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एक ब्लड बैंक और तीन स्टोरेज सेंटर बनेंगे
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
Updated Thu, 28 May 2015 01:08 AM IST
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अंबाला कैंट। यदि आपरेशन या किसी आपात स्थिति में ब्लड की जरूरत है, तो इसके लिए आने वाले समय में भागदौड़ कम हो सकती है। कैंट सिविल अस्पताल में जहां ब्लड बैंक देने की तैयारी है, वहीं जिला की तीन सीएचसी से जुड़े करीब 200 गांवों के लिए ब्लड स्टोरेज की तैयारी स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। योजनाएं बेहतर हैं, लेकिन इसके लिए फिलहाल इंतजार करना होगा, जिसके बाद ब्लड के लिए लोगों को पसीना नहीं बहाना होगा।
यह व्यवस्था है ब्लड के लिए
जिला में फिलहाल सरकारी स्तर पर सिविल अस्पताल अंबाला सिटी में ही ब्लड बैंक है, जबकि अंबाला कैंट व नारायाणगढ़ सिविल अस्पतालों में ब्लड स्टोरेज है। इसके अलावा ट्विन सिटी में दो प्राइवेट स्तर पर ब्लड बैंक हैं। इसी तरह आवश्यकता के समय रक्तदाता ही विकल्प बचता है, जबकि ब्लड बैंक से रिप्लेसमेंट के आधार पर ही ब्लड उपलब्ध हो पाता है।
अब यह बन रही है व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग जहां कैंट में ब्लड बैंक खोल रहा है, वहीं तीन सीएचसी में भी ब्लड स्टोरेज शुरू करने जा रहा है।
अंबाला कैंट सिविल अस्पताल
कैंट की करीब दो लाख की आबादी के लिए यह सिविल अस्पताल है, जहां फिलहाल ब्लड स्टोरेज की सुविधा है। अंबाला सिटी सिविल अस्पताल की तर्ज पर ब्लड बैंक खुलेगा। इस में कम से कम तीस महीने का समय लगेगा।
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ऐसे होगा फायदा
कैंट में यदि किसी को ब्लड की आवश्यकता होती है, तो वह सिटी सिविल अस्पताल, कैंट के प्राइवेट ब्लड बैंक पर निर्भर रहता है। उसे कैंट सिविल अस्पताल से ही ब्लड उपलब्ध हो पाएगा। ब्लड के लिए भागदौड़ कम होगी, लेकिन लगभग ढाई साल का इंतजार करना होगा।
दो सौ गांवों के लिए तीन ब्लड स्टोरेज
स्वास्थ्य महकमा करीब दो सौ गांवों के लिए तीन ब्लड स्टोरेज खोलने जा रहा है। यहां पर प्रत्येक स्टोरेज में पंद्रह यूनिट ब्लड उपलब्ध रहेगा।
सीएचसी चौड़मस्तपुर से जुड़े करीब 40 गांवों के लोगों को आपात स्थिति में ब्लड मिलेगा
सीएचसी शहजादपुर से जुड़े करीब 76 गांवों के लोगों को फायदा होगा
सीएचसी मुलाना से जुड़े करीब सौ गांवों को ब्लड के लिए भटकना नहीं होगा
यह कहते हैं लोग
अंबाला के रहने वाले सतिंदर सिंह, आनंद मोहन शुक्ला, सुरजीत सिंह, अजय कुमार, स्नेहपाल धीमान, चंद्र अरोड़ा, हरविंदर सिंह, दीपक कनौजिया का कहना है कि जहां पर भी सर्जन अथवा महिला डाक्टर तैनात हैं, वहां पर ब्लड स्टोरेज तो दिया जाना चाहिए। बेहतर हो कि हर ब्लाक में कम से कम एक ब्लड बैंक खोला जाए।
कैंट में बना था ब्लड बैंक, लेकिन हो गया था रिजेक्ट
अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक के लिए पहले बिल्डिंग बनाई गई थी। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम ने दौरा किया, लेकिन मानक पूरे न होने के कारण इसे रिजेक्ट कर दिया गया। बिल्डिंग का इस्तेमाल फिलहाल लैब टेस्ट के लिए हो रहा है, जबकि ब्लड स्टोरेज की व्यवस्था भी है।
