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अब ब्राह्मण माजरा में फैला डेंगू, जांच मशीन खराब

Sun, 01 Nov 2015 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला/अंबाला Updated Sun, 01 Nov 2015 12:41 AM IST
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now another village affected from dengue

जिले में डेंगू के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शहजादपुर के मघ्घपुरा के बाद अब अंबाला कैंट के ब्राह्मण माजरा गांव में डेंगू फैल गया है। इस गांव में करीबन डेढ़ दर्जन मरीज संदिग्ध डेंगू से पीड़ित है, जबकि चार मरीजों को डेंगू बुखार की पुष्टि हो चुकी है।

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दूसरी ओर, जिले में 16 और डेंगू मरीजों की पुष्टि हे चुकी है। जिसके चलते डेंगू बुखार का आंकड़ा  अब 278 तक पहुंच चुका है। इसी लेकर स्वास्थ्य महकमें की चिंताएं बढ़ी हुई है। लेकिन अब सिविल अस्पताल में डेंगू टेस्ट की मशीन भी खराब हो गई है। जिसके चलते कई संदिग्ध डेंगू  मरीजों की जांच रिपोर्ट भी फिलहाल लटकी पड़ी है। शनिवार को सिविल अस्पताल में डेंगू जांच के कई केस पेडिंग ही पड़े रहे। बहराल, अंबाला कैंट और अंबाला सिटी के डेंगू वार्डों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई मरीजों को छुट्टी देकर स्वास्थ्य महकमे ने घर भेज दिया है, लेकिन वे अभी भी उपचाराधीन है।

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मरीजों को ले जा रहे चंडीगढ़

गांव ब्राह्मणमाजरा में भी डेंगू फैल गया है। चार मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जबकि यहां गांव में अभी भी संदिग्ध बुखार के करीबन डेढ़ दर्जन मरीज है। जिसमें महिलाएं, बच्चे व वृद्ध शामिल है। उधर, गांव में इतनी ज्यादा दहशत है कि तीमारदार अपने मरीजों को लेकर सीधे चंडीगढ़ पीजीआई इलाज के लिए ले जा रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि सिविल अस्पतालों में वे कई बार बुखार की दवाई ले चुके हैं। अस्पताल प्रशासन उन्हें बुखार की दवा देकर वापस भेज देता है, लेकिन उसके बावजूद भी मरीजों का बुखार नहीं संभल रहा है। इसलिए वे अपने मरीजों को अब सीधे चंडीगढ़ ले जा रहे हैं। 

गांववासी दीप कुमार, पालो देवी, मुकेश, अजय, सोनू, गुरविंद्र, एकता, लाभ सिंह, बलवीर का कहना है कि पिछले एक माह से गांव में संदिग्ध डेंगू बुखार से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एसे में गांववासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। कुछ मरीजों को डेंगू पाजीटिव भी आ चुका है। उनके अनुसार अभी तक गांव में अभी फोगिंग भी नहीं हुई है, जबकि गांव में गंदगी का भी माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार स्वास्थ्य महकमे को गांव में फॉगिंग व मरीजों की जांच के लिए विशेष कैंप लगावाने को कहा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

उधर, देररात इसी गांव के के दो भाई युवकों को डेंगू के संदिग्ध बुखार की शिकायत होने पर अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल लाया गया। जहां ग्रामीणों ने मरीजों का प्राथमिक उपचार करवाकर चंडीगढ़ रेफर करवा लिया। जानकारी देते हुए दीप कुमार ने बताया कि गांववासी रणवीर व रमेश दोनों भाई है और पिछले काफी दिनों से संदिग्ध डेंगू के बुखार से ग्रस्त चल रहे थे। जिस कारण युवकों को अस्पताल लाया गया था। दूसरी ओर, शनिवार को गांव निवासी एक आर्मी से रिटायर्ड की पत्नी नीतू को डेंगू के संदिग्ध बुखार के कारण मिल्ट्री अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया। परिजनों का कहना है कि बुखार के कारण सभी मरीजों के प्लेट्लेट्स डाउन हो चुके थे। 

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मशीन नहीं दे रही रीडिंग, बुलवाया इंजीनियर

इधर जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पताल प्रशासन के नाकाफी इंतजामातों के चलते मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानियां झेलनी पड़ रही है। अब शनिवार को स्वास्थ्य महकमे की डेंगू के दो टेस्ट करने वाली मशीनों में से एक मशीन खराब हो गई है। जिसके चलते मरीजों के सैंपल शनिवार को यूं ही पेडिंग पड़े रहे। इन सैंपलों की जांच नहीं हो पाई। अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना फिलहाल संबंधित मशीन के इंजीनियर को दे दी है।



डेंगू जांच की एक मशीन खराब है, इसे ठीक कराने के लिए इंजीनियर को बुलवा लिया गया है। डेंगू के मरीजों की संख्या भी फिलहाल 278 पहुंच गई है। अभी तक जिले में डेंगू से एक ही मौत हुई है। इस बुखार को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

-डॉक्टर विनोद गुप्ता, चीफ मेडिकल अफसर, अंबाला


डेंगू से सिर्फ एक ही मौत : सीएमओ 

डेंगू से सिर्फ एक ही मौत : सीएमओ

अंबाला सिटी। सिविल सर्जन डॉक्टर विनोद गुप्ता ने जिले की जनता से अनुरोध किया है कि वह डेंगू रोग से घबराने की बजाए सिविल अस्पताल में इसकी जांच करवाएं और इसके इलाज की सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी निजी अस्पताल डेंगू के केस की पुष्टि करने के लिए अधिकृत नही है और केवल सिविल अस्पताल व सरकारी अस्पताल ही इसकी पुष्टि कर सकता है। अब तक जिला में केवल एक मरीज की डेंगू के कारण मृत्यु हुई है और शेष मामलों में मृत्यु का कारण डेंगू नहीं है। रेपिड डाइग्नोस्टिक टेस्ट किट के आधार पर ही किसी मरीज को डेंगू पीड़ित घोषित नहीं किया जा सकता है। ऐसे रोगी का सैम्पल लेकर सैंटिनल सर्वेलैंस अस्पताल अम्बाला शहर में एलाइजा टैस्ट करवाना जरूरी है और इस टेस्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि संभव है।

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