फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   no ambulance, no sample avliable

न एंबुलेंस मिली न सैंपल लिया, मरीजाें का हंगामा

Wed, 08 Feb 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट।
अमर उजाला ब्यूरो/अंबाला कैंट। Updated Wed, 08 Feb 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
सिविल अस्पताल कैंट में मंगलवार को एक रेफर किया गया मरीज एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण दर्द से कराहता रहा। इस पर मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। कुछ ऐसा ही सिविल अस्पताल कैंट की लैब के बाहर हुआ, जब ब्लड सैंपल यह कहते हुए लेने से इनकार कर दिया गया कि वे वीआईपी ड्यूटी पर जा रहे हैं। इसी पर भड़के लोगों ने सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं को कोसा।
विज्ञापन


मामला नंबर एक

जगाधरी हाईवे स्थित खुड्डा के निकट दो वाहनों में टक्कर हो गई। वहां से लहूलुहान हालत में घायलों को कैंट सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद डॉक्टर ने पहले एक व्यक्ति की बिगड़ती हालत को देखते हुए चंडीगढ़ भेज दिया। जैसे ही उन्होंने दूसरे व्यक्ति की बिगड़ती हालत को देखते हुए रेफर किया और परिजनों से एंबुलेंस लाने की बात कही तो कहीं नहीं मिली। लगभग आधे घंटे तक उनको एंबुलेंस ही नहीं मिली। इस पर मरीज के परिजन भड़क गए और उन्होंने हंगामा कर दिया। मरीज के पिता ने कहा कि अस्पताल पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं, लेकिन मरीज को राहत देने के लिए व्यवस्था नहीं हैं। इस हादसे में इरफान व आशू गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनको चिकित्सकों ने रेफर किया था। एक मरीज को तो एंबुलेंस तुरंत ही चंडीगढ़ ले गई। दूसरे मरीज को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस हादसे में घायल एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद अब्दुल्ल सलाम सिविल अस्पताल में दाखिल है, जबकि पुलिस कार्रवाई जारी है।
विज्ञापन


मामला नंबर दो

सैंपल लेने से मना करने पर भड़के मरीज
नई ओपीडी कांप्लेक्स में लैब में अचानक मरीजों के ब्लड सैंपल लेने से इनकार कर दिया गया तो मरीज भड़क गए। डॉक्टरों ने मरीजों को ब्लड टेस्ट रिपोर्ट लाने को कहा। यह मरीज लैब में पहुंचे और अपनी बारी का इंतजार करने लगे। इसी बीच लैब में यह कहते हुए सैंपल लेने से इनकार कर दिया कि उन्हें वीआईपी ड्यूटी पर जाना है। इस पर मरीज भड़क गए। मरीजों ने कहा कि यदि वीआईपी ड्यूटी आई है, तो इस में उनका क्या कसूर है। विभाग को इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि मरीज तो परेशान न हो। इसके बाद मरीज पुरानी लैब में पहुंचे, जहां पर पूछा, लेकिन कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। गवर्नर पासिंग के लिए वीआईपी ड्यूटी तो लगाई गई थी। अस्पताल में उसकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। यदि मरीजों को किसी तरह की परेशानी हुई है तो जांच की जाएगी।
- डॉ. सतीश, एसएमओ, सिविल अस्पताल अंबाला कैंट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed