तारीख पर हाईकोर्ट को अवगत करवाएंगे। उनके अनुसार एमसीए अफसर बताएं, आखिरकार उन्हे बाजारों के पक्के कब्जे हटवाने में पांच साल का वक्त क्यों लग गया?
लोग बोले, अतिक्रमण हटवाओ, तभी मिलेगी राहत
एमसीए धीरे-धीरे बाजारों से अवैध कब्जे हटवा रही है, लेकिन अभी भी कई बाजार ऐसे हैं, जो कब्जों और अतिक्रमण की जद में हैं। कैंट निवासी सुभाष, संतोख सिंह, राजन, राजीव कुमार, हर्ष व सचिन के अनुसार बाजारों में डिवाइडर तो बनते जा रहे हैं, लेकिन कम से कम एमसीए ये तो बताए डिवाइडर बनने से सड़कें तो सिकुड़ गई हैं, क्योंकि दोनों ओर तो दुकानदारों का अतिक्रमण बरकरार है।
लोगों के अनुसार डिवाइडर के साथ-साथ वाहन खड़े हो जाते हैं, दुकानों से कई फीट बाहर तक लोगों ने स्टाल लगा रखे हैं, नाले और सड़कें तो अभी भी दुकानदारों की जद में हैं, ऐसे में लोग कहां से गुजरे? लोगों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए अगली सुनवाई तक एमसीए अफसर बाजारों से अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटवाकर सड़कों को खुला करवाएं, तभी लोगों को सही मायनों में राहत मिल पाएगी।
राय मार्केट में नोटिस से हड़कंप
उधर, एमसीए ने इसी दिशा में कार्रवाई करते हुए राय मार्केट में 70 के करीब दुकानदारों को नोटिस बांटे हैं। ये दुकानदार खोखे वाले दुकानदारों से अलग दुकानदार हैं, जिन्होंने कई फीट तक सड़कों व नालों पर पक्के कब्जे कर लिए हैं। हैरानी की बात यह कि इन दुकानदारों ने न केवल पक्के कब्जे किए, बल्कि कब्जों पर शानदार मार्बल भी लगा लिया। इसके अतिरिक्त ये दुकानदार पक्के कब्जों के बाद भी कई-कई फीट तक अपना सामान सड़कों पर सजाकर रखते थे।
सात दिन में अतिक्रमण हटाने के निर्देश
अब बाजार में डिवाइडर बनने के बाद ये सड़क बहुत ज्यादा सिकुड़ गई और यहां जाम लगना शुरू हो गया। इसी का देखते हुए अब एमसीए ने इन दुकानदारों को नोटिस जारी कर सात दिन में अपने कब्जे हटवाने के आदेश दिए हैं, अन्यथा जेसीबी मशीन से इन कब्जों को तोड़ दिया जाएगा। इस नोटिस के बाद कई दुकानदारों ने कब्जों को हटवाना शुरू कर दिया है। इसी तरह एमसीए ने बीआई मैस रोड पर भी बनी दुकानों के अवैध कब्जों का सर्वे कर लिया है, इस पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। जबकि यहां मार्केट में सड़क के एक ओर बने नॉन फ्रीहोल्ड खोखों को लेकर मामला अभी विचाराधीन है। ये खोखे बतौर रिफ्यूजी मार्केट के तौर पर बनाए गए थे, जिनकी संख्या पचास से अधिक है। ये खोखे रहेंगे या इन्हें भी हटाया जाएगा, इस पर एमसीए अफसरों ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
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एडवोकेट ने हाईकोर्ट को बताया बार-बार एमसीए अफसर लंबी तारीख लेकर अवैध कब्जे हटवाने की कार्रवाई को लटकाते हैं, अभी भी बाजारों में पक्के कब्जे और लोगों की दिक्कतें बरकरार हैं। सड़के और नालों पर दुकानदार पूरी तरह से काबिज है, लेकिन एमसीए अफसर हाईकोर्ट के आदेशों की पालना भी नहीं कर रहे हैं।
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पिछली बार भी एमसीए अफसर अंबाला कैंट के बाजारों से पक्के अवैध कब्जे हटवाने के लिए करीबन छह माह का समय मिला था, लेकिन एमसीए सुनवाई की तारीख से पंद्रह दिन पहले ही अपनी थोड़ी सी कार्रवाई करता है और बाकी कब्जे वैसे ही काबिज रहते हैं। एसकेएस बेदी के अनुसार इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि इस बार तारीख छोटी दी जाए और एमसीए ने पूरी तरह कब्जे हटवाने संबंधी रिपोर्ट ली जाए। इस पर हाईकोर्ट ने एमसीए को 21 सितंबर तक बाजारों से सभी पक्के अवैध कब्जों को हटवाकर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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पांच साल से चल रहा केस, क्यों हो रही लापरवाही
जनहित याचीकर्ता एडवोकेट एसकेएस बेदी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका डाली थी और हाईकोर्ट ने एमसीए अफसरों को आदेश दिए थे कि जल्द कैंट के बाजारों को अवैध कब्जों से मुक्त करवाएं। लेकिन बार-बार एमसीए अफसर इसमें लापरवाही करते रहे। लिहाजा उन्होंने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका भी लगानी पड़ी। उसके बावजूद भी अब वर्ष 2016 आ गया है, लेकिन फिर भी एमसीए अफसर कैंट के बाजारों को कब्जों से मुक्त नहीं करवा पाए। एडवोकेट बेदी के अनुसार अब वे खुद बाजारों का मुआयना कर खुद वीडियोग्राफी करेंगे और सही स्थिति से अगली तारीख पर हाईकोर्ट को अवगत करवाएंगे। उनके अनुसार एमसीए अफसर बताएं, आखिरकार उन्हे बाजारों के पक्के कब्जे हटवाने में पांच साल का वक्त क्यों लग गया?
