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दोहरे हत्याकांड में पंचकूला से एक गिरफ्तार, रेकी करने का है आरोपी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। कालका चौक पर हुए दोहरे हत्याकांड में छठे दिन पुलिस ने पंचकूला सेक्टर-17 की इंदिरा कॉलोनी से एक आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया। उस पर रेकी करने का आरोप है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बदमाशों को जिस मनीष की हत्या करनी थी उसकी वरना कार खराब हो गई थी। इसी कारण वह किसी दूसरी गाड़ी में सवार होकर कोर्ट परिसर से निकल गया था। जबकि मिलते-जुलते नंबरों वाली दूसरी वरना गाड़ी को बदमाशों ने निशाना बना लिया और अनजाने में अपनों को ही मौत के घाट उतार दिया।
दरअसल, आपसी दुश्मनी में भूप्पी राणा (पंजाब के बंबीहा गैंग के सहयोगी) ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य नारायणगढ़ के नया गांव वासी मनीष और मनप्रीत उर्फ मन्नी को मारने के लिए बिसात बिछाई थी, लेकिन गलतफहमी में चंडीगढ़ के मौली जांगरा वासी उसके अपने सहयोगी राहुल उर्फ अन्ना और प्रदीप उर्फ पंजा मारे गए। मामले में गिरफ्तार राकेश को सीआईए-वन ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने उक्त मामले का खुलासा किया है। राकेश पर आरोप है कि उसने वारदात के लिए रेकी की थी।
यूं बनता-बिगड़ता रहा घटनाक्रम
गैंगवार की रंजिश के चलते मनीष और मनप्रीत की हत्या करनी थी। इसके लिए जैतों मंडी के नीरज चस्का, मान और एक अन्य शार्प शूटर को जिम्मेेदारी दी गई थी। उन्हें मनीष की कोर्ट में पेशी की तारीख, चंडीगढ़ नंबर वाली वरना कार का नंबर, जिसके अंत में 20 बताकर भेजा गया था।
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उसी दौरान नकोदर पंजाब से आते समय मनीष की कार खराब हो गई, उसने कार गैराज में खड़ी कर दी और फिर दूसरी कार में पेशी पर आया। शूटरों का टारगेट केवल कार सवार थे। उसी दौरान पेशी पर आए राहुल की चंडीगढ़ नंबर वाली वरना कार का आखिरी नंबर भी 20 ही था। टारगेट मानकर उस पर बदमाशों ने नजर टिका दी। कालका चौक पर स्विफ्ट कार ने बिना किसी शक के कार में सवार युवकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी। वे बेखबर थे कि जिसे मार रहे हैं, वे उनके अपने हैं।
मनीष को ऐसे पता चला कि वह टारगेट था
सूत्रों के मुताबिक राकेश भूप्पी राणा और मनीष लॉरेंस बिश्नोई गैंग का है। दोनों में बातचीत नहीं होती थी। घटना के दिन कोर्ट के पीछे चाय की दुकान पर दोनों आमने-सामने हुए तो राकेश ने मनीष से बात करनी चाही। उसे साथ चलने को कहा तो मनीष वहां से चला गया। थोड़ी देर बाद जब बंबीहा गैंग की पोस्ट में उसे अपना व मनप्रीत का नाम दिखा तब समझ में आया कि असल में वही टारगेट था। पूरा चलचित्र उसके जहन में घूम गया कि राकेश ने उसे कैसे और क्यों बुलाया, क्यों अपने साथ चलने को कहा था।
गैंगवार में हुए दोहरे हत्याकांड में सीआईए-वन ने पंचकूला, इंदिरा कालोनी के राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या की योजना किसी अन्य की थी और गलतफहमी में कोई दूसरा मारा गया। कार नंबरों के मिलते-जुलते होने के कारण गलतफहमी हुई, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया है। रिमांड के दौरान कई और खुलासे होने की उम्मीद है। अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। - हामिद अख्तर, एसपी अंबाला