स्वास्थ्य विभाग सीएचसी चौड़मस्तपुर, मुलाना व शहजादपुर में ब्लड स्टोरेज की सुविधा देने जा रहा है। इसके अलावा कैंट के सिविल अस्पताल में भी सिटी के सिविल अस्पताल की तर्ज पर ब्लड बैंक बनाया जाएगा। इससे उन लोगों को फायदा होगा, जिनको विशेष परिस्थितियों में ब्लड की जरूरत होगी।
-डॉ. विनोद गुप्ता, सिविल सर्जन, अंबाला।
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यह व्यवस्था है ब्लड के लिए
जिला में फिलहाल सरकारी स्तर पर सिविल अस्पताल अंबाला सिटी में ही ब्लड बैंक है, जबकि अंबाला कैंट व नारायाणगढ़ सिविल अस्पतालों में ब्लड स्टोरेज है। इसके अलावा ट्विन सिटी में दो प्राइवेट स्तर पर ब्लड बैंक हैं। इसी तरह आवश्यकता के समय रक्तदाता ही विकल्प बचता है, जबकि ब्लड बैंक से रिप्लेसमेंट के आधार पर ही ब्लड उपलब्ध हो पाता है।
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अब यह बन रही है व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग जहां कैंट में ब्लड बैंक खोल रहा है, वहीं तीन सीएचसी में भी ब्लड स्टोरेज शुरू करने जा रहा है।
अंबाला कैंट सिविल अस्पताल
कैंट की करीब दो लाख की आबादी के लिए यह सिविल अस्पताल है, जहां फिलहाल ब्लड स्टोरेज की सुविधा है। अंबाला सिटी सिविल अस्पताल की तर्ज पर ब्लड बैंक खुलेगा। इस में कम से कम तीस महीने का समय लगेगा।
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ऐसे होगा फायदा
कैंट में यदि किसी को ब्लड की आवश्यकता होती है, तो वह सिटी सिविल अस्पताल, कैंट के प्राइवेट ब्लड बैंक पर निर्भर रहता है। उसे कैंट सिविल अस्पताल से ही ब्लड उपलब्ध हो पाएगा। ब्लड के लिए भागदौड़ कम होगी, लेकिन लगभग ढाई साल का इंतजार करना होगा।
दो सौ गांवों के लिए तीन ब्लड स्टोरेज
स्वास्थ्य महकमा करीब दो सौ गांवों के लिए तीन ब्लड स्टोरेज खोलने जा रहा है। यहां पर प्रत्येक स्टोरेज में पंद्रह यूनिट ब्लड उपलब्ध रहेगा।
सीएचसी चौड़मस्तपुर से जुड़े करीब 40 गांवों के लोगों को आपात स्थिति में ब्लड मिलेगा
सीएचसी शहजादपुर से जुड़े करीब 76 गांवों के लोगों को फायदा होगा
सीएचसी मुलाना से जुड़े करीब सौ गांवों को ब्लड के लिए भटकना नहीं होगा
यह कहते हैं लोग
अंबाला के रहने वाले सतिंदर सिंह, आनंद मोहन शुक्ला, सुरजीत सिंह, अजय कुमार, स्नेहपाल धीमान, चंद्र अरोड़ा, हरविंदर सिंह, दीपक कनौजिया का कहना है कि जहां पर भी सर्जन अथवा महिला डाक्टर तैनात हैं, वहां पर ब्लड स्टोरेज तो दिया जाना चाहिए। बेहतर हो कि हर ब्लाक में कम से कम एक ब्लड बैंक खोला जाए।
कैंट में बना था ब्लड बैंक, लेकिन हो गया था रिजेक्ट
अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक के लिए पहले बिल्डिंग बनाई गई थी। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम ने दौरा किया, लेकिन मानक पूरे न होने के कारण इसे रिजेक्ट कर दिया गया। बिल्डिंग का इस्तेमाल फिलहाल लैब टेस्ट के लिए हो रहा है, जबकि ब्लड स्टोरेज की व्यवस्था भी है।
स्वास्थ्य विभाग सीएचसी चौड़मस्तपुर, मुलाना व शहजादपुर में ब्लड स्टोरेज की सुविधा देने जा रहा है। इसके अलावा कैंट के सिविल अस्पताल में भी सिटी के सिविल अस्पताल की तर्ज पर ब्लड बैंक बनाया जाएगा। इससे उन लोगों को फायदा होगा, जिनको विशेष परिस्थितियों में ब्लड की जरूरत होगी।
-डॉ. विनोद गुप्ता, सिविल सर्जन, अंबाला।