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Ambala News: नवजात और मां को पानी से बाहर निकाला
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अंबाला। टांगरी नदी में आई बाढ़ ने टांगरी नदी के साथ लगती दर्जनों कॉलोनियों को चपेट में ले लिया और कॉलोनियां पूरी तरह से जलमग्न हो गई। कई लोग समय रहते बाहर निकल गए। जो लोग घरों से बाहर नहीं निकले वह अपने अपने घरों ही फंस गए।
न्यू शक्ति नगर निवासी विश्राम ने बताया कि अप्रैल से वह कॉलोनी में रह रहा है, घर में पत्नी सुमन और चार किशोर है। इसमें गौरी, सोनम, गुंजन है जबकि एक लड़की 20 जून हो हुई थी। शुक्रवार से हो रही बरसात के कारण शनिवार को टांगरी नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया था और पानी धीरे-धीरे कॉलोनी की सड़कों पर जमा होने लगा था और देखते ही देखते पानी का स्तर कमर तक हो गया।
फिर पानी घर में घुसने लगा और दो फीट तक पानी जमा हो गया। इसके बाद वह तीनों बच्चों के लिए टांगरी बांध पर लेकर गया था, लेकिन पानी एकदम से घर में और भर गया था। इसके बाद पड़ोसियों ने उसकी पत्नी सुमन और 20 दिन की नवजात बच्ची को बड़ी मुश्किल से कमरे से बाहर निकाला। अन्य पड़ोसियों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पानी के बीच से हाेते हुए धीरे-धीरे वह टांगरी बांध पर पहुंच गए थे। दो-तीन दिन तो विश्राम ने जैसे-तैसे परिवार के साथ टांगरी बांध कि किनारे गुजार लिए, लेकिन नवजात बच्ची को देखते हुए उसने बीडी फ्लोर मिल स्थित हरिनगर में 3500 रुपये महीना किराये पर मकान लिया था। बाढ़ के पानी के कारण घर में रखा बैड, टीवी, कपड़े अलमारी व अन्य घरेलू सामान खराब हो गया या फिर पानी में बह गया।
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घर में पानी घुसा तो रिश्तेदारी में लेने पड़ी शरण
वेदप्रकाश ने बताया कि वह अपनी पत्नी सुशीला और बेटा अमित के साथ डेढ़ साल से शिवपुरी कॉलोनी में रह रहा है, और ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा चलाता है। टांगरी नदी में आई बाढ़ के कारण उसके घर में पांच फीट तक पानी जमा हो गया और घर के बारह खड़ी ई-रिक्शा पानी में डूब गया। खाने को कोई साधन नहीं था तो वह परिवार के लिए रिश्तेदारी में चंडीगढ़ चला गया। एक हफ्ते बाद वापस आये और घर में जमा कीचड़ निकाल रहे हैं।
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न्यू शक्ति नगर निवासी विश्राम ने बताया कि अप्रैल से वह कॉलोनी में रह रहा है, घर में पत्नी सुमन और चार किशोर है। इसमें गौरी, सोनम, गुंजन है जबकि एक लड़की 20 जून हो हुई थी। शुक्रवार से हो रही बरसात के कारण शनिवार को टांगरी नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया था और पानी धीरे-धीरे कॉलोनी की सड़कों पर जमा होने लगा था और देखते ही देखते पानी का स्तर कमर तक हो गया।
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फिर पानी घर में घुसने लगा और दो फीट तक पानी जमा हो गया। इसके बाद वह तीनों बच्चों के लिए टांगरी बांध पर लेकर गया था, लेकिन पानी एकदम से घर में और भर गया था। इसके बाद पड़ोसियों ने उसकी पत्नी सुमन और 20 दिन की नवजात बच्ची को बड़ी मुश्किल से कमरे से बाहर निकाला। अन्य पड़ोसियों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पानी के बीच से हाेते हुए धीरे-धीरे वह टांगरी बांध पर पहुंच गए थे। दो-तीन दिन तो विश्राम ने जैसे-तैसे परिवार के साथ टांगरी बांध कि किनारे गुजार लिए, लेकिन नवजात बच्ची को देखते हुए उसने बीडी फ्लोर मिल स्थित हरिनगर में 3500 रुपये महीना किराये पर मकान लिया था। बाढ़ के पानी के कारण घर में रखा बैड, टीवी, कपड़े अलमारी व अन्य घरेलू सामान खराब हो गया या फिर पानी में बह गया।
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घर में पानी घुसा तो रिश्तेदारी में लेने पड़ी शरण
वेदप्रकाश ने बताया कि वह अपनी पत्नी सुशीला और बेटा अमित के साथ डेढ़ साल से शिवपुरी कॉलोनी में रह रहा है, और ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा चलाता है। टांगरी नदी में आई बाढ़ के कारण उसके घर में पांच फीट तक पानी जमा हो गया और घर के बारह खड़ी ई-रिक्शा पानी में डूब गया। खाने को कोई साधन नहीं था तो वह परिवार के लिए रिश्तेदारी में चंडीगढ़ चला गया। एक हफ्ते बाद वापस आये और घर में जमा कीचड़ निकाल रहे हैं।