लोग बोले, अतिक्रमण हटवाओ, तभी मिलेगी राहत
एमसीए धीरे-धीरे बाजारों से अवैध कब्जे हटवा रही है, लेकिन अभी भी कई बाजार ऐसे हैं, जो कब्जों और अतिक्रमण की जद में हैं। कैंट निवासी सुभाष, संतोख सिंह, राजन, राजीव कुमार, हर्ष व सचिन के अनुसार बाजारों में डिवाइडर तो बनते जा रहे हैं, लेकिन कम से कम एमसीए ये तो बताए डिवाइडर बनने से सड़कें तो सिकुड़ गई हैं, क्योंकि दोनों ओर तो दुकानदारों का अतिक्रमण बरकरार है।
लोगों के अनुसार डिवाइडर के साथ-साथ वाहन खड़े हो जाते हैं, दुकानों से कई फीट बाहर तक लोगों ने स्टाल लगा रखे हैं, नाले और सड़कें तो अभी भी दुकानदारों की जद में हैं, ऐसे में लोग कहां से गुजरे? लोगों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए अगली सुनवाई तक एमसीए अफसर बाजारों से अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटवाकर सड़कों को खुला करवाएं, तभी लोगों को सही मायनों में राहत मिल पाएगी।
राय मार्केट में नोटिस से हड़कंप
उधर, एमसीए ने इसी दिशा में कार्रवाई करते हुए राय मार्केट में 70 के करीब दुकानदारों को नोटिस बांटे हैं। ये दुकानदार खोखे वाले दुकानदारों से अलग दुकानदार हैं, जिन्होंने कई फीट तक सड़कों व नालों पर पक्के कब्जे कर लिए हैं। हैरानी की बात यह कि इन दुकानदारों ने न केवल पक्के कब्जे किए, बल्कि कब्जों पर शानदार मार्बल भी लगा लिया। इसके अतिरिक्त ये दुकानदार पक्के कब्जों के बाद भी कई-कई फीट तक अपना सामान सड़कों पर सजाकर रखते थे।
सात दिन में अतिक्रमण हटाने के निर्देश
अब बाजार में डिवाइडर बनने के बाद ये सड़क बहुत ज्यादा सिकुड़ गई और यहां जाम लगना शुरू हो गया। इसी का देखते हुए अब एमसीए ने इन दुकानदारों को नोटिस जारी कर सात दिन में अपने कब्जे हटवाने के आदेश दिए हैं, अन्यथा जेसीबी मशीन से इन कब्जों को तोड़ दिया जाएगा। इस नोटिस के बाद कई दुकानदारों ने कब्जों को हटवाना शुरू कर दिया है। इसी तरह एमसीए ने बीआई मैस रोड पर भी बनी दुकानों के अवैध कब्जों का सर्वे कर लिया है, इस पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। जबकि यहां मार्केट में सड़क के एक ओर बने नॉन फ्रीहोल्ड खोखों को लेकर मामला अभी विचाराधीन है। ये खोखे बतौर रिफ्यूजी मार्केट के तौर पर बनाए गए थे, जिनकी संख्या पचास से अधिक है। ये खोखे रहेंगे या इन्हें भी हटाया जाएगा, इस पर एमसीए अफसरों ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।