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अंबाला सिटी। कालका चौक पर हुए दोहरे हत्याकांड में छठे दिन पुलिस ने पंचकूला सेक्टर-17 की इंदिरा कॉलोनी से एक आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया। उस पर रेकी करने का आरोप है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि बदमाशों को जिस मनीष की हत्या करनी थी उसकी वरना कार खराब हो गई थी। इसी कारण वह किसी दूसरी गाड़ी में सवार होकर कोर्ट परिसर से निकल गया था। जबकि मिलते-जुलते नंबरों वाली दूसरी वरना गाड़ी को बदमाशों ने निशाना बना लिया और अनजाने में अपनों को ही मौत के घाट उतार दिया।
दरअसल, आपसी दुश्मनी में भूप्पी राणा (पंजाब के बंबीहा गैंग के सहयोगी) ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य नारायणगढ़ के नया गांव वासी मनीष और मनप्रीत उर्फ मन्नी को मारने के लिए बिसात बिछाई थी, लेकिन गलतफहमी में चंडीगढ़ के मौली जांगरा वासी उसके अपने सहयोगी राहुल उर्फ अन्ना और प्रदीप उर्फ पंजा मारे गए। मामले में गिरफ्तार राकेश को सीआईए-वन ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे चार दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने उक्त मामले का खुलासा किया है। राकेश पर आरोप है कि उसने वारदात के लिए रेकी की थी।
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यूं बनता-बिगड़ता रहा घटनाक्रम
गैंगवार की रंजिश के चलते मनीष और मनप्रीत की हत्या करनी थी। इसके लिए जैतों मंडी के नीरज चस्का, मान और एक अन्य शार्प शूटर को जिम्मेेदारी दी गई थी। उन्हें मनीष की कोर्ट में पेशी की तारीख, चंडीगढ़ नंबर वाली वरना कार का नंबर, जिसके अंत में 20 बताकर भेजा गया था।
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उसी दौरान नकोदर पंजाब से आते समय मनीष की कार खराब हो गई, उसने कार गैराज में खड़ी कर दी और फिर दूसरी कार में पेशी पर आया। शूटरों का टारगेट केवल कार सवार थे। उसी दौरान पेशी पर आए राहुल की चंडीगढ़ नंबर वाली वरना कार का आखिरी नंबर भी 20 ही था। टारगेट मानकर उस पर बदमाशों ने नजर टिका दी। कालका चौक पर स्विफ्ट कार ने बिना किसी शक के कार में सवार युवकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी। वे बेखबर थे कि जिसे मार रहे हैं, वे उनके अपने हैं।
मनीष को ऐसे पता चला कि वह टारगेट था
सूत्रों के मुताबिक राकेश भूप्पी राणा और मनीष लॉरेंस बिश्नोई गैंग का है। दोनों में बातचीत नहीं होती थी। घटना के दिन कोर्ट के पीछे चाय की दुकान पर दोनों आमने-सामने हुए तो राकेश ने मनीष से बात करनी चाही। उसे साथ चलने को कहा तो मनीष वहां से चला गया। थोड़ी देर बाद जब बंबीहा गैंग की पोस्ट में उसे अपना व मनप्रीत का नाम दिखा तब समझ में आया कि असल में वही टारगेट था। पूरा चलचित्र उसके जहन में घूम गया कि राकेश ने उसे कैसे और क्यों बुलाया, क्यों अपने साथ चलने को कहा था।
गैंगवार में हुए दोहरे हत्याकांड में सीआईए-वन ने पंचकूला, इंदिरा कालोनी के राकेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या की योजना किसी अन्य की थी और गलतफहमी में कोई दूसरा मारा गया। कार नंबरों के मिलते-जुलते होने के कारण गलतफहमी हुई, इससे इंकार नहीं किया जा सकता। रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया गया है। रिमांड के दौरान कई और खुलासे होने की उम्मीद है। अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। - हामिद अख्तर, एसपी अंबाला