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Ambala News: बस अड्डे पर आग से बचाव के नहीं प्रबंध, सुरक्षा से खिलवाड़
Sun, 14 Dec 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 14 Dec 2025 12:44 AM IST
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शहर के सुषमा स्वराज बस अड्डा परिसर में लगे होज बॉक्स से गायब होज पाइप। संवाद
अंबाला सिटी। सुषमा स्वराज बस अड्डे पर आग से बचाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बस अड्डा परिसर में आग बुझाने के लिए लगाए गए होज बॉक्स से होज पाइप गायब हैं। ऐसे में अगर हादसा हो जाता है, तो इससे निपटने में कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी और जानमाल का नुकसान होने का डर रहेगा। ऐसे में विषम परिस्थिति के दौरान रोडवेज को पूरी तरह से अग्निशमन वाहनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। जबकि बस स्टैंड निर्माण के दौरान लगाए गए लाखों रुपये उपकरण अभी भी अधूरे पड़े हैं। सुषमा स्वराज बस अड्डा परिसर में अलग अलग स्थानों पर पांच होज बॉक्स लगे हुए हैं और इन पांचों होज बॉक्स में होज पाइप नहीं हैं। इन होज पाइप को आज तक होज बॉक्स में लगाया ही नहीं गया।
दो विभागों में तालमेल की कमी
अंबाला सिटी के बस अड्डे का निर्माण लगभग पांच साल पहले हुआ था। लेकिन इस दौरान न तो रोडवेज प्रबंधन ने इस खामी को दूर करने का प्रयास किया ओर न ही लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज भी आग बुझाने के लिए बनाए गए होज बॉक्स खाली पडे़ हैं। जो कि आग बुझाने की व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं। अंबाला सिटी के सुषमा स्वराज बस अड्डे का निर्माण कार्य वर्ष 2020 में शुरू हुआ था जो दो साल में इसका निर्माण कार्य पूरा किया गया था। बस अड्डे के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और इसका निर्माण लोक निर्माण विभाग ने किया था। बस अड्डे पर यात्री सुविधाओं के तहत खानपान की सुविधा, शौचालय, विश्राम गृह और वाहन पार्किंग की सुविधा है।
300 बसों का होता है आगमन
सुषमा स्वराज बस अड्डे पर मौजूदा समय में 300 से अधिक बसों को आवागमन होता है। इसमें हरियाणा रोडवेज के अलावा पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, सीटीयू, हिमाचल रोडवेज सहित सहकारी बसों का आवागमन होता है। इस बस अड्डे पर रोजाना लगभग पांच से सात हजार यात्री अलग अलग गंतव्य अड्डों के लिए बसें लेते हैं।
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मामला संज्ञान में आया है। बस अड्डे पर जो खामी होगी दूर करवा दी जाएगी।
- रितेश अग्रवाल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, अंबाला छावनी
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दो विभागों में तालमेल की कमी
अंबाला सिटी के बस अड्डे का निर्माण लगभग पांच साल पहले हुआ था। लेकिन इस दौरान न तो रोडवेज प्रबंधन ने इस खामी को दूर करने का प्रयास किया ओर न ही लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार ने इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। इतना लंबा समय बीत जाने के बाद भी आज भी आग बुझाने के लिए बनाए गए होज बॉक्स खाली पडे़ हैं। जो कि आग बुझाने की व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं। अंबाला सिटी के सुषमा स्वराज बस अड्डे का निर्माण कार्य वर्ष 2020 में शुरू हुआ था जो दो साल में इसका निर्माण कार्य पूरा किया गया था। बस अड्डे के निर्माण पर लगभग 18 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और इसका निर्माण लोक निर्माण विभाग ने किया था। बस अड्डे पर यात्री सुविधाओं के तहत खानपान की सुविधा, शौचालय, विश्राम गृह और वाहन पार्किंग की सुविधा है।
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300 बसों का होता है आगमन
सुषमा स्वराज बस अड्डे पर मौजूदा समय में 300 से अधिक बसों को आवागमन होता है। इसमें हरियाणा रोडवेज के अलावा पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान, सीटीयू, हिमाचल रोडवेज सहित सहकारी बसों का आवागमन होता है। इस बस अड्डे पर रोजाना लगभग पांच से सात हजार यात्री अलग अलग गंतव्य अड्डों के लिए बसें लेते हैं।
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मामला संज्ञान में आया है। बस अड्डे पर जो खामी होगी दूर करवा दी जाएगी।
- रितेश अग्रवाल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, अंबाला छावनी