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फीस और फंड के बकाया पर असमंजस, भड़के अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला
Updated Thu, 24 Jul 2014 12:47 AM IST
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अंबाला कैंट। फीस और फंड का कथित बकाया जमा करवाने के निर्देश पर कैंट एसडी विद्या स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावक भड़क गए हैं।
अभिभावकों के अनुसार बकाये की आड़ में स्कूल प्रबंधन अपनी बढ़ी हुई फीस वसूलना चाहता है, जबकि शिक्षा विभाग ने पहले ही इस पर रोक लगा रखी है। उधर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह सब नियमों के अनुसार किया जा रहा है।
यह है मामला : कैंट एसडी विद्या स्कूल में शिक्षा सत्र के शुरू होने पर फीस को लेकर विवाद हो गया। विवाद डीसी दरबार से होते हुए शिक्षा विभाग के पास पहुंचा। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए कि यदि स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है, तो फीस बढ़ाने के लिए परमिशन लेटर दिखाया जाए, तभी फीस बढ़ाई जा सकती है। यदि स्कूल प्रबंधन ऐसा नहीं करता, तो फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। इसी को लेकर विभाग ने एक लेटर भी जारी किया। इसके बाद अभिभावकों ने पुरानी फीस ही स्कूल में जमा करवा दी। अब गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुले हैं और यह विवाद फिर से खड़ा हो गया है।
यह है स्कूल के निर्देशों में
स्कूल की ओर से 22 जुलाई को विद्यार्थियों के जरिये अभिभावकों को भेजे गए लेटर में कहा गया है कि रिकार्ड चेक करने पर पाया गया है कि फीस और फंड को लेकर बकाया है। यह बकाया जून और जुलाई का है, इसीलिए इसे जल्द जमा कराया जाए।
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अभिभावक होने लगे लामबंद
कई अभिभावकों ने यह लेटर मिलने के बाद आगामी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। अभिभावकों का कहना है कि बकाया की आड़ में स्कूल प्रबंधन अपनी बढ़ी हुई फीस वसूल करना चाहता है। एकमुश्त यह राशि नहीं ली गई, जबकि टुकड़ों में इसे लिया जा रहा है। यह तो सरासर अभिभावकों पर दबाव बनाने की नीति है, जबकि प्रशासन पहले ही बढ़ी फीस न लेने के निर्देश दे चुका है। मनमाने तरीके से बकाया के नाम पर यह राशि जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है। अभिभावक भी अब इस मामले को लेकर बैठक कर आगामी रणनीति बनाने की तैयारी में है। अभिभावकों का कहना है कि यदि इस बार प्रशासन ने सुनवाई नहीं की, तो कड़ा कदम उठाएंगे।
‘बकाया की आड़ में स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। ऐसा हो ही नहीं सकता कि अभिभावक पैसे जमा न करवाएं। अभिभावक एकजुट हैं और इसका विरोध करेंगे।’
अजय गुप्ता, प्रेसिडेंट, अभिभावक एसोसिएशन
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अभिभावकों के अनुसार बकाये की आड़ में स्कूल प्रबंधन अपनी बढ़ी हुई फीस वसूलना चाहता है, जबकि शिक्षा विभाग ने पहले ही इस पर रोक लगा रखी है। उधर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह सब नियमों के अनुसार किया जा रहा है।
यह है मामला : कैंट एसडी विद्या स्कूल में शिक्षा सत्र के शुरू होने पर फीस को लेकर विवाद हो गया। विवाद डीसी दरबार से होते हुए शिक्षा विभाग के पास पहुंचा। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए कि यदि स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है, तो फीस बढ़ाने के लिए परमिशन लेटर दिखाया जाए, तभी फीस बढ़ाई जा सकती है। यदि स्कूल प्रबंधन ऐसा नहीं करता, तो फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। इसी को लेकर विभाग ने एक लेटर भी जारी किया। इसके बाद अभिभावकों ने पुरानी फीस ही स्कूल में जमा करवा दी। अब गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुले हैं और यह विवाद फिर से खड़ा हो गया है।
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यह है स्कूल के निर्देशों में
स्कूल की ओर से 22 जुलाई को विद्यार्थियों के जरिये अभिभावकों को भेजे गए लेटर में कहा गया है कि रिकार्ड चेक करने पर पाया गया है कि फीस और फंड को लेकर बकाया है। यह बकाया जून और जुलाई का है, इसीलिए इसे जल्द जमा कराया जाए।
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अभिभावक होने लगे लामबंद
कई अभिभावकों ने यह लेटर मिलने के बाद आगामी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। अभिभावकों का कहना है कि बकाया की आड़ में स्कूल प्रबंधन अपनी बढ़ी हुई फीस वसूल करना चाहता है। एकमुश्त यह राशि नहीं ली गई, जबकि टुकड़ों में इसे लिया जा रहा है। यह तो सरासर अभिभावकों पर दबाव बनाने की नीति है, जबकि प्रशासन पहले ही बढ़ी फीस न लेने के निर्देश दे चुका है। मनमाने तरीके से बकाया के नाम पर यह राशि जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है। अभिभावक भी अब इस मामले को लेकर बैठक कर आगामी रणनीति बनाने की तैयारी में है। अभिभावकों का कहना है कि यदि इस बार प्रशासन ने सुनवाई नहीं की, तो कड़ा कदम उठाएंगे।
‘बकाया की आड़ में स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। ऐसा हो ही नहीं सकता कि अभिभावक पैसे जमा न करवाएं। अभिभावक एकजुट हैं और इसका विरोध करेंगे।’
अजय गुप्ता, प्रेसिडेंट, अभिभावक एसोसिएशन