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Ambala News: बिजली चोरी के मामले में विशेष अदालत ही करेगी सुनवाई
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माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। बिजली चोरी के आरोपों से घिरे उपभोक्ताओं के लिए जिला अदालत ने एक महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति स्पष्ट की है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की अपील की स्वीकार कर ली।
वहीं निचली अदालत (सिविल कोर्ट) के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें एक उपभोक्ता को राहत दी गई थी। अदालत ने साफ किया कि बिजली चोरी (धारा 135) से जुड़े मामलों में सिविल कोर्ट का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। ऐसे मामलों का निपटारा केवल विशेष अदालत ही कर सकती है ।
गांव लंगर छन्नी निवासी लाभ सिंह के मुर्गी फार्म और घर के बिजली कनेक्शन का मीटर सितंबर 2015 में जल गया था।
उपभोक्ता का आरोप था कि जब बिजली विभाग के कर्मचारी नया मीटर लगाने आए तो उन्होंने दुर्भावनापूर्ण तरीके से चेकिंग रिपोर्ट तैयार की। उनसे खाली प्रोफार्मा पर हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में विभाग ने इसे बिजली चोरी का मामला बताते हुए उपभोक्ता पर 1,90,934 रुपये का जुर्माना और कंपाउंडिंग फीस ठोक दी।
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अंबाला सिटी। बिजली चोरी के आरोपों से घिरे उपभोक्ताओं के लिए जिला अदालत ने एक महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति स्पष्ट की है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र मलिक की अदालत ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की अपील की स्वीकार कर ली।
वहीं निचली अदालत (सिविल कोर्ट) के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें एक उपभोक्ता को राहत दी गई थी। अदालत ने साफ किया कि बिजली चोरी (धारा 135) से जुड़े मामलों में सिविल कोर्ट का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। ऐसे मामलों का निपटारा केवल विशेष अदालत ही कर सकती है ।
गांव लंगर छन्नी निवासी लाभ सिंह के मुर्गी फार्म और घर के बिजली कनेक्शन का मीटर सितंबर 2015 में जल गया था।
उपभोक्ता का आरोप था कि जब बिजली विभाग के कर्मचारी नया मीटर लगाने आए तो उन्होंने दुर्भावनापूर्ण तरीके से चेकिंग रिपोर्ट तैयार की। उनसे खाली प्रोफार्मा पर हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में विभाग ने इसे बिजली चोरी का मामला बताते हुए उपभोक्ता पर 1,90,934 रुपये का जुर्माना और कंपाउंडिंग फीस ठोक दी।
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