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Ambala News: अब हरियाणा, पंजाब में न्यायिक कार्य बंद रखने पर कर रहे विचार

Fri, 29 Aug 2025 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Fri, 29 Aug 2025 02:01 AM IST
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Now they are considering to keep judicial work closed in Haryana and Punjab
अंबाला सिटी। अंबाला बार के अधिवक्ता संजीव मोहन लिभरान के प्रकरण में अधिवक्ताओं की पुलिस से वार्ता न हो पाने के कारण समाधान नहीं निकल सका है। इस मामले में बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अब हरियाणा और पंजाब में न्यायिक कार्य बंद रखने के पर विचार कर रहे हैं। इसको लेकर वीरवार को अधिवक्ताओं के बीच चर्चा भी हुई। अगर ऐसा हुआ तो पुलिस पर भारी दवाब आ सकता है। अधिवक्ताओं ने वीरवार को भी न्यायिक कार्य बंद रखा।
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इस मामले में उम्मीद थी कि पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच वार्ता होगी और कोई हल निकल जाएगा। मगर वार्ता नहीं हो सकी और अधिवक्ताओं का मुद्दा अपने स्थान पर ही अटका हुआ है। अधिवक्ताओं के काम न करने से पक्षकारों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। अधिकांश लंबित मामलों में बहस न होने के कारण केस यथा स्थिति में बने हैं या उन्हें सुनवाई के लिए लंबी तारीखें मिल रही हैं।
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अधिवक्ताओं ने काम बंद कर जताया विरोध

हरियाणा में अधिवक्ताओं ने अभी तक काम बंद कर अपना विरोध दर्ज कराया था। हरियाणा और पंजाब दोनों स्थानों पर अधिवक्ताओं के काम बंद करने से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का काम भी प्रभावित हो सकता है। दरअसल अंबाला पुलिस ने हाल ही में अंबाला बार से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव मोहन लिभरान पर बर्फखाने की जमीन पर कब्जा करने और इसी जमीन पर से बिजली का मीटर हटवाने पर एफआईआर दर्ज की है। इसको लेकर बीते सोमवार से अधिवक्ता काम नहीं कर रहे हैं।
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5500 से अधिक मामले लंबित, चैंबर्स खाली

अधिवक्ताओं के काम बंद होने से अंबाला में लगभग 5500 मामले लंबित हो गए हैं। कोर्ट परिसर के पास बने अधिवक्ताओं के चैंबर्स भी खाली नजर आ रहे थे। जिस प्रकार से लोगों की चहलकदमी कोर्ट परिसर में रहती थी वही भी अभी दिखाई नहीं दी। जमानत पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जेल में भी बंदियों से अधिवक्ता नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में उनकी पेशी व सुनवाई नहीं हो पा रही है। उनकी जमानत और गवाहियां भी नहीं हो रही हैं। मामलों में लंबी तारीखें मिल रही हैं।





इस मामले में अभी तक पुलिस ने एफआईआर रद्द नहीं की है। अब हमने हरियाणा और पंजाब में काम बंद करने के निर्णय पर विचार किया है। अगर पुलिस का यही रवैया रहा तो दोनों राज्यों में अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे। -विकास शर्मा, सचिव, बार एसोसिएशन अंबाला
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