{"_id":"58c1a5b34f1c1b5e3ddc6760","slug":"new-buses-will-run-on-twelve-routes-get-relief-ambala","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारह रूटों पर चलेंगी नई बसें, मिलेगी राहत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारह रूटों पर चलेंगी नई बसें, मिलेगी राहत
कुलदीप चहल/अमर उजाला अंबाला
Updated Fri, 10 Mar 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
बसें
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश भर के 273 रूटों पर जहां निजी बसों को उतारने की तैयारी है, वहीं अंबाला के बारह रूटों पर नई बसें दौड़ेंगी। अंबाला के यह रूट ग्रामीण हैं, जबकि इन रूटों पर आने वाले गांवों के लोगों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ महीनों में ही यह बसें ऑन रूट हो सकती हैं। सरकार की स्टेज कैरिज स्कीम के तहत दिए गए यह रूट आरटीए के माध्यम से कंट्रोल होंगे। खास बात है कि यह बसें बीएस-4 श्रेणी की होनी चाहिए, जिनकी सिटिंग कैपेसिटी कम से कम 32 होनी चाहिए।
विज्ञापन
यह है स्थिति अंबाला में
अंबाला में छह ब्लाक के अरबन एरिया के साथ ग्रामीण इलाका काफी बड़ा है। जिला अंबाला में करीब 430 गांव हैं, जबकि रोडवेज बसों की संख्या लगभग 210 (अंबाला व नारायणगढ़ सब डिपो समेत) है। इसके साथ ही 52 बसें परिवहन समिति की सड़कों पर दौड़ रही हैं। इसी तरह जिला भर में लगभग 2200 के करीब (आटो रिक्शा, मैक्सी कैब आदि) पैसेंजर व्हीकल हैं, जो सवारियों को अपने गंतव्य तक पहुंचा रहे हैं। परिवहन के मामले में जिला अंबाला में सबसे बुरी स्थिति ग्रामीण इलाकों की है, जहां पर बसों की संख्या काफी कम है। कई गांवों में तो दिन भर में बस मात्र एक से दो चक्कर ही लगाती है, जिसके कारण इन रूटों पर प्राइवेट पैसेंजर व्हीकल ज्यादा चल रहे हैं।
विज्ञापन
इन रूटों पर दिए जाएंगे परमिट
1. अंबाला सिटी से पेहोवा वाया मटेहड़ी, नग्गल, ठोल, इस्माइलाबाद।
2. अंबाला सिटी से नारायणगढ़ वाया अंबाला कैंट, खुड्डा, साहा, शहजादपुर।
3. अंबाला सिटी से सढौरा वाया साहा, मुलाना, दोसड़का।
4. अंबाला सिटी से नारायणगढ़ वाया बलदेव नगर, पंजोखरा, शहजादपुर।
5. अंबाला सिटी से जगाधरी वाया साहा, मुलाना, दोसड़का।
6. अंबाला कैंट से सढौरा वाया साहा, मुलाना, दोसड़का।
7. नारायणगढ़ से यमुनानगर वाया कालाअंब, सढौरा, बिलासपुर, रामखेड़ी, जगाधरी।
8. अंबाला सिटी से लाडवा वाया अंबाला कैंट, शाहाबाद, बाबैन।
9. अंबाला सिटी से पीपली वाया अंबाला कैंट, शाहाबाद।
10. अंबाला सिटी से रायपुररानी वाया मनगा टबरा।
11. अंबाला सिटी से जाखवाला वाया इस्माइलाबाद।
12. अंबाला सिटी से जंधेड़ी वाया इस्माइलाबाद।
एक रूट पर जितनी चाहें बसें चलाएं
इन रूटों पर सवारियां काफी अधिक हैं, जबकि बसों की संख्या सरकार द्वारा निर्धारित नहीं की गई है। इन रूटों पर एक या इससे अधिक बसें भी चल सकती हैं। ऐसे में इन रूटों पर पड़ने वाली सवारियों के लिए फायदा होगा और उनको बसों की उपलब्धता काफी आसानी से होगी। इसका सीधा फायदा रोजमर्रा के काम से अप एंड डाउन करने वाले लोगों, विद्यार्थियों को होगा। अभी तक बसों की संख्या ज्यादा न होने के कारण यह सभी काफी परेशानियां झेल रहे थे।
विज्ञापन
यह है दिशा निर्देश
इन रूटों पर बसों को चलाने के लिए सरकार द्वारा कुछ नियम निर्धारित किए हैं। इसके तहत पांच साल के लिए परमिट दिया जाएगा, जबकि इसके बाद रूट पर परफॉरमेंस के आधार पर इसे रिन्यू किया जाएगा। साथ ही बस में सिटिंग कैपेसिटी भी कम से कम 32 होनी चाहिए, आफर लेटर जारी होने के 90 दिनों के भीतर आपरेटर को बस रूट पर चलानी होगी। परमिट होल्डर को बस पर अपना नाम व पता प्रदर्शित करना होगा। इसके साथ ही परिवहन विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों की पालना भी करनी होगी। आरटीए विभाग द्वारा 36 बिंदुओं के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिनकी पालना परमिट होल्डर को करनी होगी।
यह कहती है जनता
सरकार यदि प्राइवेट बसों को रूट अलाट करती है, तो अच्छा है, लेकिन इसके साथ ही लंबे रूट पर भी तो परमिट दे। यदि लंबे रूट पर परमिट मिलते हैं, तो इससे जनता का और फायदा होगा और परिवहन व्यवस्था में भी सुधार होगा।
- आनंद मोहन शुक्ला, अंबाला कैंट
सबसे बुरे हालात गांवों में हैं, जहां पर परिवहन व्यवस्था के कारण काफी दिक्कतें हैं। अब सरकार द्वारा रूटों पर नई बसों को उतारा जा रहा है, जिससे जनता को आसानी होगी। सरकार का यह कदम जनता के हित में है और इसका फायदा काफी होगा।
- मलकीत सिंह, गांव मोहड़ी
जिन रूटों पर बसों को उतारा जा रहा है, उससे आम जनता का काफी फायदा होगा। बसों की संख्या बढ़ेगी, जिससे यात्रियां को भी आसानी होगी। सबसे ज्यादा विद्यार्थियों को इससे लाभ होगा, जो बसों की संख्या कम होने के कारण काफी परेशान रहते हैं।
- मिश्री लाल, गांव खुड्डा
सरकार की पालिसी के तहत बारह रूटों पर नए परमिट जारी किए जाने हैं। इसके लिए आवेदन मांगने शुरू किए गए हैं। एक रूट पर एक से ज्यादा बसें भी चल सकती है, जबकि कोई संख्या निर्धारित नहीं है। अभी आवेदन कोई नहीं आया, जबकि जैसे ही आवेदन आते हैं, तो पूरी प्रक्रिया को अपनाते हुए रूट परमिट जारी किया जाएगा।
- सतीश कुमार, आरटीए सचिव अंबाला